1.6.23

मुक्ति धाम सुसनेर : मानव का अंतिम विश्राम :आगंतुक सुविधा सम्मान:आलोकजी का आसन दान


सुसनेर जिला आगर ,मध्य प्रदेश के मुक्ति धाम हेतु

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा

बेंच व्यवस्था

 


कविता -

सुसनेर नगर का मुक्तिधाम, जहाँ थमती हैं जीवन की साँसें। नितेशजी सोनी की देखरेख में, फैल रही है विकास की आभा।

हरे-भरे वृक्षों की छाया, दिनेशजी टेलर का स्नेहिल संरक्षण। बरामदे में श्रद्धांजलि सभा, जहाँ स्मृतियाँ पाती हैं सम्मान।

डॉ. आलोक के आदर्शों से प्रेरित, डॉ. अनिल राठौर का पावन दान। बारह सिमेन्ट बेंचों का उपहार, आगंतुकों को मिला विश्राम।

दान पट्ट हुआ स्थापित, समिति ने किया अभिनंदन। सेवा और श्रद्धा का संगम, मुक्तिधाम बना पुण्य धाम।

 श्लोक -                                                                                                                                                            सुसनेर नगरं पुण्यं, मुक्तिधामं मनोहरम्।  

नितेशेन सोनीनाय, विकासः संप्रवर्धते॥  

दिनेशेन वृक्षपालनं, हरितच्छायया युतम्।  

बरामदं श्रद्धासभा, यत्र स्मृत्याः सदा स्थिराः॥  

आलोकस्य आदर्शेभ्यः, प्रेरितोऽनिलराठौरः।  

ददौ बेंचद्वादशं, भक्तानां विश्रमार्थम्॥  

दानपट्टे प्रतिष्ठाय, समिति सम्मानितव्रतम्।  

सेवा श्रद्धा च संयुक्तं, मुक्तिधामं दिवं धाम॥  



मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के

मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी

डॉ.दयाराम जी आलोक





शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

सुसनेर के  मुक्तिधाम मे
 10 सीमेंट बेन्च भेंट 

 Susner Muktidham Video
                                               

मुक्तिधाम सुसनेर मे दान-पट्टिका और समिति के सदस्य 



  सुसनेर मुक्तिधाम मे बेंच लगाई गईं                                       


मुक्ति धाम सुसनेर के शुभचिंतक -

सुरेश कुमारजी चौहान पंचायत सचिव -99260-23152 सुसनेर 

दिनेश कुमार जी चौहान 

घनश्याम जी गोयल  मेडिकल 

नितेशजी सोनी- 99810-61290 मुक्तिधाम समिति सुसनेर के अध्यक्ष हैं.

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा सुसनेर के मुक्तिधाम हेतु  12  सिमेन्ट बेंच दान सम्पन्न 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

डॉ . आलोक का काव्यालोक

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि

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