लोकसखा पर पढ़ें सटीक जाति इतिहास, पौराणिक कथाएं, मंदिर दर्शन और डॉ. आलोक द्वारा मुक्तिधाम व गौशालों को दान किए गए बेंच व नकद सहयोग की पूरी जानकारी। सनातन आध्यात्म -जाति इतिहास-दान विमर्श : मुक्तिधाम डग मे विकास की बयार:आलोकजी का संकल्प महान : नकद व बेंच का पावन दान:Muktidham Dag

5.6.23

मुक्तिधाम डग मे विकास की बयार:आलोकजी का संकल्प महान : नकद व बेंच का पावन दान:Muktidham Dag





डग का चौमहला रोड स्थित मुक्तिधाम - सेवा और श्रद्धा का संगम

मुक्तिधाम केवल अंतिम विदाई का स्थल नहीं, बल्कि जीवन के सत्य का बोध कराने वाला पवित्र आँगन है। ऐसा ही एक विशाल, शांत और सुव्यवस्थित मुक्तिधाम राजस्थान के झालावाड़ जिले की डग तहसील में, चौमहला रोड से लगा हुआ स्थित है।

हरे-भरे वृक्षों और रंग-बिरंगे फूलदार पौधों से सुसज्जित यह मुक्तिधाम हर आगंतुक को शांति और शीतलता का अनुभव कराता है। यहाँ दागियों और राहगीरों की सुविधा के लिए पानी की टंकी की व्यवस्था है, बरसात से बचाव के लिए बरामदा बना हुआ है और बैठने की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इसी जन-सुविधा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवी, साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा इस मुक्तिधाम में पावन दान समर्पित किया गया है। दामोदर अस्पताल शामगढ़ की ओर से मुक्तिधाम में बैठक सुविधा हेतु 6 सीमेंट बेंचें और मुक्तिधाम के निर्माण एवं विकास कार्य के निमित्त 16 हजार रुपये का नकद दान प्रदान किया गया है। समिति द्वारा इस प्रेरणादायी दान को चिरस्थायी बनाने हेतु पानी की टंकी पर दान-दाता का दान-पट्ट स्थापित किया गया है, ताकि अन्य लोग भी दान के लिए प्रेरित हो सकें। मुक्तिधाम विकास समिति के शुभचिंतक श्री सुरेश जी पँवार, श्री मनीष जी प्रेमी अग्रवाल, अध्यक्ष श्री श्याम जी सोलंकी एवं कोषाध्यक्ष श्री जितेंद्र जी पँवार ने इस सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

इस अवसर को इन पंक्तियों में यूं अभिव्यक्त किया जा सकता है -

हरित वृक्षों की छाया में,
फूलों की सुगंध समाई है।
मुक्तिधाम का पावन आँगन,
दान की गाथा सुनाई है॥
छः बेंचें बैठने को दीं,
सोलह हजार समर्पित किए।
जनसेवा का अनुपम उदाहरण,
आलोक जी ने कर्तव्य निभाए॥
पानी की टंकी पर अंकित पट्ट,
दान की प्रेरणा जगाता है।
समाजसेवा का यह पथ,
आध्यात्मिक दीप जलाता है॥

और शास्त्रों में कहा भी गया है -
दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च।
आलोकस्य कृपायुक्तं, मुक्तिधामे प्रतिष्ठितम्॥
शामगढ़ का आध्यात्मिक दान-पथ
यह दान कोई एकल घटना नहीं, बल्कि डॉ. आलोक जी के 'आध्यात्मिक दान-पथ' का एक पड़ाव है। आप एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और आपने सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में समर्पित करने का पवित्र संकल्प लिया है।
आपके इस दान-पथ की प्रमुख विशेषताएँ हैं -
1. व्यापक दायरा: आपका सेवा कार्य राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं तक फैला हुआ है।

2. सुविधा-केंद्रित दृष्टि: आप उन मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देते हैं जिनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है - वृद्धों और यात्रियों के लिए सीमेंट की बेंचें, रंग-रोगन और निर्माण हेतु नकद सहयोग।
3. स्व-वित्तपोषित संकल्प: यह संपूर्ण दान-अनुष्ठान आपकी स्वयं की पेंशन राशि और गूगल से आपके ब्लॉग व यूट्यूब चैनल से प्राप्त आय से संचालित है। तकनीक को परोपकार से जोड़ने का यह एक अनुपम उदाहरण है। यह समस्त दान पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के नाम से समर्पित किया जा रहा है।
डग मुक्तिधाम में दिया गया यह सहयोग - 6 बेंच और नकद राशि - इसी अटूट आध्यात्मिक यात्रा का एक सार्थक अध्याय है, जो हमें सिखाता है कि दान ही धर्म का मूल है।

डग का चौमहला रोड स्थित  मुक्तिधाम 

डॉ. दयाराम जी आलोक  का पावन दान 

6 बेंच और 16 हजार नकद  समर्पित  

कविता -

हरित वृक्षों की छाया में,

फूलों की सुगंध समाई है।

मुक्तिधाम का पावन आँगन,

दान की गाथा सुनाई है॥


छः बेंचें बैठने को दीं,

सोलह हजार समर्पित किए।

जनसेवा का अनुपम उदाहरण,

आलोक जी ने कर्तव्य निभाए॥


पानी की टंकी पर अंकित पट्ट,

दान की प्रेरणा जगाता है।

समाजसेवा का यह पथ,

आध्यात्मिक दीप जलाता है॥

श्लोक-

दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च।

आलोकस्य कृपायुक्तं, मुक्तिधामे प्रतिष्ठितम्॥



विवरण - 

डग  के चौमहला  रोड  से लगा हुआ मुक्तिधाम  बड़े क्षेत्रफल वाला है .

हरे भरे वृक्षों  और फूलदार पौधों  से सुसज्जित है। 

पानी की टंकी का उपयोग दागियों  और  राहगीरों  के लिए होता है। 

बरसात से बचाव के लिए  बरामदा  है। 

मुक्तिधाम मे बैठक सुविधा के लिए दामोदर अस्पताल शामगढ़  की तरफ से 6 सिमेन्ट बेंचें दान की गई हैं 

और मुक्तिधाम मे निर्माण कार्य के निमित्त 16 हजार का नकद दान दिया गया है। 

समिति ने दान दाता का दान पट्ट  पानी  की टंकी पर स्थापित किया ताकि लोगों  मे दान की प्रेरणा हो। 




समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी  पेंशन  की राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.


















                      






डग का चौमहला रोड स्थित मुक्तिधाम 
 31 हजार का दान (6 बेंच +15 हजार नकद )
                  
मुक्ति धाम डग मे बेन्च लगाई जाने का दृश्य 

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मुक्तिधाम विकास के शुभचिंतक 

सुरेशजी पँवार डग 97995-70000  - समाज सेवी 

मनीष जी प्रेमी अग्रवाल ९९२८५-८७८५० -समाज सेवी 

श्याम जी सोलंकी ९६१०३-८४८४८ - अध्यक्ष 

मुक्तिधाम के प्रबन्धक जितेंद्रजी पँवार-कोषाध्यक्ष


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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -



*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ


*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 


*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 


पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 


मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 


*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 


*डॉ . आलोक का काव्यालोक


*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 


*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 


*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 


*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 


*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 


*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 


*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 


मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 


*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 


*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 


*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 


*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 


*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 


*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 


*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ



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