31.5.23

गौराजी कालाजी मंदिर : भीमणी-पगारिया श्रद्धा धाम : डॉ . आलोक पावन दान:भक्तों को सुविधा सम्मान



भीमणी (पगारिया) जिला झालावाड राजस्थान 

गौराजी कालाजी मन्दिर में

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा

सीमेंट बैंच व्यवस्था


मंदिर में ५ बैंच भेंट 

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल  से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.



भीमनी ग्राम की पहाड़ी पर स्थित गौराजी कालाजी  मन्दिर के प्रांगण में दान की  बेंचें 



गौराजी कालाजी मंदिर भीमनी राज.
15001 का दान( 5  सीमेंट बेंच)


भीमनी मंदिर का विडियो रमाकांत व्यास की आवाज 30/9/2022 

Goraji kalaji mandir Bhimni Raj.bench 15/10/2022

Bhimni mandir video 



रामसिंग जी 94605-18401 भीमनी की पहल

कालुराम जी पंवार  टेलर ९९८२८-८७३७७  का सुझाव 

रमाकांतजी व्यास 95713-22802 का सहयोग


डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 शामगढ़, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा डूंगरी पर गोराजी कालाजी मंदिर भीमणी हेतु दान सम्पन्न 5/10/2022


-यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -

*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

*जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

*जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

*जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

*दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि

30.5.23

मुक्ति धाम रामपुरा नाका -2 :जहाँ रूह को मिले शांति, वहीं डॉ. आलोक ने दिया सम्मान; एक प्रेरणादायी बदलाव:muktidham Rampura

मुक्ति धाम नाका-2 रामपुरा 
के लिए दामोदर चिकित्सालय शामगढ़ 
द्वारा 5 बेंच और 2001 /-नकद दान 

जहाँ रूह को मिले शांति का स्थान, वहीं आलोक ने दिया सम्मान। पेंशन समर्पित, सेवा महान, मुक्तिधाम में हुआ परिवर्तन जान।

सुरेशजी ने पट्ट लगाया, दानदाता का नाम जगमगाया। रामपुरा की धरती पर छाया, मानवता का दीप जलाया।

श्लोक-

यत्र रूहः शान्तिम् लभते, तत्र मान्यम् ददौ आलोकः। प्रेरणादायी परिवर्तनं, मानवता-सेवा-समर्पणम्॥ सुरेशेन मकवानेन, पावनं दानं स्मृत्यर्थम्। दानदातुः पट्टः स्थाप्यः, प्रेरणां जनयिष्यति॥ जीवनस्य सत्यं मृत्युर्नाम, तत्र शान्तिप्रदं स्थलम्। आलोकस्य करुणा-कार्येण, मुक्तिधामं सुशोभितम्॥





"यत्र रूहः शान्तिम् लभते, तत्र मान्यम् ददौ आलोकः।
प्रेरणादायी परिवर्तनं, मानवता-सेवा-समर्पणम्॥"

संस्कृत श्लोक

"सुरेशेन मकवानेन, पावनं दानं स्मृत्यर्थम्।
दानदातुः पट्टः स्थाप्यः, प्रेरणां जनयिष्यति॥"

भावार्थ: सुरेशजी मकवाना ने इस पावन दान को यादगार बनाने हेतु दानदाता (डॉ. आलोक) का दान पट्ट स्थापित किया है, जिससे समाज में दान की प्रेरणा निरंतर मिलती रहेगी।
"जीवनस्य सत्यं मृत्युर्नाम, तत्र शान्तिप्रदं स्थलम्।
आलोकस्य करुणा-कार्येण, मुक्तिधामं सुशोभितम्॥"
(जीवन का अंतिम सत्य मृत्यु है, परंतु डॉ. आलोक के करुणामय कार्य से मुक्ति धाम सुंदर और शांतिपूर्ण बना।
"जहाँ रूह को मिले शांति, वहीं डॉ. आलोक ने दिया सम्मान; एक प्रेरणादायी बदलाव।"
जीवन का अंतिम सत्य 'मृत्यु' है, लेकिन जहाँ सांसें थम जाती हैं, उस स्थान को सम्मान और शांतिपूर्ण वातावरण देना एक पुनीत कार्य है। रामपुरा (Rampura) के मुक्ति धाम की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। यहाँ सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं हुआ, बल्कि अंतिम यात्रा पर आने वाले परिजनों के लिए सम्मान और सुविधा के प्रबंध किए गए हैं। सुरेशजी मकवाना ने इस पावन दान को यादगार बनाने के लिए दान दाता का दान पट्ट स्थापित किया ,इससे लोगों को दान की प्रेरणा मिलती रहेगी
                                             

रामपुरा नगर के मुक्ति धाम  नाका-२ के निमित्त

 डॉ दयाराम जी आलोक का दान 

रामपुरा शहर का अतीत गौरवशाली रहा है। गाँधीसागर बांध बनने के बाद आस पास के गाँव डूब मे आ जाने से रामपुरा के धंधे व्यवसाय चौपट हो गए । बड़े व्यवसायी रामपुरा छोड़कर अन्य जगह पलायन कर गए। अब रामपुरा का वैभव आहिस्ता आहिस्ता लौट रहा है। रामपुरा शहर मे मुख्य रूप से दो मुक्ति धाम हैं |पहिला गांधी सागर रोड पर है और दूसरा नाका नंबर 2 का है। मुझे लगा कि दोनों ही मुक्ति धाम मे बैठक सुविधा उन्नत करने की आवश्यकता है। सामाज सेवी सुरेश कुमार जी मकवाना से जानकारी लेकर मैंने अपने आध्यात्मिक दान-पथ के सिलसिले मे कैलाशजी फरक्या और जीतू भाई जैन से संपर्क किया । दान -पट्टिकाऐं यथास्थान लगने के बाद डॉ . अनिल कुमार राठौर ,दामोदर चिकित्सालय शामगढ़ के माध्यम से प्रत्येक मुक्ति धाम को 5-5 बेंचें और दो -दो हजार नकद दान समर्पित करते हुए दान संपन्न किया ।रामपुरा  मे गायत्री शक्तिपीठ अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है. समिति बनी हुई है | मुख्य व्यवस्थापक मदन लाल जी मंडवारिया  से  संपर्क किया और मंदिर को 5 बेंच और 2 हजार नकद का दान समर्पित किया । तीनों संस्थानों की समितियों द्वारा दान दाता का आभार ज्ञापित किया गया . 

  समाजसेवी  सुरेशजी मकवाना  लिखते हैं-"डॉ दयाराम आलोक जी का यह कार्य वास्तव में प्रशंसनीय है! उन्होंने अपनी दान भावना को साकार करते हुए अपनी पूर्व कर्म भूमि रामपुरा नगर के गायत्री मंदिर और नगर के दोनों मुक्तिधाम में सीमेंट की बेंच दान की है, जिससे श्रद्धालुओं और नगर के नागरिकों को सुविधा होगी।इसके अलावा, 1981 में दर्जी समाज का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन का सफल आयोजन करना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा मिला |
  रामपुरा नगर के नागरिक समाज को डॉ आलोक जी की सेवाओं का स्मरण होना जरूरी है , क्योंकि उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया है। उनका यह कार्य एक मिसाल है जो दूसरों को भी समाज के लिए 
कुछ करने के लिए प्रेरित कर सकता है।डॉ आलोक जी को उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद और अभिनंदन"     

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

 मुक्ति धाम नाका -२ रामपुरा 

17551/-  का दान (५ बेंच+२०००/-नकद) 




मुक्ति धाम नाका-2  के शुभ चिंतक 

सुरेश जी मकवाना ९४०६८-५९०१६ 

जीतू भाई जैन ९९०७९-१९४०६ मुक्ति धाम प्रबंधक हैं|

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"कायावर्णेश्वर शिवालय का आँगन, श्रद्धालुओं हेतु बीस आसन, डॉ. आलोक का दान अनमोल, भक्ति में झरता स्नेह का संचारन

ऐतिहासिक कायावर्णेश्वर क्यासरा -डग मन्दिर  हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  की तरफ से 

20  सीमेंट बैंच समर्पित 



कायावरणेश्वर शिवालय राजस्थान के झालावाड़ जिले में डग कस्बे से 7 किलोमीटर दूर स्थित एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसका परिसर विशाल और हरित है।

मंदिर की विशेषताएं:

- प्राकृतिक मनोरम हरियाली पहाड़ियों से घिरा हुआ

- पौराणिक कालीन राजा जन्मेजय की कथा से जुड़ा हुआ

- विशाल परिसर

- उधयान में विभिन्न प्रजातियों के फल और फूलदार पेड़-पौधे

- गुरुकुल संचालित

- गौशाला से सम्बद्ध

- भगवान शिव की सैंकड़ों वर्ष पुरानी प्रतिमा

समाजसेवी डॉ. दयाराम आलोक जी का योगदान:

- 20  सिमेन्ट की बेंचें समर्पित

- मंदिर के महात्म्य को आत्मसात किया

- प्रबंधक मंडल से संपर्क और दान-विमर्श

- शिलालेख मंदिर के प्रमुख द्वार की दीवार पर लगाया गया

डॉ. दयाराम आलोक जी का यह दान न केवल मंदिर की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि यह भक्तों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। उनका यह अनुष्ठान मंदिरों और मुक्तिधाम को व्यवस्थाएं उन्नत करने के लिए आर्थिक दान के साथ सिमेन्ट की बेंचें भेंट करने का है।
बोलिए कायावरणेश्वर महादेव की जय!

प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर:कायावर्णेश्वर महादेव के दर्शन




मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी  

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान -पथ 

मित्रों,
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी ६ वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|





कायावर्णेश्वर महादेव क्यासरा -डग मन्दिर हेतु 

 20  सीमेंट बेंच

क्यासरा महादेव ,राजस्थान का विडियो पिंकेश जी भावसार पीडावा ने भेजा 25/9/2022

क्यासरा महादेव में दान पट्टी व् बेंच का दृश्य



 क्यासरा महादेव का विडियो 



क्यासरा महादेव मंदिर के शुभचिंतक व समिति संरचना 

श्री मोहन लाल जी व्यास (गुरुजी सभाध्यक्ष),
एसडीएम गंगधार (पदेन अध्यक्ष),
श्री भेरू सिंह जी परिहार अध्यक्ष
श्री शम्भू जी पोरवाल 
श्री ललित जी अग्रवाल 
श्री कुन्दन जी व्यास 
मनीष जी प्रेमी की पहल से दान प्रक्रिया सम्पन्न हुई। 
अमृत जी कारपेंटर 
किशोर राजगुरु 
रामदयाल जी शर्मा 
(कार्यालय)

डग कस्बे के समीप प्रकृति की गोद में क्यासरा स्थित कायावर्णेश्वर महादेव मंदिर हाड़ाैती का प्रमुख शिवालय है। इस प्राचीन मंदिर में स्थित सवा तीन फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शनार्थ पूरे सावन मास में राजस्थान व मध्यप्रदेश से शिव भक्त आते हैं। मंदिर में लगे प्राचीन जानकारी के अनुसार झालावाड़ के महाराजा स्वर्गीय राजेंद्र सिंह ने 1944 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था तथा उन्होंने यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला भी बनवाई थी। क्यासरा तीर्थ के भानपुरा पीठ पूर्व शंकराचार्य एवं भारत माता मंदिर हरिद्वार के संस्थापक स्वामी सत्यामित्रानंद गिरी महाराज की प्रेरणा से 1987 में यहां अन्न क्षेत्र का शुभारंभ किया था, जो वर्तमान में निरंतर जारी है। यहां 1992 में विशाल 1008 कुंडी लक्षचंडी महायज्ञ भी हुआ था।

क्या है मान्यता : स्थानीय निवासियाें के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग प्रति वर्ष तील व जाै के आकार जितना बढ़ता है। बुजुर्गाें का दावा है कि चर्म रोग या कुष्ठ रोग पीड़ित राेगी यहां मंदाकनी कुंड से जल लेकर स्नान करता है तो उसकी बीमारी खत्म हो जाती है।

कैसे पहुंचे: डग-सुकेत मेगा हाईवे पर डग कस्बे से आठ किमी दूर कायावर्णेश्वर महादेव मंदिर तक जाने के लिए डग से कई निजी वाहन उपलब्ध हैं।

डॉ.अनिल कुमार दामोदर आत्मज डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा कायावर्णेश्वर महादेव शिवालय हेतु 51 हजार का दान सम्पन्न
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23.5.23

माँ आशापुरा मंदिर : गेलना रूंडी गैलाना विराजित :चौहान वंश कुलदेवी :आलोक का पावन आसन दान

 माँ  आशापुरा का मंदिर रुंडी  गेलाना के लिए 

समाज सेवी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा 

5 सिमेन्ट बेंच और 5 हजार नकद दान      


धार्मिक,आध्यात्मिक संस्थानों मे दर्शनार्थियों के लिए सिमेन्ट की बैंचों की व्यवस्था करना महान पुण्य का कार्य है। दान की भावना को साकार करते हुए डॉ. दयाराम जी आलोक मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मुक्ति धाम और मंदिरों के लिए नकद दान के साथ ही सैंकड़ों सीमेंट की बेंचें भेंट करने के अनुष्ठान को गतिमान रखे हुए हैं |
आशापुरा माता, चौहान वंश की कुलदेवी हैं. उन्हें शाकंभरी (सांभर लेक सिटी, राजस्थान) के सोनगरा चौहान के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि सांभर में ही करीब 1300 साल या उससे ज़्यादा पहले आशापुरा माता का पहला मंदिर बना था.
अपने आध्यात्मिक दान-अनुष्ठान के परिप्रेक्ष्य मे समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक ने  माँ आशापुरा मंदिर रुंडी गेलाना के प्रबंधक महेंद्र सिंग जी देवरिया विजय और करण सिंग जी गोरधन पूरा से संपर्क करते हुए डॉ अनिल कुमार राठौर ,दामोदर पथरी चिकित्सालय शामगढ़ के माध्यम से माता आशापुरा के चरणों 5 सिमेन्ट बेंचें और 5 हजार नकद दान समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया | 5 हजार रुपये का रंग रोगन विश्राम कुटी पर करवा दिया है| --जय हो माँ आशापुरा रुंडी गेलाना वाली !
                                

माँ आशापुरा मन्दिर रुंडी गैलाना का विडियो 

   

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल  से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.



माँ आशापुरा मंदिर रूंडी गैलाना
5 बेंच और  5000/- नक़द दान


श्री महेंद्र सिंग जी ने शिलालेख  लगवाई 21/12/2022 



उक्त रेस्ट हाउस पर कलर करने के लिए 


*आशापुरा  माता  के सेंट्रल बेंक अकाउंट मे 5 हजार रुपये जमा किए 22/12/2022 


आशापुरा मंदिर के प्रबंधक श्री करन सिंग जी और श्री महेंद्र सिंग जी ने दान दाता डॉ.दयाराम जी आलोक की भावना को समझते हुए रेस्ट हाउस पर बहुत ही आकर्षक कलर करवा दिया है .




विडिओ  आशापुरा  मंदिर गैलाना बेंच लगने का 24/12/2022 





मंदिर समिति के प्रमुख व्यवस्थापक -

महेंद्र सिंग जी  देवरिया विजय  82250-98088

  करण सिंग जी  गोरधनपुरा    80854-90606

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा माँ  आशापुरा मंदिर गैलाना  हेतु दान सम्पन्न 16/11/2022
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22.5.23

दूधाखेड़ी माताजी मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु बेंच व्यवस्था : दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ का पावन दान

    दूधाखेड़ी माताजी  मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

५ सिमेन्ट बेंच भेंट। 

मंदसौर जिले की गरोठ  तहसील के गाँव बरखेड़ा  गाँगासा  का दूधा खेड़ी माताजी का मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। लकवे के रोगी ठीक होने का इतिहास है। इस मंदिर मे होने वाला भंडारा मशहूर है। हजारों लोग शरीक होते हैं। माता भक्त श्री बदरीलाल जी फरक्या  मंदिर की व्यवस्था कार्य मे लगे रहते हैं। मंदिरों और मुक्ति धाम को सिमेन्ट की बेंच दान करने के अपने आध्यात्मिक अनुष्ठान  के सिलसिले मे  बद्री लाल जी से संपर्क  हुआ । मंदिर मे बैठक सुविधा को उन्नत करने के लिए  दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से ५ सिमेन्ट की बेंच समर्पित की गईं --डॉ .आलोक शामगढ़  

 दूधाखेडी  माताजी के मन्दिर में दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ प्रदत्त सीमेंट बेंचें                                                   




      समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube पर विडियो से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं. 


                    

माँ दूधाखेड़ी मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु 
 5  सिमेन्ट बेंच भेंट 

दूधाखेडी माताजी का मंदिर बरखेड़ा गंगासा विडियो १९/३/२०२४ 

अंकितजी ने दान पट्टिका स्थापित की 

माँ दूधाखेड़ी मंदिर बरखेड़ा का चित्र


बरखेड़ा गांगासा के दुधाखेड़ी माताजी के मंदिर का विडियो 

बरखेड़ा गांगासा की माँ दुधाखेड़ी के मंदिर मे बेंच लगीं 8/9/2022


दूधा खेड़ी  माताजी बरखेड़ा गांगासा  के शुभचिंतक  

अंकित जी फरक्या 84589-54116 

बद्री लाल जी फरक्या 99260-43873 मंदिर प्रबंधन के अध्यक्ष हैं.

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल   98267-95656,शामगढ़   द्वारा दूधाखेड़ी माताजी  मंदिर बरखेड़ा गांगासा हेतु दान सम्पन्न 
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