खेड़ापति बालाजी मन्दिर हेमड़ा राजस्थान हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
बेंच व्यवस्था

बालाजी मंदिर हेमड़ा कि कविता
खेड़ापति बालाजी मंदिर, हेमड़ा गाँव महान,
सुन्दर प्रतिमा, आकर्षक रूप, भक्तों का सम्मान।
महावीरजी व्यास पुजारी, सेवा में तत्पर सदा,
दिलीपजी चौहान संग, मंदिर का बढ़ा मर्तबा
डॉ. आलोकजी समाजसेवी, दान-पथ के धनी,
सीमेंट बेंचें भेंट कर दीं, भक्तों की सुखगनी।
शामगढ़ से हेमड़ा तक, सेवा का विस्तार,
दान-पथ की गाथा लिखे, जन-जन में प्रचार।
दिलीप चौहान ने किया, अनुरोध भक्त भाव,
मांगीलाल टेलर संग, मंदिर में नव छाव।
बैठक हेतु व्यवस्था बनी, आलोकजी के दान,
सभी भक्तों ने किया, हर्षित अभिनंदन गान।
महावीर व्यासजी पुजारी, ज्ञान-ध्यान में लीन,
मंदिर की सेवा में लगे, भाव भक्ति प्रवीण।
दानदाता का सम्मान कर, समिति ने जताया,
आभार का स्वर गूंज उठा, मंदिर ने मुस्काया।
मंदिर आँगन में छाया बनी, श्रद्धा का विस्तार,
सेवा-भाव से जगमगाया, पुण्य का संसार ।
दान की गाथा अमर रहे, जन-जन गाए गीत,
त्याग-तपस्या की मिसाल, आलोकजी की प्रीत।
भक्तों के मन में उमड़े, कृतज्ञता के भाव,
साधना संग सेवा जुड़ी, यही सच्चा प्रभाव।
धन्य हुआ वह पुण्य कार्य, जो सबको दे आस,
समाजसेवा का दीपक जले, रहे सदा प्रकाश।
संस्कृत श्लोक
दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, दानं पुण्यस्य कारणम्।
आलोकस्य कृपायुक्तं, भक्तानां सुखकारणम्॥
महावीरः श्रुतिज्ञोऽस्ति, शृंगी नाम प्रसिद्धकः।
सेवायां नित्ययुक्तः स्यात्, भक्तानां हितकारकः॥
दिलीपः मांगीलालश्च, भक्तानां हितचिन्तकौ।
आलोकस्य दानैः स्यात्, सुखं सर्वजनाय च॥
मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के
मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का
आध्यात्मिक दान-पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
खेड़ापति बालाजी मन्दिर हेमड़ा
दों सीमेंट बैंच भेंट 10/1/2023
खेडापति बालाजी मन्दिर हेमडा में बेंचें लगीं
video Balaji Temple Hemda Rajasthan
खेड़ापति बालाजी मन्दिर हेमड़ा के शुभचिंतक
दिलीप जी चौहान 96948-18732
जीतेन्द्र टेलर हेमडा ८८२४८-६१६१३
माँगी लाल जी चौहान टेलर 80588-22434
मंदिर के पुजारी महावीर शृंगी हैं
डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा खेड़ा पति बालाजी मंदिर हेमड़ा हेतु दान सम्पन्न 10/1/2023
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर
जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार
मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट
जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार
जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी
मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़