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23.10.23

खेडापति बालाजी मंदिर: आकली दीवान का श्रद्धा स्थान: दामोदरजी बेंच प्रदान: दान:भक्तों को सुविधा सम्मान

 श्री खेडापति हनुमान मंदिर गाँव आकली दीवान में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  द्वारा 

सीमेंट की बेंचें भेंट

आकली दीवान का पावन धाम, खेड़ापति हनुमान का उज्ज्वल नाम। शामगढ़ नगर से जुड़ा है गाँव, भक्तों के हृदय में श्रद्धा का ठाँव।

मंगलवार को झण्डा निकले, बजरंग दल संग उत्साह मिले। सुनील राठौर परिवार परंपरा निभाए, भक्ति की धारा गाँव में बहाए।

डॉ. दयाराम आलोक ने दान दिया, तीन सिमेन्ट बेंचों का उपहार दिया। दामोदर पथरी अस्पताल से समर्पण हुआ, भक्तों के विश्राम का साधन बना।

दान पट्टिका मंदिर में जगमगाए, समाज में दान की भावना जगाए। जय-जयकार गूँजे हर द्वार, खेड़ापति हनुमान की जय अपार।

श्लोक -

"आकली ग्रामे हनुमाननाथः, भक्तजनानां श्रद्धा-सिन्धुः। आलोक-दानं बेंच-त्रयं, विश्रामाय भक्तानां सुखाय च। जयतु खेड़ापति हनुमानः॥"


   



समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।




आकली दीवान के खेडापति बालाजी  मंदिर हेतु
३ सीमेंट बेंचें भेंट

 मंदिर में बेंच दान करने का विडियो 

मंदिर के चित्र-  

सुनील जी राठौर ने दान दाता का सम्मान किया





कृष्णकांत जी आकली दीवान ने दान दाता का सम्मान किया

आकली के मंदिर के लिए दान पट्टिका का नमूना

गूगल नक़्शे  पर देखें निम्न लिंक में 

https://maps.app.goo.gl/BVNG9infrhLy2HiMA

खेड़ापति बालाजी मंदिर के शुभचिंतक 

सुनील जी राठौर  आकली  दीवान 

कृष्णकांत जी   आकली  दीवान 

पंकज जी  तिवारी आकली दीवान 


डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा श्री खेडापति बालाजी मंदिर आकली दीवान   हेतु दान सम्पन्न २३/१०/२०२३ 
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