गरोठ, बोलिया रोड मुक्तिधाम - सेवा, श्रद्धा और सम्मान का संगम
गरोठ का गौरवशाली अतीत
गरोठ, जो अंग्रेजी हुकूमत के समय संभाग (Division) हुआ करता था, आज फिर विकास की नई राह पर है। बोलिया रोड पर बने औद्योगिक क्षेत्र में नई फैक्ट्रियां लग रही हैं और नगर निरंतर प्रगति कर रहा है। इसी विकास-यात्रा में नगर के मुक्तिधामों का जीर्णोद्धार भी एक महत्वपूर्ण कार्य है।
गरोठ में मुख्यतः दो मुक्तिधाम हैं। उनमें से एक पंथवारिया मार्ग पर स्थित है, और दूसरा बोलिया रोड मुक्तिधाम, जो सेवा और श्रद्धा का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
बोलिया रोड मुक्तिधाम का महत्व
मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं है। यह वह पावन आंगन है जहाँ जीवन की नश्वरता का बोध होता है और मनुष्य आत्म-चिंतन करता है। बोलिया रोड मुक्तिधाम में निर्माण और विकास कार्य निरंतर चल रहे हैं, ताकि यहाँ आने वाले परिजनों को स्वच्छ, शांत और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 21,000/- का दान
इसी पावन कार्य को गति देने के लिए समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ के 'आध्यात्मिक दान-पथ' अनुष्ठान के अंतर्गत एक और सेवा-संकल्प पूर्ण हुआ।
दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ (डॉ. अनिल कुमार दामोदर S/o डॉ. दयाराम जी आलोक) के माध्यम से बोलिया रोड मुक्तिधाम के निर्माण/विकास कार्य हेतु 21,000 रुपये की नकद राशि का दान समर्पित किया गया।
यह दान केवल ईंट-गारे के लिए नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना के लिए है।
✨ मुक्ति धाम गरोठ की पावन गाथा ✨
मुक्ति धाम गरोठ का आँगन, बोलिया रोड पर जगमगाता,
सेवा और श्रद्धा का संगम, समाज को राह दिखाता।
डॉ. दयाराम आलोक ने बढ़ाया, उदारता का अनुपम दीप,
₹21,000 का पावन दान, समाजप्रेम का दिया सरीख।
मुक्तिधाम समिति ने किया सम्मान
इस उदार सहयोग के लिए मुक्तिधाम समिति ने हृदय से आभार व्यक्त किया। प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री D.P. Mishra जी द्वारा दानदाता डॉ. दयाराम जी आलोक का सम्मान किया गया। समिति ने कहा कि यह योगदान केवल धन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संकल्प का वंदन है।
डॉ. दयाराम जी आलोक का आध्यात्मिक दान-पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में लगाने का संकल्प लिया है।
उनके दान-पथ की विशेषताएँ:
1. स्व-वित्तपोषित: पेंशन और उनकी 6 वेबसाइटों / YouTube पर Google विज्ञापन से प्राप्त आय के 68% हिस्से से यह दान होता है।
2. व्यापक दायरा: मंदसौर, नीमच, आगर, झालावाड़, रतलाम, कोटा और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, गौशालाओं और मुक्तिधामों में अब तक सीमेंट बेंचें, निर्माण और रंग-रोगन के कार्य।
3. सुविधा-केंद्रित: वृद्धों और आगंतुकों के लिए बैठने हेतु सीमेंट बेंचें, ताकि हर धार्मिक स्थल पर विश्राम की सुविधा मिल सके।
उनका मानना है कि मुक्तिधाम की हर ईंट त्याग, करुणा और प्रेम की कथा कहती है
गरोठ के बोलिया रोड मुक्ति धाम हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
२१००० /- का दान
मुक्तिधाम -समिति ने किया सम्मान
✨ मुक्ति धाम गरोठ की पावन गाथा ✨डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
*दामोदर दर्जी समाज महासंघ आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ
*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ
पौराणिक कहानियाँ के विडिओ
मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियों के विडिओ भाग 1
*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा
*डॉ . आलोक का काव्यालोक
*दर्जी वैवाहिक महिला संगीत के विडिओ
*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3
*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2
*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4
मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5
*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 6
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7
*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ
*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ
*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ
*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व जुलूस के विडिओ




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