गायत्री शक्ति पीठ खड़ावदा (सेमरोल) - एक आध्यात्मिक सेतु और सेवा का संगम
युगद्रष्टा, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ आचार्य रामचन्द्र शर्मा जी के युगांतकारी विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए स्थापित गायत्री शक्ति पीठ केवल मंदिर नहीं, बल्कि संस्कार, साधना और मानवता के जागरण के केंद्र हैं। आचार्य जी के विचारों में अध्यात्म, नैतिकता और मानव सेवा का जो त्रिवेणी संगम है, उसी को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने के लिए देश-विदेश में गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि उनके उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे।
इसी पावन श्रृंखला में मालवा की धरती पर स्थित गायत्री शक्ति पीठ खड़ावदा (सेमरोल) भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस शक्तिपीठ को जन सहयोग और आध्यात्मिक चेतना से निरंतर सशक्त किया जा रहा है।
इसी सेवा भावना की एक सुंदर मिसाल प्रस्तुत की है -
मंदसौर, झालावाड़, आगर, नीमच, रतलाम जिलों के मंदिरों, गौशालाओं और मुक्तिधामों के लिए समर्पित
साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ के आध्यात्मिक दान-पथ ने।
डॉ. आलोक जी द्वारा वर्षों से इस अंचल के धार्मिक स्थलों पर सेवा कार्य किये जा रहे हैं, इसी कड़ी में दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के माध्यम से गायत्री शक्ति पीठ खड़ावदा हेतु 6 सीमेंट बेंच समर्पित की गईं।
यह दान दिनांक 16/9/2022 को विधिवत सम्पन्न हुआ, जिसकी दान-पट्टिका आज भी शक्तिपीठ परिसर में लगी हुई है। यह बेंचें श्रद्धालुओं के बैठने, विश्राम और सत्संग के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।
इस पुनीत कार्य के साक्षी और शक्तिपीठ के शुभचिंतक रहे हैं -
अध्यक्ष - सत्यनारायण जी सेवक, मंदिर शुभचिंतक - सुभाष जी डपकरा खड़ावदा, पूजा-पाठ - रत्नेश जी भट्ट पुजारी जी।
शक्तिपीठ की महत्ता को दर्शाता एक वीडियो रत्नेश जी भट्ट पुजारी जी द्वारा भेजा गया है, तथा 9/3/2024 को दामोदर हॉस्पिटल की टीम द्वारा भी शक्तिपीठ का एक सुंदर वीडियो निर्मित किया गया है, जो इस स्थान की दिव्यता और शांति का अनुभव कराता है।
यह छोटा सा सहयोग - डॉ. अनिल कुमार दामोदर (98267-95656) सुपुत्र डॉ. दयाराम जी आलोक (99265-24852), शामगढ़ द्वारा किया गया यह दान, वास्तव में आचार्य श्री के विचारों को जीवंत रखने का ही एक प्रयास है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह आध्यात्मिक धरोहर सुरक्षित रहे।
गायत्री शक्ति पीठ खड़ावदा(सेमरोल) हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
६ सीमेंट बैंच समर्पित
आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचारों और उपदेशों को विश्वभर में प्रचारित करने के लिए गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आचार्य शर्मा के युगांतकारी विचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना न केवल भारत में बल्कि विश्व के अनेक देशों में की गई है, जो आचार्य शर्मा के विचारों की वैश्विक प्रासंगिकता और महत्ता को दर्शाता है। इन पीठों के माध्यम से लोगों को आचार्य शर्मा के विचारों से परिचित कराने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है।
आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचार आधुनिक समय में भी प्रासंगिक हैं और लोगों को जीवन के सही मूल्यों और आदर्शों की ओर दिशा देते हैं। उनके उपदेशों में आध्यात्मिकता, नैतिकता, और मानवता के मूल्यों का समावेश है, जो विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना आचार्य शर्मा के विचारों को जीवंत रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कार्य है .
मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के
मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु
साहित्य मनीषी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आध्यात्मिक दान-पथ
गायत्री शक्ति पीठ खड़ावदा हेतु
दामोदर हॉस्पिटल की टीम ने गायत्री शक्ति पीठ खडावदा का विडियो बनाया ९/३/२०२४
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
*मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर
*जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार
*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट
*जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार
*जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी
*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

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