सुनारी गाँव तहसील भानपुरा जिला मंदसौर के
श्री हनुमान मंदिर हेतु
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
सीमेंट बेंचों की व्यवस्था
सुनारी ग्राम का पावन धाम, हनुमान जी की प्रतिमा मनभावन नाम। बाबुलदा से भानपुरा पथ पर शोभित, सात कोस दूरी पर मंदिर सुशोभित।
आधुनिक शैली से निर्मित परिसर, रंग-रोगन से आकर्षक दृश्य अपार। राम प्रताप जी गायरी, रामचन्द्र जी पाटीदार संग, शुभचिंतक पुजारी का भावनात्मक रंग।
डॉ. दयाराम आलोक की दान परंपरा महान, कपिल जी परमार, राजू उपसरपंच का सहयोग सम्मान। बैठक हेतु बेंचें समर्पित हुईं, डॉ. अनिल कुमार राठौर का पुण्य जुड़ा वहीं।
जय-जयकार गूँजे बालाजी सरकार, भक्तों को सुविधा, श्रद्धा का उपहार।
सुनारीग्रामे हनुमानप्रतिमा मनोहरम् । अनिलदामोदरदत्ताः बेंचाः भक्तानां सुखाय च ॥ आलोकदानपरम्परया पुण्यं प्रसारितम् । बालाजी सरकाराय नमः सर्वसिद्धिदायकम् ॥
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube चैनल से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
सुनारी का बालाजी का मंदिर
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
*दामोदर दर्जी समाज महासंघ आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ
*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ
पौराणिक कहानियाँ के विडिओ
मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियों के विडिओ भाग 1
*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा
*डॉ . आलोक का काव्यालोक
*दर्जी वैवाहिक महिला संगीत के विडिओ
*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3
*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2
*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4
मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5
*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 6
*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7
*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ
*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ
*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ
*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व जुलूस के विडिओ
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