गायत्री शक्ति पीठ रामपुरा में
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
सीमेंट की बेंचें लगवाई गईं
रामपुरा की धरती पावन,
गायत्री मंदिर में गूँजे गान।
सीमेंट बेंचें दान स्वरूप,
श्रद्धा का दीप, सेवा महान।
दामोदर पथरी अस्पताल से,
अनिल राठौर ने दिया योगदान।
मुक्तिधाम में भी बेंचें सजीं,
आलोक जी का अद्भुत दान।
रामपुरा का गौरव लौटे फिर,
धर्म, समाज, सेवा का संग।
आलोक जी की प्रेरणा से,
जगे जन-जन में पुण्य तरंग।
रामपुरा शहर का अतीत गौरवशाली रहा है। गाँधीसागर बांध बनने के बाद आस पास के गाँव डूब मे आ जाने से रामपुरा के धंधे व्यवसाय चौपट हो गए । बड़े व्यवसायी रामपुरा छोड़कर अन्य जगह पलायन कर गए। अब रामपुरा का वैभव आहिस्ता आहिस्ता लौट रहा है। रामपुरा मे गायत्री शक्तिपीठ अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है. समिति बनी हुई है | मुख्य व्यवस्थापक मदन लाल जी मंडवारिया से संपर्क किया और मंदिर को 5 बेंच और 2 हजार नकद का दान समर्पित किया| रामपुरा के डॉ मुक्तिधाम को भी 5-5 बेंचें
भेंट की गईं हैं |
डॉ दयाराम आलोक जी का यह कार्य वास्तव में प्रशंसनीय है! उन्होंने अपनी दान भावना को साकार करते हुए अपनी पूर्व कर्म भूमि रामपुरा नगर के गायत्री मंदिर और नगर के दोनों मुक्तिधाम में सीमेंट की बेंच दान की है, जिससे श्रद्धालुओं और नगर के नागरिकों को सुविधा होगी।इसके अलावा, 1981 में दर्जी समाज का प्रथम सामूहिक
विवाह सम्मेलन का सफल आयोजन करना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा मिला|
रामपुरा नगर के नागरिक समाज को डॉ आलोक जी की सेवाओं का स्मरण होना जरूरी है , क्योंकि उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया है। उनका यह कार्य एक मिसाल है जो दूसरों को भी समाज के लिए
कुछ करने के लिए प्रेरित कर सकता है।डॉ आलोक जी को उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद और अभिनंदन ---सुरेश कुमार मकवाना रामपुरा
मंदिर का मुख्य गेट

गायत्री शक्ति पीठ रामपुरा हेतु दान सम्पन्न ६/५/२०२३





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