बरडिया अमरा तहसील गरोठ,जिला मंदसौर ,मध्य प्रदेश के
छंद 1 बरडिया अमरा का पावन धाम, रामदेवजी का गूंजे नाम। पाँच बेंचें दान स्वरूप मिलीं, सेवा की गाथा जग में खिली।
छंद 2 बाबू लाल जी मेघवाल महान, सेवा में रहते सदा तन्मान। संरक्षक बन मंदिर की शान, भक्तों के हित में करते दान।
छंद 3 राम निवास जी जांगड़े अध्यक्ष, समिति संग करते कार्य उत्कर्ष। मंदिर में श्रद्धा का दीप जले, भक्तों के मन में विश्वास पले।
छंद 4 डॉ. आलोक का संकल्प महान, पेंशन से करते सेवा दान। अनिल राठौर ने बेंच सजाईं, भक्तों की सुविधा यहाँ बढ़ाईं।
📜 श्लोक
श्लोक 1 रामदेवस्य मंदिरं दिव्यं, बरडियायां ग्रामे स्थितम्। अनिलेन प्रदत्तं बेंचं, भक्तानां सुखवर्धनम्॥
श्लोक 2 मेघवालो बाबूलालो, संरक्षकः सेवकः सदा। जांगडे रामनिवासश्च, अध्यक्षः धर्मपालकः॥
श्लोक 3 दानं धर्मस्य मूलं हि, सेवा जीवन शोभना। आलोकस्य आदर्शेना, समाज हिताय साधना॥
समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube पर विडियो से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें