आस्था, सेवा और विश्राम का संगम - अंतरालिया के मंदिरों में बेंच व्यवस्था

मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बसा, मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील का छोटा सा गाँव अंतरालिया, अपनी आध्यात्मिक चेतना के लिए जाना जाता है। यहाँ के हिन्दू धर्मावलंबियों की दो देव-स्थानों के प्रति अटूट आस्था है - एकमात्र श्री ब्रह्माणी माताजी का मंदिर और श्री देवनारायण मंदिर।
मंदसौर जिले में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला ब्रह्माणी माताजी का मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। पक्के फर्श वाला विशाल परिसर और आकर्षक शिखर वाला यह देवालय केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि ग्रामीण जन की श्रद्धा और संस्कृति का केंद्र है। वहीं समीप ही स्थित देवनारायण मंदिर भी जन-आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ दर्शन के लिए आने वाले वृद्धजन, महिलाएं और दूर से आने वाले यात्रियों को बैठने-विश्राम की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
इसी आवश्यकता को समझते हुए समाजसेवी, साहित्य मनीषी और सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक ने एक अनुकरणीय पहल की।
डॉ. आलोक जी ने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को दान करने के संकल्प के साथ एक "आध्यात्मिक दान-पथ" पर चलने का अनुष्ठान लिया है। इसी संकल्प के अंतर्गत उन्होंने दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ - पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर के माध्यम से दोनों मंदिरों में दर्शनार्थियों के बैठने हेतु 4 सीमेंट की बेंचें समर्पित कीं। यह दान दिनांक 11/11/2022 को संपन्न हुआ।
यह केवल बेंचों का दान नहीं, बल्कि सेवा का एक विचार है। डॉ. आलोक जी राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, आगर, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में बैठक व्यवस्था हेतु सीमेंट बेंचें और रंग-रोगन के लिए नकद सहयोग कर चुके हैं। इस पुण्य कार्य में उनके ब्लॉग और YouTube चैनल से प्राप्त आय भी समाहित है।
अंतरालिया के इस कार्य में श्री राजू सोलंकी जी की प्रेरणा और मंदिर समिति के प्रमुख श्री रामदयाल जी पाटीदार एवं व्यवस्थापक श्री रामप्रताप जी गायरी का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने दानदाता का स्वागत-सम्मान किया।
प्रस्तुत है उसी सेवा-यात्रा की एक छोटी सी झलक - अंतरालिया के ब्रह्माणी और देवनारायण मंदिरों में हुई बेंच व्यवस्था की कथा।
श्री ब्रह्माणी माताजी का मंदिर ,
श्री देवनारायण मंदिर
के लिए
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
बेंच व्यवस्था
मध्य प्रदेश की भानपुरा तहसील के गाँव अन्तरालिया के हिन्दू धर्मावलंबियों की ब्रहमाणी और देव नारायण मंदिरों के लिए आगाध आस्था है|मंदसौर जिले के एक मात्र ब्रहमाणी मंदिर की ख्याति दूर दूर तक फैली हुई है|मंदिर के परिसर का पक्का फर्श है| देवालय का शिखर सुन्दर और आकर्षक है|
समाज सेवी डॉ.दयाराम आलोक जी ने दर्शनार्थियों के बैठने और विश्राम के लिए दोनों मंदिरों को 4 सिमेन्ट की बेंचें दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से समर्पित की हैं |
मंदिर समितियों के प्रमुख राम दयाल जी पाटीदार और राम प्रताप जी गायरी ने दान दाता का स्वागत -सम्मान किया|
ब्रह्माणी माताजी का मंदिर अंतरालिया
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube चैनल से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
राम प्रताप जी गायरी अंतरालिया ७०२४४-९९४७१
अंतरालिया के देव नारायण मंदिर हेतु
बेंच व्यवस्था
देव नारायण मंदिर अंतरलिया मे बेंच लगीं 11/11/2022
राम दयाल जी पाटीदार 97557-47790 अध्यक्ष
राम प्रताप जी गायरी 70244-99471 मंदिर व्यवस्थापक
डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 , दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा देवनरायन मंदिर और ब्रह्मणि मंदिर अंतरालिया हेतु दान सम्पन्न 11/11/2022
---
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ





कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें