श्री हनुमान मंदिर गाँव दसोरिया (गरोठ) हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
सीमेंट बैंच व्यवस्था
दसोरिया ग्राम का पावन धाम, हनुमान मंदिर उज्ज्वल नाम। शिखर ऊँचा, चबूतरा महान, भक्तों का यहाँ है श्रद्धा स्थान।
सीमेंट बेंचें दान स्वरूप, डॉ. आलोक का पुण्य अनूप। दामोदर पथरी अस्पताल से, सेवा की गाथा जन-जन के।
बालाराम पाटीदार ने शिलालेख सजाया, दानदाता का गौरव जग में छाया। सरपंच होकम सिंह ने आभार जताया, ग्रामवासियों ने हर्ष मनाया।
पेंशन राशि का त्याग महान, 151 संस्थानों में दान। मंदिर, मुक्ति धाम, गौशाला में, सुविधा पहुँची हर आँगन में।
श्लोक
दसोरियाग्रामे हनुमन्मन्दिरं शुभम् । दानेन बेंचाः चतुर्भिः संस्थापिता शुभम् ॥ दयारामस्य आलोकस्य पुण्यकर्म महान्यतः । जनसेवा समर्प्यते पेंशनराश्या स्वयम्भुवः ॥ मन्दसौर-नीमच-झालावाड-रतलाम-झाबुआसु च । मन्दिरेषु मुक्तिधामेषु गौशालासु च सर्वदा ॥ आलोकस्य दानपथः प्रेरणां जनसंसदि । शिलालेखेन यः कृतः पुण्यकर्मणि कीर्त्यते ॥
दसोरिया गाँव, मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहां सौंधिया राजपूतों और पाटीदार समाज का प्रभुत्व है ¹। यह गाँव बरडिया अमरा से गरोठ रेलवे स्टेशन को जाने वाली सड़क पर स्थित है, जो इसकी पहुंच को आसान बनाता है. आस्था का केंद्र है, जो अपनी अलौकिक भव्यता और सुंदर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. मंदिर की विशेषताओं में उठा हुआ चबूतरा, दूर से दिखाई देने वाला शिखर, पक्का फर्श, अच्छा प्रांगण, और मंदिर पहुंचने के लिए सीढ़ियां शामिल हैं .
इस मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है, और वे बालाजी को अपनी मुरादें पूरी करने वाले मानते हैं . समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक ने मंदिर को 4 सिमेंट की बेंच दान की हैं, जो आध्यात्मिक दान-पथ के तहत किया गया एक महत्वपूर्ण योगदान है. बालाराम जी पाटीदार द्वारा दान दाता का शिलालेख मंदिर गेट के पास की दीवार पर स्थापित किया गया है, जो अन्य लोगों को भी दान की प्रेरणा दिलाता है .सरपंच होकम सिंह जी और ग्राम जनों ने दान दाता का आभार व्यक्त किया है.
दसोरिया के हनुमान मंदिर में सीमेंट बेंचे लगने का विडियो
video mandir dasoriya
मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम,झाबुआ जिलों के
मन्दिरों, मुक्ति धाम, गौशालाओं,विध्यालयों हेतु
साहित्य मनीषी,
डॉ.दयाराम आलोक
आद्यात्मिक दान -पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
हनुमान मंदिर दसोरिया हेतु
४ सीमेंट बेंचें समर्पित
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दसोरिया मंदिर में बेंचें लगीं
बालाराम जी पाटीदार दसोरिया 9977775834
होकम सिंग जी सरपच द्सोरिया 9630671634
प्रकाश नाथ जी पुजारी हनुमान मंदिर 9826519977
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा हनुमान मंदिर दसोरिया हेतु दान सम्पन्न २०/१/२०२४
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -




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