6.6.23

मुक्तिधाम सुनेल :जहां मानव का अंतिम विश्राम वहाँ डॉ. आलोक का दिव्य योगदान :आगंतुकों को सम्मान विश्राम :Muktidham Sunel

   मुक्ति धाम सुनेल जिला झालावाड़  हेतु 

समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक शामगढ़ 

की तरफ से बेंच व्यवस्था 


सुनेल धाम में शांति का सागर,  

हरे वृक्षों से छाया अमर।  

टाइलों से सुसज्जित प्रांगण महान,  

दान से दमके आलोक का मान।  


गोपालजी की प्रेरणा पावन,  

चेनसिंह संग हुआ आयोजन।  

पाँच बेंचें बनीं सेवा का प्रतीक,  

आलोकजी का दान अद्वितीय।  


जन‑सुविधा का दीप जलाया,  

सेवा का पथ जग में दिखाया।  

मुक्ति धाम में सुख का संचार,  

आलोकजी का पुण्य अपार।

श्लोक -

दानं जनहितायैव, धर्ममार्गस्य शोभनम्।  

आलोकस्य कृपायुक्तं, मुक्तिधामे सुसंस्कृतम्॥  


वृक्षछायासमायुक्तं, शान्तिसौख्यप्रदं स्थलम्।  

बेंचदानं महादानं, लोकसेवा सदाऽन्वितम्॥



                                              

सुनेल  झालावाड़ जिले का प्रमुख नगर है 

यहाँ का मुक्तिधाम बहुत बड़ा है। प्रांगण टाइल्स से सुससज्जित  है। 

हरे भरे पेड़ों से वातावरण  मे सुकून  रहता है।  

दागियों  के नहाने की उत्तम व्यवस्था है। 

शवदाह की सुविधाएं अच्छी हैं । 

गोपालजी धनोतिया ने  मुक्तिधाम  मे बेंचें दान करने  का सुझाव दिया 

डॉ . आलोकजी  ने अध्यक्ष चेनसिंग जी से संपर्क किया  और  5 सिमेन्ट बेंच की व्यवस्था कर दी है। 




समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।






सुनेल,राजस्थान के मुक्तिधाम हेतु
15 हजार की 5 सीमेंट बैंच भेंट 

सुनेल मुक्तिधाम का विडियो 

 
सुनेल मुक्तिधाम मे बेंच लगीं 29/7/2022



गोपालजी धनोतिया  98932-01060 शामगढ़ की पहल 

चैनसिंग जी गुर्जर 98295-01825 मुक्तिधाम के अध्यक्ष हैं

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 शामगढ़  द्वारा सुनेल के मुक्तिधाम  हेतु दान सम्पन्न 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

डॉ . आलोक का काव्यालोक

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि

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