भारतीय संस्कृति में दान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है, और उसमें भी मुक्तिधाम जैसे स्थान पर किया गया दान तो मोक्ष-मार्ग का सोपान बन जाता है। मुक्तिधाम केवल अंतिम यात्रा का पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नश्वरता का बोध कराने वाला वह पवित्र स्थल है, जहाँ बैठकर मनुष्य अपने कर्मों का चिंतन करता है।
गरोठ, जो अंग्रेजी शासनकाल में एक संभाग के रूप में अपनी गरिमा रखता था, आज फिर विकास की नई राह पर अग्रसर है। इसी गौरवशाली नगर के पंथवारिया मार्ग स्थित विशाल मुक्तिधाम में जन-सुविधा के विस्तार हेतु एक छोटा सा विनम्र प्रयास किया गया है।
कुलदेवी माँ नागणेचिया की प्रेरणा और आशीर्वाद से, साहित्य मनीषी एवं समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक, शामगढ़ द्वारा अपने 'आध्यात्मिक दान-पथ' अनुष्ठान के अंतर्गत, अपनी पेंशन राशि से, पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के माध्यम से गरोठ मुक्तिधाम हेतु 8 सीमेंट बेंचों का समर्पण किया गया है। यह केवल बेंचों का दान नहीं, बल्कि वहाँ आने वाले परिजनों के लिए विश्राम, संबल और मानवीय संवेदना का एक छोटा सा संदेश है।
इसी व्यापक संकल्प के अंतर्गत मंदसौर, नीमच, आगर, झालावाड़, कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों, गौशालाओं और मुक्तिधामों में भी निरन्तर सेवा कार्य संपन्न हो रहा है। प्रस्तुत लेख इसी सेवा-यात्रा की एक कड़ी है।
गरोठ नगर के पंथवारिया मार्ग वाले मुक्ति धाम हेतु
डॉ . दयाराम जी आलोक द्वारा
8 सिमेन्ट बेंच भेंट
गरोठ अंग्रेजी हुकूमत के जमाने मे डिविजन (संभाग) हुआ करता था | सरकारी महकमे की बड़ी इमारते आज भी गरोठ के शानदार अतीत का गुण गान कर रही प्रतीत होती हैं| लेकिन समय गुजरता गया और गरोठ तरक्की की दौड़ मे पिछड़ता गया|अब यह शहर विकास के मार्ग पर पुन: चल पड़ा है| बोलिया रोड पर औधयोगिक क्षेत्र मे कई फेक्टरियाँ विकसित हो गई हैं |गरोठ मे मुख्यत:दो मुक्ति धाम हैं| पंथवारिया मार्ग पर स्थित मुक्ति धाम एक बड़े भू भाग पर मौजूद है| चंद्र शेखर जी गुरुजी प्रबंधन संभाल रहे हैं| मुक्तिधाम मे लोगों की बैठने की सुविधा उन्नत करने के परिप्रेक्ष्य मे समाज सेवी डॉ . दयाराम जी आलोक ने अपने आध्यात्मिक दान अनुष्ठान के अंतर्गत इस मुक्ति धाम के लिए डॉ . अनिल कुमार राठौर दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से 8 सिमेन्ट की बेंच समर्पित की हैं!समिति ने आभार व्यक्त किया!
मुक्तिधाम में दान की बेंचे

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के
मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आध्यात्मिक दान- पथ
आलोकजी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . इसमे वो राशि भी शामिल है जो आपको google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| आपकी ६ वेबसाईट पर google विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% आपको मिलता है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
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