27.5.26

ब्रहमाणी माता मंदिर अंतरालिया :जहां गूँजती है श्रद्धा की घंटियां वहाँ आलोकजी का दिव्य योगदान:Brahmani Mata Temple Antaraliya

 

काव्यात्मक विवरण

अंतरालिया ग्राम की पावन धरा, चम्बल तट पर बसी सुनहरी गाथा। भानपुरा-बाबुल्दा से जुड़ी राहें, ले जातीं ब्रह्माणी माता के दरबार में।

मंदिर की शोभा रंग-रोगन से निखरी, भक्तों की आस्था यहाँ सदा बिखरी। राजू सोलंकी टेलर ने किया निवेदन, “बैठक सुविधा हो भक्तों के जीवन।”

समाजसेवी डॉ. दयाराम आलोक ने निभाया व्रत, दान-पथ पर बढ़ाया सेवा का रथ। राम दयाल पाटीदार समिति के प्रमुख, संभाले प्रबंधन, रहे मंदिर के सजग।

दान की परंपरा, सेवा का विस्तार, मंदसौर की धरती पर आलोक का उपहार। आध्यात्मिक पथ पर चलती यह ज्योति, भक्तों के लिए बनी बेंचें, सुख-सुविधा की होती।

श्लोक-

अंतरालियाग्रामे ब्रह्माण्यमाता प्रतिष्ठिता । राजुसोलंकीप्रार्थना, भक्तानां सुखसाधिका ॥ दयाराम आलोकस्य दानपथो महान् शुभः । रामदयालपाटीदारः समित्याः धर्मपालकः ॥


 मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील का एक ग्राम है -  अंतरालिया 

यह गाँव  चम्बल नदी के समीप है। 

भानपूरा और बाबुल्दा से  अंतरालिया  जाने के लिए पक्की सड़क  है। 

यहाँ का ब्रहमाणी माता का मंदिर प्रसिद्ध है। 

मंदिर की बनावट और रंग रोगन उच्च कोटि  का है। 

गाँव के राजू भाई  सोलंकी टेलर ने इस मंदिर के लिए बेंचों की सुविधा  के लिए अनुरोध किया .

डॉ .दयाराम जी आलोक ने  भक्तों को सुविधा और सम्मान के लिए बेंचों की व्यवस्था कर दी है। 

राम दयाल जी पाटीदार  समिति के प्रमुख हैं। 


समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक






शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

 


अंतरालिया के ब्रहमाणी मंदिर
भक्तों के लिए बेंच व्यवस्था  

Antraliya ka brhmani mandir 



अंतरालिया के ब्रहमाणी मंदिर मे बेंच लगीं 11/11/2022

राजू सोलंकी टेलर 85179-23890 अंतरालिया का सुझाव 

मंदिर प्रबंधक राम दयाल जी पाटीदार 97557-47790 हैं 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल  98267-95656  शामगढ़ द्वारा  ब्रहमानी माता मंदिर अंतरालिया  हेतु दान सम्पन्न 11/11/2022


Dudhakhedi Mata Mandir Barkheda Gangasa: जहां सजता है माता का दरबार वहाँ बेंच का दिव्य योगदान :भक्तों को सुविधा सम्मान

 काव्यात्मक वर्णन

बरखेड़ा गांगासा ग्राम में, दूधाखेड़ी माता का धाम। श्रद्धा से झुकते जनमन, मिलता जीवन का वरदान।

सर्पदंश पीड़ित पाते, माता की कृपा से प्राण। भंडारे की गूँज निरंतर, भक्तों का होता कल्याण।

प्रांगण विशाल, शेड सुशोभित, सेवा का अद्भुत आयोजन। बदरीलाल जी फरक्या की, प्रबंधन में विशेष भूमिका सदा अमूल्य योगदान।

समाजसेवी आलोक जी ने, पाँच बेंचें दान कीं। भक्तों की सुविधा हेतु, श्रद्धा की ज्योति प्रज्वलित कीं।

दान-पट्ट अंकित हुआ, प्रेरणा का दीप जलाया। माँ नागणेचिया के आशीष से, आध्यात्मिक दान-पथ अपनाया

श्लोक 

बरखेड़ा ग्रामे प्रतिष्ठितं, दूधाखेड़ी मातामन्दिरम्। सर्पदंशे कृपां दत्त्वा, जनजीवनं पुनः प्रदम्॥ भंडारैः भक्तजनानां, सेवा सततं प्रवर्तते। फरक्या बदरीलालस्य, प्रबंधनं यशः वर्धते॥ पञ्च सिमेन्टबेंच दत्ताः, आलोकस्य कृपान्विताः। दानपथेन यशोदीपः, समाजे नित्यं दीप्यते॥

मंदसौर जिले  की तहसील गरोठ का ग्राम बरखेड़ा गाँगासा 

यहाँ का दूधाखेड़ी माता का मंदिर लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। 

सर्पदंश पीड़ित लोगों को जीवन दान मिलता है  माता  की कृपा  से। 

प्रतिवर्ष हजारों लोगों का भंडारा आयोजन होता है। 

मंदिर के संरक्षक और प्रबंधक बदरीलाल जी फरक्या  की विशेष भूमिका रहती है। राय 

मंदिर का प्रांगण विशाल है। चद्दर के विशाल शेड मे लोग भंडारा  का लाभ लेते हैं । 

फरक्या जी ने भक्तों के लिए बेंच व्यवस्था का अनुरोध किया। 

शामगढ़ के समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक ने 5 सिमेन्ट की बेंचें  दान कीं 

समिति ने अन्य समर्थ लोगों को दान के लिए प्रेरित करने हेतु  दान दाता  का दान पट्ट  मंदिर मे स्थापित किया । 



 मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक




शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान- पथ

 कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम आलोकजी  राजस्थान और मध्यप्रदेश के  आगर,मंदसौर,नीमच ,झालावाड़ ,कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्ति धाम में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 आलोकजी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . इसमे वो राशि भी शामिल है जो  आपको  google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| आपकी  ६ वेबसाईट पर google  विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% आपको मिलता है|  समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.


 

 

माँ दूधाखेड़ी मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु 
 5 सिमेन्ट बेंच भेंट 

अंकितजी ने नेम प्लेट लगाकर फोटो भेजा 
माँ दूधाखेड़ी मंदिर बरखेड़ा का चित्र
Dudhakhedi mata mandir bench donation   8/9/2022
बरखेड़ा गांगासा के दुधाखेड़ी माताजी के मंदिर का विडियो 
बरखेड़ा गांगासा की माँ दुधाखेड़ी के मंदिर मे बेंच लगीं 8/9/2022

अंकित जी फरक्या 84589-54116 का सहयोग 

बदरीलाल  परमार टेलर  82694-40534 का सुझाव 

बद्री लाल जी फरक्या 99260-43873 मंदिर प्रबंधन के अध्यक्ष हैं.

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल   98267-95656,शामगढ़   द्वारा दूधाखेड़ी माताजी  मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु दान सम्पन्न 

Shiv Hanuman Mandir Luka Ka Kheda: देवालय है पावन धाम :आलोक जी का दिव्य योगदान :भक्तों को सुविधा सम्मान

 

✍️ काव्यात्मक विवरण

लुका का खेड़ा ग्राम पावन, शिव-हनुमान मंदिर का धाम। प्रतिमाएँ मनमोहक शोभित, भक्तों के मन में जगाती विश्वास तमाम।

तूफान सिंह जी की प्रेरणा, दान हेतु उठी पुकार। गोरधनजी टेलर का सहयोग, समाजसेवा का अद्भुत विस्तार।

डॉ. आलोक का पुण्य योगदान, तीन बेंचें संग नकद दान। उमराव सिंह जी के खाते पहुँची, भक्ति-सेवा की अनुपम पहचान।

शिलालेख में अंकित नाम, समर्पण का उज्ज्वल आयाम। बसों से पहुँचना सुगम यहाँ, गरोठ-शामगढ़ से खुला मार्ग महान।

श्लोक-

दानं धर्मस्य मूलं हि,  

सेवा लोकहिताय च।  

तूफान-गोरधन-संयुक्तं,  

आलोकस्य कृपा सदा॥  


मंदसौर  जिले की गरोठ तहसील का ग्राम लुका का खेड़ा 

ग्राम मे स्थित शिव हनुमान मदिर सनातन  धर्मावलंबियों का आस्था- केंद्र है 

मंदिर मे भगवान शिव और हनुमान जी  कि आकर्षक प्रतिमाएं देखते ही बनती है। 

मंदिर प्रबंधक तूफान सिग जी ने भक्तों के लिए बैंच व्यवस्था का अनुरोध किया  

समाज सेवी डॉ  दयाराम जी आलोक  ने  उमराव सिंगजी केअकाउंट मे 1500/-  phonepe  किए और  3 सिमेन्ट बैच का दिव्य योगदान किया । 

मंदिर प्रबंधक जी ने अन्य समर्थ जन को दान के लिए प्रेरित करने के भाव से दान दाता  का दान पट्ट स्थापित किया 

मंदिर पहुँचने के लिए गरोठ और शामगढ़ से बसें  उपलब्ध रहती हैं । 

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक




शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान- पथ

 कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम आलोकजी  राजस्थान और मध्यप्रदेश के  आगर,मंदसौर,नीमच ,झालावाड़ ,कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्ति धाम में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 आलोकजी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . इसमे वो राशि भी शामिल है जो  आपको  google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| आपकी  ६ वेबसाईट पर google  विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% आपको मिलता है|  समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.


 

 

 शिव -हनुमान मंदिर ,लूका का खेड़ा
3 cement bench+1500/ दान 


शिलालेख लगाया 


Shiv Hanuman Mandir ke liye 200/-+1300=1500/-ka payment kiya 12/2/2023 





तुफान सिंग जी 88890-34253  की  सक्रियता

उमराव सिंग जी चौहान 78794-97915 के खाते मे दान की राशि फोन पे की 

गोर्धन जी पंवार 88270-3375 का सुझाव

मन्दिर के लिए पावटी से जा सकते  हैं |गरोठ से बस भी मिलती है|

 डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656  शामगढ़  शिव हनुमान मन्दिर लुका का खेडा  हेतु दान सम्पन्न १६/२/२०२३ 

कालेश्वर धाम खाईखेड़ा :जहां होता है सर्पदंश मुक्ति अनुष्ठान वहाँ आलोकजी का दिव्य योगदान :भक्तों को सुविधा सम्मान :Kaleshwar Khaikheda

कालेश्वर धाम खाईखेड़ा

का

काव्यात्मक विवरण

*खाईखेड़ा ग्राम का गौरव, कालेश्वर धाम महान, सर्पदंशित जन की रक्षा, करता प्रभु भगवान। नाग देवता की प्रतिमा, मंदिर में शोभित है, आस्था का केंद्र बना, श्रद्धा से पूजित है।

शिव प्रिय नाग देवता, धरती के आधार, नाग पंचमी पर होती, पूजा अपार। सावन मास में भक्तजन, शिव‑नाग का ध्यान करें, मनोवांछित फल पाकर, जीवन में सुख भरें।

दानपथ पर अग्रसर, डॉ. दयाराम आलोक महान, पेंशन अर्पित कर रहे, जनसेवा का अभियान। डॉ. कृपाल सिंह खाईखेड़ा, मंदिर के शुभचिंतक, चरण सिंहजी चौहान, सहयोगी सत्पथिक।

श्याम सिंहजी सरपंच साब, ग्राम का नेतृत्व संभालें, जनहित के कार्यों से, गाँव को उज्ज्वल बनालें। डॉ. अनिल दामोदर का योगदान, बेंचों से सुविधा बढ़ी, आलोकित हुआ मंदिर प्रांगण, श्रद्धा की ज्योति जगी।**

📜 संस्कृत श्लोक

**ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि। तन्नो नागः प्रचोदयात्॥

ॐ नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि। तन्नो सर्पः प्रचोदयात्॥

दयाराम आलोकः समाजसेवा‑रतः सदा, कृपालसिंहः शुभचिन्तकः, धर्ममार्गे स्थितः।

चरणसिंहः सहयोगी, ग्रामहिते समर्पितः, श्यामसिंहः सरपंचः, जनकल्याणे प्रवर्तकः॥

अनिलदामोदरः भक्तानां, सुविधा‑दानकर्ता। कालेश्वरधामे सर्वे, पुण्यकर्मे प्रतिष्ठिताः॥**


मंदसौर जिले का एक ग्राम खाईखेड़ा 
यहाँ का कालेश्वर मंदिर  लोगों की आस्था का केंद्र बिन्दु है। 
सर्प दंशित लोगों के प्राण रक्षा के लिए जाना जाता है। 
मंदिर की बनावट बहुत आकर्षक है जिसमे नाग देवता की प्रतिमा विराजित है। 
मंदसौर जिले के अंतर्गत शामगढ़ नगर से १० किलोमीटर के फासले पर स्थित है ग्राम खाईखेडा .इस गाँव का कालेश्वर भगवान का मंदिर अपने चमत्कारी प्रभाव के लिए जाना जाता है. यहाँ सर्प काटे व्यक्तियों का जीवन बचाने का ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।। ॐ नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात्।।नाग देव को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है. कहा जाता है कि नाग के फन पर ही धरती टिकी हुई है. नाग पंचमी का दिन नाग देवता की पूजा के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है नाग देवता की पूजा करने से जीवन में प्राप्त होते हैं मनोवांछित फल व अध्यात्मिक शांति पंचांग के मुताबिक हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पांचवीं तिथि को नाग पंचमी पर्व मनाते हैं। ये दिन पूरी तरह भगवान शिव के प्रिय नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित होता है। सावन माह का पूरे महीने भगवान शिव की पूजा की जाती है। . गाँव के सरपंच श्री पडिहार ने समाज सेवी दानदाता डॉ.दयाराम जी आलोक से मंदिर हेतु बेंचें दान करने काअनुरोध किया. दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ ९८२६७९५६५६ के माध्यम से डॉ.अनिल जी दामोदर की तरफ से ४ सीमेंट की बेंचें ११/२/२०२४ को मंदिर के परिसर में लगवा दी गई हैं. अब बैठक व्यवस्था ठीक हो गई है
.
समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

 
आध्यात्मिक दान -पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा:
उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
श्री कालेश्वर मंदिर खाईखेड़ा हेतु 

4 सिमेन्ट बेंच दान 

मंदिर के शुभ चिंतक 

डॉ . कृपाल सिंग जी खाईखेड़ा   9754715666

चरण सिंगजी चौहान   9826672401 

श्याम सिंग जी सरपंच साब  9009862242


डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल   98267-95656,शामगढ़   द्वारा  कलेश्वर धाम  खाईखेड़ा हेतु दान सम्पन्न 



21.5.26

मंशापूर्ण हनुमान मंदिर देथली बुजुर्ग : जहां होती है मन्नते पूरी वहाँ आलोकजी का दिव्य दान :भक्तों को सुविधा सम्मान :Dethali Hanuman Mandir

 

✨ काव्यात्मक वर्णन

देथली बुजुर्ग ग्राम में, मंशापूर्ण हनुमान विराजे। लाल पथरों से सजा मंदिर, भक्ति की ज्योति यहाँ आजे॥

रामसिंह मीना पटेल रक्षक, भवानी शंकर शुभेच्छुक साथ। शिवलिंग की विशाल रचना, धर्म का दीपक जगमग रात॥

जगदीश पाटीदार ने पुकारा, बैठक सुविधा का विस्तार। डॉ. आलोक ने दान दिया, तीन बेंचें और धन अपार॥

दान-पट्टिका मंदिर में चमके, प्रेरणा का संदेश जगाए। जय-जयकार गूँजे गाँव में, मंशापूर्ण हनुमान जी की जय॥

श्लोक 

देथलीग्रामे हनुमानः, मंशापूर्णः प्रतिष्ठितः।  

लालश्मशाने निर्मितं, भक्तानां श्रद्धया युतम्॥  


दानं दत्तं बेंचत्रयं, सह सहस्रपञ्चशतैः।  

आलोकस्य महादाने, धर्ममार्गः प्रकाशितः॥  

मंदसौर जिले की गरोठ तहसील का ग्राम देथली  बुजुर्ग 

मंशापूर्ण हनुमान मंदिर इस गाँव मे धार्मिक श्रद्धा का केंद्र बिन्दु है। 

मंदिर निर्माण  मकराना के लाल पथरों से हुई है जो बेहद आकर्षक  है। 

रामसिंगजी मीना पटेल मंदिर के सरंक्षक हैं . 

भवानी शंकर जी धाकड़  मंदिर के शुभेच्छुक हैं। 

मंदिर मे शिवलिंग की विशाल रचना  है। 

मंदिर मे  निम्न जातियों के लोगों  को प्रवेश की मांग उठाई जाती रही है। 

मंदिर मे बैठक सुविधा विस्तार हेतु ढलमु के जगदीश जी पाटीदार ने  मुझे  फोन कर सिमेन्ट बेंचें और आर्थिक सहयोग  करने का अनुरोध किया । डॉ . दयाराम जी आलोक ने मंदिर को 3 सिमेन्ट बेंचें और 1500/-नकद दान दिया। 

समिति ने अन्य समर्थ लोगों को दान के लिए प्रेरित करने के भाव से दान दाता  की दान पट्टिका  मंदिर मे स्थापित की है। 

बोलिए देथली के मंशापूर्ण हनुमान जी की जय । 


मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के

मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।


मंशापूर्ण  हनुमान  मन्दिर देंथली बुजुर्ग

तीन बेंच+१५००/- दान 


video Manshapurn Hanuman Denthli 



मन्दिर  के लिए १५००/- का दान 


मन्दिर में बेंच लगीं १८/४/२०२३ 


हनुमान मन्दिर के प्रमुख कार्यकर्ता :

रामसिंग जी  मीणा पटेल ९७५४७-१५७९१  देंथली बुजुर्ग 

बजरंग जी धाकड़  बड़ी देथली 

दान का सुझाव  देने वाले जगदीश जी पाटीदार  ढलमु

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा हनुमान  मंदिर  देथली बुजुर्ग  हेतु  12  सिमेन्ट बेंच दान सम्पन्न 18/4/2023 


20.5.26

मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग :जहां रूह को शांति मिले वहाँ आलोकजी का सुन्दर योगदान :दागियों को सुविधा सम्मान :Muktidham bus stand dag


ग नगर का मुक्तिधाम,

शांति, सुकून का पावन धाम।

हरे-भरे वृक्षों की छाया,

मन को देती निर्मल माया॥


डगेश्वरी माता की कृपा,

नगर में फैली शुभ तपस्या।

दान-पथ पर आलोक जी चले,

सेवा से जीवन को उजले॥


सीमेंट बेंचें, सुविधाएँ न्यारी,

जन-कल्याण की छवि है प्यारी।

पेंशन को समाज हेतु समर्पित,

मानवता का दीपक प्रज्वलित॥


मंदसौर, नीमच, रतलाम में,

दान की गूँज हर धाम में।

गौशालाएँ, मंदिर, मुक्तिधाम,

आलोक जी का अनुपम काम॥


दान पट्टिका से प्रेरणा फैली,

समाज सेवा की राह निकली।

सच्चा दान वही कहलाए,

जो जनहित में फलित हो जाए॥

श्लोक -

दानं धर्मस्य मूलं हि, सेवा जीवन शोभना।

आलोकस्य करुणा ज्योति, जनहिताय समर्पिता॥


मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के

मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

 डग के बस स्टेंड स्थित मुक्तिधाम हेतु



15000 हजार  रुपये नकद + 6 सीमेंट बेन्च

मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग का विडिओ आलोक की आवाज 




मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग का विडिओ आलोक की आवाज 


डग के बस स्टैंड वाले मुक्ति धाम का विडियो आलोक की आवाज में 

                                                            




सौरभ कुमार जी पँवार ९७९९५-७०००० डग की पहल

राधेशाम जी पँवार टेलर डग 

मुक्तिधाम का प्रबंधन रोहित जी जैन करते हैं.


 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा  मुक्तिधाम बस स्टैन्ड  डग  हेतु  12  सिमेन्ट बेंच दान सम्पन्न