सेवा ही साधना है, दान ही तीर्थ है
महादेव मंदिर में शुभ दान, सेवा धर्मः परमं पुण्यं, जनहिताय समर्पणम्।
डॉ. आलोक दयामयः, बेंचदानं कृतं शुभम्॥
भारतीय संस्कृति में दान को केवल भौतिक क्रिया नहीं, आत्मा की यात्रा माना गया है। शास्त्र कहते हैं - 'दानं महादेवगृहे शुभं, मुक्तिधामे च साधुजनाय' - अर्थात जहाँ एक ओर महादेव के प्रांगण में किया गया दान जन्म-जन्मांतर के पुण्यों को जागृत करता है, वहीं मुक्तिधाम में किया गया दान जीवन की अंतिम यात्रा को शांति और सम्मान प्रदान करता है।
इसी सनातन भावना को जीवन में उतारते हुए साहित्य मनीषी, सेवानिवृत्त अध्यापक एवं समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ ने एक अनुपम आध्यात्मिक दान-पथ का वरण किया है।
आलोट में करुणा का दश-दीप
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले का व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक नगर है आलोट। यहाँ के दो पावन स्थल - अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर जहाँ अनादि शिव स्वयं विराजमान हैं, और मुक्तिधाम जहाँ जीवन की नश्वरता मोक्ष में विलीन होती है - दोनों ही जन-आस्था के केंद्र हैं।
इन दोनों संस्थानों में आने वाले श्रद्धालुओं, साधुजनों और शांतिपाठियों को विश्राम हेतु सुविधा हो, इस पवित्र उद्देश्य से डॉ. आलोक जी ने आलोट के सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं मुक्तिधाम समिति के सचिव श्री अनिलजी भरावा तथा अध्यक्ष श्री रमेशजी कोठारी से संपर्क किया। उनकी अनुमति एवं शुभाशीष से
दिनांक 25 जून 2022 को दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के माध्यम से 10 सीमेंट बेंचों का समर्पण संपन्न हुआ - 5 बेंचें अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर हेतु और 5 बेंचें आलोट मुक्तिधाम हेतु।
दान पट्टिकाओं के साथ स्थापित ये बेंचें आज वहाँ बैठने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सेवा की शीतल छाया प्रदान कर रही हैं।
एक फकीर का संकल्प - 151 संस्थानों तक विस्तारित
यह एकल घटना नहीं, एक विराट यज्ञ का एक आहुति है।
डॉ. आलोक जी राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में निर्माण, विकास, रंग-रोगन हेतु नकद राशि और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट बेंचें दान करने के दिव्य अनुष्ठान में निरत हैं।
इसकी सबसे मार्मिक विशेषता यह है कि यह दान किसी व्यापारिक लाभ से नहीं, बल्कि एक सेवानिवृत्त अध्यापक की पेंशन की पवित्र राशि और Google कंपनी से उनके ब्लॉग व YouTube चैनल से प्राप्त आय से किया जा रहा है। अब तक 151 से अधिक संस्थानों में यह बैठक व्यवस्था उन्नत करने का कार्य पूर्ण हो चुका है।
और यह समस्त पुण्य समर्पित हो रहा है उनके सुपुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से - जहाँ चिकित्सा सेवा और आध्यात्मिक सेवा का संगम हो रहा है।
यह दान वस्तुतः सीमेंट और पत्थर का नहीं, यह उस भाव का दान है जो कहता है -
"सेवा धर्मः परमं पुण्यं, जनहिताय समर्पणम्"
आइये, इस लेख के माध्यम से ऐसे ही एक निःस्वार्थ, मौन साधक की यात्रा के दर्शन करें, जो बैठने के लिए बेंच नहीं, बल्कि थके हुए समाज को विश्राम और आस्था को आधार दे रहे हैं।
सेवा धर्मः परमं पुण्यं,
जनहिताय समर्पणम्।
डॉ. आलोक दयामयः,
बेंचदानं कृतं शुभम्॥
दानं महादेवगृहे शुभं,
मुक्तिधामे च साधुजनाय।
डॉ. आलोक करुणासिन्धुः,
समर्पिताः बेंचाः दश भक्तये॥
आलोट के अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर और मुक्तिधाम हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा बेंच व्यवस्था
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का एक व्यावसायिक नगर है आलोट. इस नगर के अनादि कलपेश्वर महादेव और मुक्ति धाम मे लोगों के बैठने के लिए सिमेन्ट की बेंचें दान करने हेतु मैंने आलोट नगर के जाने माने समाज सेवी और पार्षद अनिलजी भरावा और रमेशजी कोठारी से संपर्क किया. दोनों आध्यात्मिक संस्थानों को 5-5 सिमेन्ट की बेंच भेंट करने की अनुमति मिली. 10 बेंच समर्पित करने का संकल्प पूरा हुआ. --डॉ . दयाराम आलोक
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी पेंशन की राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube चैनल से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर
जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार
मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट
जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार
जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी
मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़









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