राणापुर मुक्तिधाम में सेवा का एक और अध्याय
जहाँ जीवन की अंतिम यात्रा शांति पाती है, वहीं सुकून के दो पल बैठने को मिल जाएं तो वह स्थान सच में मुक्तिधाम बन जाता है।
इसी भावना को साकार किया है साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक के 'आध्यात्मिक दान-पथ' ने।
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर नगर के मुक्तिधाम में बैठक व्यवस्था हेतु दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ परिवार द्वारा 10 सीमेंट बेंचों की भेंट की गई है। यह दान डॉ. दयाराम जी आलोक के पुत्र डॉ. अनिल कुमार दामोदर के माध्यम से सम्पन्न हुआ। मुक्तिधाम परिसर में इस सेवा कार्य की स्मृति हेतु एक शिला-लेख भी स्थापित किया गया है।
इस पुण्य कार्य की प्रेरणा और क्रियान्वयन में कई शुभचिंतकों का सहयोग रहा - मुक्तिधाम के सेवादार श्रीमती दीपमाला नलवाया, अध्यक्ष नगर परिषद राणापुर और राजू भाई परमार, राणापुर ने बेंच दान का सुझाव दिया, समाजसेवी संतोष कुमार टेलर का सहयोग अपार रहा, तो वहीं समाजसेवी रवि कुमार जी परमार के माध्यम से दाहोद में इन बेंचों का निर्माण करवाया गया।
यह केवल 10 बेंचों का दान नहीं है, यह एक विराट संकल्प का हिस्सा है। सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. आलोक जी ने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में समर्पित करने का संकल्प लिया है। स्व-वित्तपोषित इस मॉडल में उनकी पेंशन और उनके ब्लॉग व यूट्यूब से प्राप्त आय सम्मिलित है। मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ सहित राजस्थान व मध्यप्रदेश के 151 से अधिक मंदिरों, गौशालाओं और मुक्तिधामों में बैठक व्यवस्था और जीर्णोद्धार के कार्य उनके द्वारा निरंतर किये जा रहे हैं।
जैसा कि कहा गया है -
दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च।
आलोकस्य कृपाभावः, मुक्तिधामे विराजते॥
राणापुर मुक्तिधाम का यह सेवा-दान निश्चित ही सामूहिक प्रेरणा का स्रोत बनेगा और जन-कल्याण की इस यात्रा को आगे बढ़ाएगा।
मुक्ति धाम राणापुर जिला झाबुआ में बैठक व्यवस्था हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
१० सीमेंट बेंच भेंट
काव्यात्मक छंद (4)
छंद 1 राणापुर मुक्तिधाम में, हरियाली का रंग, बैठक हेतु बेंच दान, आलोक का प्रसंग। राजू भाई परमार ने, दिया सुझाव महान, दीपमाला नलवाया संग, बढ़ा जन सम्मान।
छंद 2 संतोष कुमार टेलर का, सहयोग रहा अपार, समाजसेवी रवि परमार ने, किया विचार विस्तार। दामोदर पथरी अस्पताल से, दस बेंचें आईं, श्रद्धा और सेवा की, गाथाएँ जग में छाईं।
छंद 3 नगर परिषद अध्यक्ष ने, जताया आभार, दान पट्ट स्थापित हुआ, बढ़ा पुण्य अपार। राणापुर के नागरिकों ने, किया अभिनंदन, आलोक जी के दान से, हुआ स्थल पावन।
छंद 4 मुक्तिधाम में शांति का, वातावरण सुहावन, बैठक हेतु बेंच बनीं, सेवा का अभिनव दान। सामूहिक प्रेरणा से, बढ़ा जन कल्याण, धन्य हुआ राणापुर, आलोक का सम्मान
श्लोक-
दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च। आलोकस्य कृपाभावः, मुक्तिधामे विराजते॥
मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु
साहित्य मनीषी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आध्यात्मिक दान पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -




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