लोकसखा पर पढ़ें सटीक जाति इतिहास, पौराणिक कथाएं, मंदिर दर्शन और डॉ. आलोक द्वारा मुक्तिधाम व गौशालों को दान किए गए बेंच व नकद सहयोग की पूरी जानकारी। संस्कृति और समाज: पौराणिक गाथाएं, जाति इतिहास और दान-महिमा: "माँ बगलामुखी शक्तिपीठ: समाजसेवी डॉ. आलोक का आध्यात्मिक दान-पथ"

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20.2.23

"माँ बगलामुखी शक्तिपीठ: समाजसेवी डॉ. आलोक का आध्यात्मिक दान-पथ"





जय माँ बगलामुखी पीताम्बरा !

मध्यप्रदेश की पावन धरा नलखेड़ा में स्थित माँ बगलामुखी का यह महाशक्तिपीठ केवल एक मंदिर नहीं, आस्था का वह केंद्र है जहाँ देश के कोने-कोने से, बड़े-बड़े राजनेताओं से लेकर सामान्य भक्त तक, अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। आगर-मालवा से 30 किमी दूर स्थित इस चमत्कारी धाम में नवरात्रि पर तो जन-सैलाब उमड़ पड़ता है।
इसी पुण्यभूमि पर यात्रियों और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए एक छोटा सा सेवा-प्रयास किया गया है।
समाजसेवी, साहित्य मनीषी, सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ द्वारा अपने संकल्पित आध्यात्मिक दान-पथ के अंतर्गत माँ बगलामुखी शक्तिपीठ में दर्शनार्थियों के विश्राम हेतु 12 सीमेंट बेंचें और 10,000 रुपये नकद सहित कुल 51,000 रुपये का दान समर्पित किया गया है।
यह दान केवल ईंट-सीमेंट का दान नहीं, यह पेंशन से निकला त्याग है। डॉ. आलोक जी अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में बेंचों और निर्माण हेतु समर्पित कर रहे हैं। उनके ब्लॉग और YouTube से प्राप्त राशि भी इसी पुण्य कार्य में लग रही है। यह समस्त दान उनके सुपुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से समर्पित है।
तहसीलदार आदरणीय श्री पारस जी की अनुमति एवं कार्यालय प्रबंधक श्री विनोद जी गवली के सहयोग से इस सेवा की स्मृति स्वरूप दान-पट्टिका को अखंड रामायण पाठ-भवन की दीवार पर स्थापित किया गया है, ताकि इसे देखकर अन्य भक्त भी दान-पथ पर प्रेरित हो सकें।
आइये, इस दान-यात्रा की भावपूर्ण झलक, तस्वीरों और वीडियो के साथ दर्शन करते हैं और माँ पीताम्बरा से प्रार्थना करते हैं -
सेवा, श्रद्धा, त्याग का संगम,
दान-पथ बने धर्म का आलम।
जय हो माँ बगला मुखी !

माँ बगलामुखी पीतांबरा शक्तिपीठ हेतु


यात्रियों ,दर्शनार्थियों की बैठक सुविधा के लिए


समाजसेवी डॉ .आलोक शामगढ़ द्वारा


सीमेंट बेंचें और नकद दान


पीताम्बरा माँ के दरबार में, श्रद्धा की गूँज है अपार में। नलखेड़ा की पावन भूमि पर, भक्तों का स्नेह है हर क्षण स्वर।

सीमेंट बेंचें बनीं विश्राम हेतु, दान-पट्टी चमके धर्म के वेतु। डॉ. आलोक का संकल्प महान, पेंशन समर्पित, सेवा का दान।

रामायण भवन की दीवार पे, शिलालेख जगमगाए उजियार पे। भक्त जन बैठें सुख से यहाँ, माँ बगला मुखी दें आशीर्वाद जहाँ।

सेवा, श्रद्धा, त्याग का संगम, दान-पथ बने धर्म का आलम। जय हो माँ की कृपा अपार, भक्तों का जीवन हो सदा साकार।

दान के श्लोक -

श्लोक १
दानं महादानमिदं महात्मा, भक्तानुकम्पा परमार्थ साध्या। 
आलोक दयाराम कृपानिधानं, सुवर्णस्मृति स्थिरमस्तु लोके॥

श्लोक २
माँ बगलामुख्याः कृपानुग्रहेण, नलखेड़ायां पुण्यभूमिरेषा। 
विनोद गवली व्यवस्थायुक्तं, दानपट्टेन प्रेरणा जनानाम्॥

श्लोक ३
सुविधा सम्मानमिदं प्रदत्तं, भक्तजनानां सुखसंपदर्थम्।
 यः पश्यति दानपट्टं समृद्धं, स प्रेरितो धर्ममार्गे प्रवृत्तः॥

श्लोक ४ दानं यशः कीर्तिमिदं प्रदत्तं, भक्तजनानां सुखसंपदर्थम्। आलोक दयाराम धर्मपथेन, प्रेरयति लोकं सत्कर्मयुक्तम्॥

श्लोक ५ माँ बगलामुख्याः कृपानुग्रहेण, भक्तजनानां मनोकामनाः सिद्धाः। नलखेड़ायां पुण्यभूमिरेषा, दान-पथेन धर्ममार्गः प्रदीप्तः॥

श्लोक ६ सुवर्णस्मृति स्थिरमस्तु लोके, आलोक दानं भवतु प्रेरणाय। भक्तजनानां सुखसमृद्ध्यर्थं, जयति धर्मः जयति श्रद्धाय॥


बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा, मध्य प्रदेश एक बहुत ही पवित्र और चमत्कारी धर्म स्थल है, जहां देश के कोने-कोने से लोग दर्शन और पूजा-पाठ के लिए आते हैं। यह मंदिर आगर मालवा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां बड़े-बड़े राजनेताओं, कलाकारों, तांत्रिकों का आना-जाना लगा रहता है।
नवरात्रि के पर्व के समय तो यहां दर्शनार्थियों की भीड़ को संभालने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है, और  यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस मंदिर का प्रबंधन तहसीलदार साहेब के निर्देशों के मुताबिक होता है और विनोदजी गवली यहां के मैनेजर हैं।
मंदिर के विकास के लिए शासन ने करोड़ों रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे यहां एक सुंदर गोलाकार  शेड बनाया गया है और रंग-रोगन से स्थान की खूबसूरती बढ़ गई है। समाज सेवी डॉ. दयाराम जी आलोक ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मंदिरों को नकद दान और दर्शनार्थियों के विश्राम करने के लिए सीमेंट की बेंचें भेंट करने के आध्यात्मिक दान पथ के तहत इस मंदिर के लिए 51 हजार का दान समर्पित किया है।
इस दान में 12 सीमेंट की बेंचें और 10 हजार नकद दान शामिल हैं और दान दाता का शिलालेख लोगों को दान हेतु प्रेरित करने के लिए मंदिर प्रबंधक गवली जी ने रामायण पाठ भवन की दीवाल पर स्थापित कर दिया है।
जय हो मां बगला मुखी



अखंड रामायण पाठ-भवन की दीवार पर 

दान पट्टी का दृश्य 



                                      


 समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.

माँ बगलामुखी शक्ति पीठ (नलखेड़ा)
12 सीमेंट बैंच +दस हजार रुपये

दान -पट्टिका  तहसीलदार श्री पारस जी की अनुमति से बगलामुखी  भेजी गई| 

 दान-पट्टिका   रामायण पाठ भवन की दीवार पर  

तहसीलदार आदरणीय पारस जी  की अनुमति से 

विनोद जी  गवली (कार्यालय प्रबंधक)  के  निर्देशानुसार रामायण -पाठ भवन 

की दीवार पर  स्थापित . १९/२/२०२३ 

दान पट्टिका  के इस फोटो में  कार्यालय प्रबंधक श्री विनोद जी गवली ,डॉ. दयाराम जी आलोक ,डॉ. अनिल जी दामोदर हैं 



माँ बगला मुखी का एक दृश्य 

माँ बगला मुखी का विडियो १९/२/२०२३ 



मन्दिर की समिति के खाते में नकद राशी जमा की गई|२०/२/२०२३ 


बगलामुखी शक्तिपीठ मे 12 बेंच लगीं  1/9/2022








बगलामुखी में दामोदर अस्पताल की भेंट की हुई बेंच का दृश्य का विडियो


बगलामुखी मंदिर का विडिओ


पेंटर अनिलजी  सूर्य वंशी को दान पट्टी वाली दीवार पर कलर  करने का चार्ज १५००/

मोहनलाल जी रान्गोट के नंबर पर  फोन  किये 

बगलामुखी मंदिर मे बेंच पर बैठे  यात्री 

बगलामुखी मंदिर मे स्थापित शिलालेख  के फ़ोटो मे झाबुआ की अल्पना देवी और ऐश्वर्या चोहान 


माँ बगला मुखी के दरबार में डॉ अनिल कुमार जी " दामोदर पथरी अस्पताल" शामगढ़ .



झाबुआ का चौहान परिवार बगलामुखी के दरबार में  विडियो

यह मंदिर सुसनेर नगर से करीब 26 किलोमीटर है.

मंदिर के कार्यकलापों का प्रबंधन तहसीलदार सा.

श्री पारस जी  ७६९२९-१२०६१ के दिशा निर्देशों के अनुसार होता है|

मंदिर के कार्यालय प्रबंधक श्री  विनोदजी  गवली 98933-30300   हैं 

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