लोकसखा पर पढ़ें सटीक जाति इतिहास, पौराणिक कथाएं, मंदिर दर्शन और डॉ. आलोक द्वारा मुक्तिधाम व गौशालों को दान किए गए बेंच व नकद सहयोग की पूरी जानकारी। सनातन आध्यात्म -जाति इतिहास-दान विमर्श : आलोकजी का पावन दान
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26.9.25

मंशापूर्ण बालाजी मंदिर ढोढर:सर्प दंश मुक्ति स्थल :आलोक का दिव्य आसन प्रसाद

मंशापूर्ण बालाजी मंदिर ढोढर-सुवासरा में बेंच व्यवस्था  विडियो 


 मंशापूर्ण बालाजी मंदिर ढोढर  हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  का 

नवरात्र  के पुनीत  उत्सव  पर 

सीमेंट बेंच का पावन दान 


 मंशापूर्ण बालाजी मंदिर ढोढर
4 सिमेन्ट बेंच दान



बालाजी मंदिर मे दान दाता  की दान पट्टिका का प्रारूप 

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ


डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।



मंशापूर्ण बालाजी मंदिर  के शुभचिंतक -

मंशापूर्ण  बालाजी मंदिर समिति  ढोढर 

श्री मदन सिंग जी तंवर  ढोढर

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा  मंशापूर्ण बालाजी मंदिर  ढोढर हेतु दान सम्पन्न २६/9/२०२५  

30.5.23

"कायावर्णेश्वर शिवालय का आँगन, श्रद्धालुओं हेतु बीस आसन, डॉ. आलोक का दान अनमोल, भक्ति में झरता स्नेह का संचारन

ऐतिहासिक कायावर्णेश्वर क्यासरा -डग मन्दिर  हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  की तरफ से 

20  सीमेंट बैंच समर्पित 



कायावरणेश्वर शिवालय राजस्थान के झालावाड़ जिले में डग कस्बे से 7 किलोमीटर दूर स्थित एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसका परिसर विशाल और हरित है।

मंदिर की विशेषताएं:

- प्राकृतिक मनोरम हरियाली पहाड़ियों से घिरा हुआ

- पौराणिक कालीन राजा जन्मेजय की कथा से जुड़ा हुआ

- विशाल परिसर

- उधयान में विभिन्न प्रजातियों के फल और फूलदार पेड़-पौधे

- गुरुकुल संचालित

- गौशाला से सम्बद्ध

- भगवान शिव की सैंकड़ों वर्ष पुरानी प्रतिमा

समाजसेवी डॉ. दयाराम आलोक जी का योगदान:

- 20  सिमेन्ट की बेंचें समर्पित

- मंदिर के महात्म्य को आत्मसात किया

- प्रबंधक मंडल से संपर्क और दान-विमर्श

- शिलालेख मंदिर के प्रमुख द्वार की दीवार पर लगाया गया

डॉ. दयाराम आलोक जी का यह दान न केवल मंदिर की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि यह भक्तों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। उनका यह अनुष्ठान मंदिरों और मुक्तिधाम को व्यवस्थाएं उन्नत करने के लिए आर्थिक दान के साथ सिमेन्ट की बेंचें भेंट करने का है।
बोलिए कायावरणेश्वर महादेव की जय!

प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर:कायावर्णेश्वर महादेव के दर्शन




मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी  

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान -पथ 

मित्रों,
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी ६ वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|





कायावर्णेश्वर महादेव क्यासरा -डग मन्दिर हेतु 

 20  सीमेंट बेंच

क्यासरा महादेव ,राजस्थान का विडियो पिंकेश जी भावसार पीडावा ने भेजा 25/9/2022

क्यासरा महादेव में दान पट्टी व् बेंच का दृश्य



 क्यासरा महादेव का विडियो 



क्यासरा महादेव मंदिर के शुभचिंतक व समिति संरचना 

श्री मोहन लाल जी व्यास (गुरुजी सभाध्यक्ष),
एसडीएम गंगधार (पदेन अध्यक्ष),
श्री भेरू सिंह जी परिहार अध्यक्ष
श्री शम्भू जी पोरवाल 
श्री ललित जी अग्रवाल 
श्री कुन्दन जी व्यास 
मनीष जी प्रेमी की पहल से दान प्रक्रिया सम्पन्न हुई। 
अमृत जी कारपेंटर 
किशोर राजगुरु 
रामदयाल जी शर्मा 
(कार्यालय)

डग कस्बे के समीप प्रकृति की गोद में क्यासरा स्थित कायावर्णेश्वर महादेव मंदिर हाड़ाैती का प्रमुख शिवालय है। इस प्राचीन मंदिर में स्थित सवा तीन फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शनार्थ पूरे सावन मास में राजस्थान व मध्यप्रदेश से शिव भक्त आते हैं। मंदिर में लगे प्राचीन जानकारी के अनुसार झालावाड़ के महाराजा स्वर्गीय राजेंद्र सिंह ने 1944 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था तथा उन्होंने यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशाला भी बनवाई थी। क्यासरा तीर्थ के भानपुरा पीठ पूर्व शंकराचार्य एवं भारत माता मंदिर हरिद्वार के संस्थापक स्वामी सत्यामित्रानंद गिरी महाराज की प्रेरणा से 1987 में यहां अन्न क्षेत्र का शुभारंभ किया था, जो वर्तमान में निरंतर जारी है। यहां 1992 में विशाल 1008 कुंडी लक्षचंडी महायज्ञ भी हुआ था।

क्या है मान्यता : स्थानीय निवासियाें के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग प्रति वर्ष तील व जाै के आकार जितना बढ़ता है। बुजुर्गाें का दावा है कि चर्म रोग या कुष्ठ रोग पीड़ित राेगी यहां मंदाकनी कुंड से जल लेकर स्नान करता है तो उसकी बीमारी खत्म हो जाती है।

कैसे पहुंचे: डग-सुकेत मेगा हाईवे पर डग कस्बे से आठ किमी दूर कायावर्णेश्वर महादेव मंदिर तक जाने के लिए डग से कई निजी वाहन उपलब्ध हैं।

डॉ.अनिल कुमार दामोदर आत्मज डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा कायावर्णेश्वर महादेव शिवालय हेतु 51 हजार का दान सम्पन्न
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