श्री कालेश्वर मंदिर, खाईखेड़ा
सर्प दंश का मंत्रोपचार : श्री दामोदर बेंच प्रदान : भक्तों की सुविधा सम्मान
खाईखेड़ा ग्राम में, मंदसौर की धरा पर, शामगढ़ से सात मील , विराजे कालेश्वर। सर्पदंश पीड़ितों का, आश्रय एकमात्र, मंत्रोपचार से हरता, विष का भयंकर भार॥
कालेश्वर महादेव, कृपा की धारा बहाए, जहर उतरता क्षण में, प्राण बचाए। भक्तों की पुकार सुन, दया का सागर उमड़े, शिव स्वरूप कालेश्वर, सबके दुख हर ले॥
डॉ. दयाराम आलोक, आध्यात्मिक दान पथ पर, पुत्र अनिल कुमार राठौर हाथों से करवाया। चार सीमेंट की बेंचें, मंदिर को अर्पित कीं, यात्रियों के विश्राम हेतु, सेवा का सुंदर रूप॥
थकित चरणों को अब, मिलेगा आराम सुखद, स्वच्छ बेंचों पर बैठ, भजन कर सकेंगे। मंदिर समिति ने मान, सरपंच श्री शामसिंग जी, पढ़िहार जी ने सम्मान, शिलालेख लगवाया॥
दान पुण्य का फल, अमर हो जाएगा नाम, भक्तों की सुविधा में, बढ़ा दिया सम्मान। यह दान न केवल पत्थर, बल्कि सेवा का प्रतीक, कालेश्वर की कृपा से, फले-फूले सदैव॥
जो भी यहां आता है, सर्प विष से पीड़ित, मिलती है राहत तुरंत, भगवान की कृपा से। दानवीर दयाराम जी, पुण्यात्मा अनिल जी, आपका यह योगदान, रहेगा इतिहास में॥
बोलिए कालेश्वर भगवान की जय! हर हर महादेव! जय कालेश्वर महाराज!
श्री कालेश्वर मंदिर खाईखेडा (शामगढ़ के पास) हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
४ सीमेंट बेंचें दान
समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
श्री कालेश्वर मंदिर खाई खेडा हेतु
4 सीमेंट बेंचें दान
कालेश्वर मंदिर खईखेड़ा का विडियो
शामसिंग जी पडिहार सरपंच खाईखेडा
चरण सिंग जी खाई खेडा
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा कालेश्वर मंदिर खईखेडा हेतु दान सम्पन्न १०/२/२०२४
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -

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