श्री बालाजी मंदिर, जती पिपल्या
आज के इस आध्यात्मिक दान-पथ के लेख में हम आपको ले चल रहे हैं मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के एक आस्था केंद्र पर - ग्राम जती पिपल्या के श्री बालाजी मंदिर।
मंदिर का परिचय और ग्राम की विशेषता -
सड़क के समीप स्थित यह बालाजी मंदिर बरखेड़ा गांगासा से कुछ ही दूरी पर स्थित ग्राम पिपल्या जती की हिन्दू आबादी की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है।
जती पिपल्या एक मिश्रित आबादी वाला गाँव है, जहाँ ठाकुर राजपूत समाज का प्रभुत्व है, वहीं पाटीदार समाज के लोग कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इस गाँव के युवा सरपंच श्री गोविंद सिंह जी पडिहार साहब ग्राम कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
इस पावन स्थल के शुभचिंतकों में दुल्हेसिंह जी पडिहार, सरपंच गोविंद सिंह जी पडिहार और दिनेश जी पाटीदार का नाम विशेष उल्लेखनीय है।
बैंच व्यवस्था - दान का प्रसंग -
मंदिरों और मुक्तिधामों को सीमेंट की बेंचें भेंट करने के आध्यात्मिक दान-पथ के तारतम्य में समाजसेवी साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक ने सरपंच गोविंद सिंह जी पडिहार साहब से संपर्क कर विमर्श किया।
विमर्श उपरांत मंदिर के सामने पिलर पर दान पट्टिका लगवाई गई और डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी चिकित्सालय शामगढ़ के माध्यम से दिनांक 24/08/2023 को 3 सीमेंट की बेंचें श्री बालाजी मंदिर जती पिपल्या को समर्पित कर दी गईं।
दान की भावना - आध्यात्मिक दान-पथ -
यह कोई एकल दान नहीं, बल्कि एक संकल्पित अनुष्ठान है।
सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ वाले, अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ इस आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान वे संपन्न कर रहे हैं।
इसमें उनकी वह राशि भी शामिल है जो Google कंपनी से उनके ब्लॉग और YouTube वीडियो से प्राप्त होती है। यह समस्त समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़" के नाम से समर्पित हो रही हैं।
विशेष उल्लेख - दान पट्टिका का संरक्षण -
19/03/2024 को दामोदर हॉस्पिटल शामगढ़ की टीम मंदिर पहुंची। यह वीडियो सरपंच गोविंद सिंह जी पडिहार की उपस्थिति में बनाया गया। इस दौरान यह संज्ञान में आया कि दानदाता की दान पट्टी और बेंचों पर लगी प्लेट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। सरपंच श्री गोविंद सिंह जी पडिहार साहब ने स्वयं पहल कर दान पट्टी पर चिपकाए गए आईने को हटाया और बेंचों पर लगी नेम प्लेट को भी सही दिखने योग्य बनाने का वचन दिया। उनके इस सहयोग के लिए हम हृदय से आभारी हैं।
तो आइये, इस वीडियो के माध्यम से जती पिपल्या के बालाजी मंदिर में स्थापित बैंच व्यवस्था और दान पट्टिका के दर्शन करते हैं।
बोलिए जती पिपल्या के बालाजी महाराज की जय!
दान विवरण -
श्री बालाजी मंदिर जती पिपल्या हेतु 3 सीमेंट बेंच भेंट - 24/08/2023
सौजन्य से - डॉ. अनिल कुमार दामोदर (98267-95656) S/o डॉ. दयाराम जी आलोक (99265-24852)
दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़
बालाजी का मंदिर जती पिपल्या
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
बैंच -व्यवस्था
मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के ग्राम जति पिपल्या का बालाजी का मंदिर सड़क के समीप स्थित है और हिन्दू आबादी की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। बरखेड़ा गाँगासा से कुछ ही दूरी पर है पिपल्या जति . इस गाँव के सरपंच गोविंद सिंग जी पड़िहार युवा हैं और ग्राम कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने के अथक प्रयास कर रहे हैं। गाँव मे मिश्रित आबादी है । ठाकुर राजपूत समाज का प्रभुत्व है . पाटीदार समाज के लोग कृषि और और शिक्षा के क्षेत्र मे आगे बढ़ते प्रतीत होते हैं.समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube पर विडियो से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -

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