बरखेडा राठौर के पावन धाम, श्री काला स्वामी मंदिर का नाम। दामोदर पथरी अस्पताल का दान, भक्तों हेतु बेंचों का सम्मान।
डॉ. दयाराम आलोक का तपस्वी मार्ग, सेवा-संस्कार से आलोकित हर आँगन। पेंशन की राशि, ब्लॉग की कमाई, दान-पथ पर सब समर्पित कराई।
मंदसौर, नीमच, रतलाम, झालावाड़, मुक्तिधाम, मंदिर, गौशाला विस्तार। सीमेंट बेंचें, रंग-रोगन का दान, १५१ संस्थानों में सेवा महान।
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दानं धर्मस्य मूलं हि, सेवा जीवन शोभना। आलोकस्य कृपायुक्तं, समाज हिताय साधना॥ मंदिरेषु मुक्तिधामेषु, गौशालासु च सर्वदा। बेंचदानं समर्प्यैव, भक्तानां सुखवर्धनम्॥ पेंशनं समर्प्यैव, गूगल लाभं च योजितम्। अनिलेन सह दत्तं, दामोदर पथरी नाम्ना॥
आद्यात्मिक दान-पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
दानपट्टिका का नमूना
डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा
श्री काला स्वामी मंदिर बरखेडा राठौर हेतु दान सम्पन्न २३/१०/२०२३
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