गायत्री शक्ति पीठ शामगढ़ में विकास एवं निर्माण हेतु
समाजसेवी डॉक्टर दयाराम जी आलोक द्वारा
५१ -५१ हजार के दो दान समर्पित किये गए.
गायत्री शक्ति पीठ का गौरव गान, शामगढ़ नगर में फैला दिव्य सम्मान।
माँ गायत्री, सरस्वती, लक्ष्मी का धाम, प्रतिमाओं से बढ़ा आध्यात्मिक नाम।
डॉ. दयाराम आलोक का दान महान, दो बार इक्यावन हजार का अर्पण दान।
ज्ञान मंदिर में शिलालेख अंकित हुआ, शांति देवी की स्मृति से भावनाएँ जुड़ा।
रमेश राठौर आशुतोष का प्रबंधन उत्तम, मोहन जोशी प्रवक्ता, गायत्री का सत्यम्।
अनिल कुमार राठौर ने श्रद्धा से दिया, मातुश्री की स्मृति में पुण्य समर्पित किया।
दान नहीं केवल धन का प्रमाण, यह है सेवा, श्रद्धा और समाज का मान।
श्लोक-
शामगढे शक्तिपीठे, गायत्र्या महिमा महान् । सरस्वत्याः लक्ष्म्याश्च, प्रतिमाः शोभनाः सदा ॥ आलोकेन दत्तं द्वौ, एकपञ्चाशत्सहस्रकम् । ज्ञानमन्दिरे शिलालेखः, शान्तिदेव्याः स्मृत्यर्थम् ॥ अनिलेन समर्पितं, मातुः पुण्यस्मृत्यर्थकम् । राठौरेण आशुतोषेण, व्यवस्थापनमुत्तमम् ॥ मोहनजोशिना प्रवक्ता, गायत्र्याः अनुष्ठानकम् । दानं न केवलं वित्तं, सेवा-सम्मानकारणम् ॥ शक्तिपीठं शामगढे, धर्मसेवा प्रतिष्ठितम् । लोकानां मार्गदर्शी च, समाजसेवा केन्द्रकम् ॥
(यह 51 हजार का नकद दान डॉ. अनिल कुमार राठौर की

स्वर्गीय मातुश्री श्रीमति शान्ति देवी धर्मपत्नी डॉ.दयाराम जी आलोक की पुण्य स्मृति में समर्पित )
समाजसेवी
आद्यात्मिक दान-पथ
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
शामगढ़ गायत्री शक्तिपीठ के ज्ञान मंदिर हेतु
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51 हजार रु. का प्रथम दान
गायत्री शक्ति पीठ शामगढ़ के अंतर्गत ज्ञानमंदिर के उदघाटन का विडियो
विडियो गुरु पूर्णिमा गायत्री शक्ति पीठ शामगढ़ 3/7/2023
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 , दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा गायत्री शक्तिपीठ के अंतर्गत ज्ञान मंदिर हेतु 51 हजार का प्रथम दान समर्पित
शामगढ़ की गायत्री शक्तिपीठ हेतु
विकास और निर्माण कार्य के लिए

51 हजार रुपये का दूसरा दान समर्पित
शामगढ़ गायत्री शक्तिपीठ का विडियो
मोहन लाल जी जोशी 95888-27033 गायत्री के प्रखर प्रवक्ता की प्रेरणा
राजू जी छाबड़ा ९४२५९-७८५८४ का सुझाव
गायत्री शक्तिपीठ का प्रबंधन रमेशजी राठौर आशुतोष-99264-26499 करते हैं.
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा गायत्री शक्ति पीठ शामगढ़ हेतु 51 हज़ार का दूसरा नक़द दान सम्पन्न


