15.5.23

मुक्ति धाम संजीत -मंदसौर /डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा 7 बेंच दान

मुक्ति धाम संजीत , तहसील मल्हारगढ़ ,जिला मंदसौर में

 दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  द्वारा 

7  सीमेंट बैंच लगवाई गई

संजीत कस्बा मंदसौर जिले की मलहारगढ़ तहसील के अंतर्गत आता है। यहाँ का मुक्ति धाम  चम्बल नदी के पास स्थित है। समिति अच्छा कार्य कर रही है। मुक्ति धाम मे अब शमशान  घाट वाला डर  का माहौल नहीं होता। मुक्ति धाम के परिसर मे सैंकड़ों  पौधे पनप  रहे हैं। नहाने  के लिए पानी की अच्छी व्यवस्था है।इस संस्थान की उन्नति  और कायाकल्प करने के प्रति समर्पित भंवर लाल जी चौहान टेलर ने हमारी मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुक्ति धाम मे बेंच -दान अभियान  का लाभार्थी बनने के लिए अनुरोध किया और मैंने डॉ  अनिल दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से इस मुक्तिधाम मे 7  सिमेन्ट की बेंच लगवा दी हैं। --डॉ  दयाराम आलोक 

                                          


 मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के



मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान--पथ 

मित्रों ,

  परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम  में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
  मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 6 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|


संजीत के मुक्ति धाम के लिए
 7  सिमेन्ट की बेंच भेंट. 


संजीत के मुक्तिधाम मे बेंच लगीं


संजीत गाँव के  मुक्ति धाम का विडियो भंवर लाल जी चौहान ने भेजा 


भँवर लाल जी चौहान का आभार-पत्र 


संजी मुक्ति धाम के शुभ चिंतक 

भँवर लाल जी चौहान टेलर 95751-15303

भगवती प्रसाद जी चौहान  

कन्हैया लाल जी चोहान टेलर 
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गायत्री शक्ति पीठ मंदिर डग-झालावाड/डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा २१ हजार का दान

  माँ गायत्री शक्ति पीठ स्थान डग जिला झालावाड  हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

सीमेंट बैंच-व्यवस्था   


आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचारों और उपदेशों को विश्वभर में प्रचारित करने के लिए गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आचार्य शर्मा के युगांतकारी विचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना न केवल भारत में बल्कि विश्व के अनेक देशों में की गई है, जो आचार्य शर्मा के विचारों की वैश्विक प्रासंगिकता और महत्ता को दर्शाता है। इन पीठों के माध्यम से लोगों को आचार्य शर्मा के विचारों से परिचित कराने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है।
आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचार आधुनिक समय में भी प्रासंगिक हैं और लोगों को जीवन के सही मूल्यों और आदर्शों की ओर दिशा देते हैं। उनके उपदेशों में आध्यात्मिकता, नैतिकता, और मानवता के मूल्यों का समावेश है, जो विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना आचार्य शर्मा के विचारों को जीवंत रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कार्य है
  


                                



 मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के



मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का

अभिनव दान -अनुष्ठान 

साथियों,

शामगढ़ नगर अपने दानशील व्यक्तियों के लिए जाना जाता रहा है| शिव हनुमान मंदिर,मुक्तिधाम ,गायत्री शक्तिपीठ आदि संस्थानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए यहाँ के नागरिकों ने मुक्तहस्त दान समर्पित किया है|
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 6 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|


डग के गायत्री शक्तिपीठ मंदिर  हेतु
 
21 हजार रुपये की 8 सीमेंट बेंच भेंट 

गायत्री शक्ति पीठ डग का विडिओ आलोक की आवाज 


  गायत्री शक्ति पीठ डग में मुख्य द्वार के पास दान -पट्टी का दृश्य   




  

मनीषजी प्रेमी अध्यापकजी -99285-87850 डग की  प्रेरणा

मोहन लाल जी  जोशी  गायत्री  प्रवक्ता  शामगढ़  ने  दान की अनुमति  दिलाई 

 सुरेशजी पँवार डग 97995-70000 का सहयोग 

गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य प्रबन्धक नंदलाल जी शर्मा गुरुजी हैं

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 शामगढ़ द्वारा गायत्री शक्ति पीठ ,डग हेतु दान सम्पन्न 
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14.5.23

मुक्ति धाम आवर -झालावाड़-राजस्थान /डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा ८ सिमेन्ट बेंचें भेंट


      आवर जिला झालावाड़ के मुक्तिधाम में  दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  की दान पट्टी                                         

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम  जिलों  के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

अभिनव दान  -अनुष्ठान 

साथियों,

शामगढ़ नगर अपने दानशील व्यक्तियों के लिए जाना जाता रहा है| शिव हनुमान मंदिर,मुक्तिधाम ,गायत्री शक्तिपीठ आदि संस्थानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए यहाँ के नागरिकों ने मुक्तहस्त दान समर्पित किया है|
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 6 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं| 


आवर  के मुक्तिधाम हेतु 


21 हजार रुपये का दान (8  सीमेंट बेंच भेंट) 

  आवर के मुक्तिधाम का विडियो                                     

कंवरलाल जी दर्जी आवर के दाह संस्कार मे सीमेंट बेंच पर बैठे लोग
                            

                                                                   आभार-पत्र

    सूचना-जो भी व्यक्ति  इस मुक्तिधाम  के  फोटो या विडियो  ९९२६५२४८५२ पर whatsap से भेजेंगे  वे फोटो उनके नाम के साथ पोस्ट किये जायेंगे. 

जगदीश जी पँवार  शिक्षक 94601-94770 की प्रेरणा 

डॉ.प्रमोदजी आवर 94145-68129  एवं 

कपिल जी टेलर 94601-95106 का सहयोग 
   
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा आवर के मुक्ति धाम हेतु दान सम्पन्न 
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 *मुक्ति धाम आगर -मालवा/मोती सागर तालाब बम्बई घाट/ डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा 10 सिमेन्ट बेंच दान 



5.4.23

अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासंघ का सफरनामा: लेखक: रमेश चंद्र जी राठौर आशुतोष

 


-रमेश राठौर आशुतोष की कलम से :

अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासंघ(प्रधान कार्यालय शामगढ) की स्थापना 1965 में डॉ दयारामजी आलोक शामगढ द्वारा की गई । सामाजिक सेवाओं का जुनून आलोक साहेब को युवावस्था में मात्र 25 वर्ष की उम्र से ही हो गया था। आलोकजी ने महासंघ का सविंधान लिपिबद्ध किया जिसमे आवश्यक सुधार डॉ लक्ष्मीनारायण जी अलौकिक द्वारा  किए जाकर रसायन फार्मेसी प्रेस दिल्ली से संविधानआलेख  की पुस्तक छपवाकर समाज मे वितरित की गई थी।

महासंघ ने वार्षिक अधिवेशन की परंपरा के अंतर्गत 5 अधिवेशन किये जो क्रमशः 1965 में पहला अधिवेशन राठौर भवन शामगढ पर किया गया जिसमें दूर दराज के 134 समाजजनों ने अपनी उपस्तिथि दर्ज करवाई थी। उसके बाद 1966 में डग राजस्थान में  दर्जी समाज के  मन्दिर उद्यापन के समय किया गया।

 उल्लेखनीय है कि 1966 में दर्जी समाज के डग मन्दिर की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य व ऐतिहासिक कार्यक्रम दर्जी समाज डग के सभी दर्जी बन्धुओ की सहमति





व समाज सहयोग से महासंघ के तत्ववाधान में सम्पन्न हुआ है।

डग के सत्यनारायण मन्दिर के उद्यापन के लिए दान दाताओं की सूचि 

वार्षिक अधिवेशन श्रंखला में 1967 में ग्राम साठखेड़ा के दर्जी समाज के वित्तीय सहयोग से सम्पन्न हुआ। वर्ष 1968 व 1969 के अधिवेशन आलोक सदन शामगढ में सम्पन्न हुए।
उक्त अधिवेशन में समाज मे व्याप्त कुरीति नोंद प्रथा (इसमे महिलाओं को एक मुश्त भोजन सामग्री परोसी जाती थी जिसे बांधकर महिलाएं घर ले जाती थी) को बंद करने का प्रस्ताव भी रखा गया था जो कालांतर में बाद में शामगढ में एक मोसर आयोजन से बंद हुआ। यह हम सब जानते हैं कि कुप्रथाएं एक मीटिंग अथवा एक अधिवेशन से बंद नहीं हो सकती है। कुप्रथाएं व रूढ़ी , परम्परायें के लिए समाज को बार बार अवगत करना होता है। समयानुसार समाज के व्यक्तियों को समझ आती है और कुप्रथाएं लुप्त होती जाती है।
 1970 में डॉ आलोक साहेब का ट्रांसफर चचोर होने से महासंघ की गतिविधियों में रुकावट आ गई। चूंकि उस जमाने में वर्तमान जैसी डिजिटल  मीडिया सेवाएं नहीं होने से महासंघ की गतिविधियाँ मे ठहराव या गया था| । चचोर से बरलाई व बाद में आलोक साहेब का ट्रांसफर रामपुरा हुआ तब से पुनः समाज सेवा के द्वारा कुछ करने का जज्बा जाग्रत हुआ। रामपुरा दर्जी समाज को संगठित कर दर्जी समाज का पहला व मन्दसौर जिले का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन महासंघ के झंडे तले आयोजित कर सफलता हांसिल की।
    1983 में पुनः रामपुरा नगर में दूसरे विवाह सम्मेलन का बीड़ा उठाकर उसे अंजाम तक पहुंचाया।
1990 में शामगढ जिसे समाज का ह्रदय स्थल समझा जाता है में सामूहिक विवाह सम्मेलन की रूप रेखा तैयार कर श्री भेरुलालजी राठौरकी अध्यक्षता मे  विशाल आयोजन हुआ । महासंघ के तत्वावधान में आयोजित यह सरा सम्मेलन था।
आलोक साहेब के बोलिया आ जाने के बाद 2006 , 2008 व 2010 में एक एक वर्ष छोड़कर तीन सम्मेलन बोलिया में आयोजित किये गए।
ज्ञातव्य हो कि 2010 में बोलिया में नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन डाक्टर साहेब ने निज वित्त पोषण से  किया था जो अब तक के नए गुजराती दर्जी समाज  का एक मात्र  सामूहिक विवाह सम्मेलन है।
2012 के सम्मेलन का अध्यक्षीय नेतृत्व महासंघ में मुझे  याने (रमेश आशुतोष) को  दिया। मैंने कुछ हटकर इस सम्मेलन की प्लानिंग तैयार की थी । यह सम्मेलन भव्यता लिए हुए स्मरणीय आयोजन की सूची में जाना जाता है।
2014 के विवाह सम्मेलन में दर्जी समाज का पारिवारिक परिचय ग्रंथ समाज सेतु 2014 (प्रकाशक- अखिल भारतीय दामोदर दर्जी महासंघ) का विमोचन कार्यक्रम रखा गया। इस सम्मेलन में भी कुछ नया करने के उद्देश्य से पहली बार सम्मेलन का नेतृत्व महिला को देने का काम महासंघ के खाते में जाता है। सु श्री माया राठौर पिता डॉ लक्ष्मीनारायण जी अलौकिक 2014 के सामूहिक विवाह सम्मेलन की अध्यक्ष बनाई गई जिनके नेतृत्व से सम्मेलन के प्रति समाज जनों में विश्वास , पारदर्शिता का संदेश पहुंचा।
समाज मे महासंघ की अगुवाई में विवाह सम्मेलनों की मांग को देखते हुए 2017 में नों वा सामूहिक विवाह सम्मेलन कंचन गंगा गार्डंन में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ दयाराम जी आलोक साहेब ने बखूबी निभाई। महासंघ के सम्मेलनों की एक विशेषता यह रही है कि बचत राशि महासंघ ने कभी अपने कोष में सम्मिलित नहीं की उसे डिवाइड कर सभी जोड़ो को घर घर जाकर आना पाई का आय व्यय पत्रक छपवाकर पत्रक सहित रिटर्न दिया यह अपने आप मे महासंघ की लोकप्रियता व पारदर्शिता का प्रमाण है।

महासंघ की विशेषताएं:

1. स्वेच्छिक दान: महासंघ ने कभी भी धन संग्रह हेतु समाज के गांव में जाकर उगाई (वसूली) मुहिम नहीं की।
2. समाज सेवा का सिद्धांत: जिसने दिया उसका भी भला और जिसने नहीं दिया उसका भी भला।
3. सफल सम्मेलन: 9 सफल सम्मेलन आयोजित किए गए।
4. डिजिटल माध्यम से समाज सेवा: लोक डाउन के दौरान भी महासंघ के संस्थापक डॉ आलोक साहेब ने इंटरनेट को माध्यम बनाकर समाज सेवा की।
5. दर्जी समाज के फोटो: लगभग दस हजार फोटो इंटरनेट पर लोड किए गए।
6. पारदर्शिता: महासंघ का हिसाब पूछने का नहीं, देखने का समय होना चाहिए।
7. वंशावलि: सात पीढ़ियों तक की पारिवारिक जानकारी इकट्ठा की गई।

महासंघ की इन विशेषताओं को देखकर यह स्पष्ट होता है कि यह संगठन समाज सेवा और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ आलोक साहेब की मेहनत और समर्पण की भावना प्रशंसनीय है| 
महाप्रबंधक-----
रमेश राठौर आशुतोष
संचालक: कंचनगंगा गार्डन गायत्री शक्तिपीठ के सामने शामगढ

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