रामपुरा नगर के मुक्ति धाम नाका-२ के निमित्त
डॉ दयाराम जी आलोक का दान
रामपुरा शहर का अतीत गौरवशाली रहा है। गाँधीसागर बांध बनने के बाद आस पास के गाँव डूब मे आ जाने से रामपुरा के धंधे व्यवसाय चौपट हो गए । बड़े व्यवसायी रामपुरा छोड़कर अन्य जगह पलायन कर गए। अब रामपुरा का वैभव आहिस्ता आहिस्ता लौट रहा है। रामपुरा शहर मे मुख्य रूप से दो मुक्ति धाम हैं |पहिला गांधी सागर रोड पर है और दूसरा नाका नंबर 2 का है। मुझे लगा कि दोनों ही मुक्ति धाम मे बैठक सुविधा उन्नत करने की आवश्यकता है। सामाज सेवी सुरेश कुमार जी मकवाना से जानकारी लेकर मैंने अपने आध्यात्मिक दान-पथ के सिलसिले मे कैलाशजी फरक्या और जीतू भाई जैन से संपर्क किया । दान -पट्टिकाऐं यथास्थान लगने के बाद डॉ . अनिल कुमार राठौर ,दामोदर चिकित्सालय शामगढ़ के माध्यम से प्रत्येक मुक्ति धाम को 5-5 बेंचें और दो -दो हजार नकद दान समर्पित करते हुए दान संपन्न किया ।रामपुरा मे गायत्री शक्तिपीठ अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है. समिति बनी हुई है | मुख्य व्यवस्थापक मदन लाल जी मंडवारिया से संपर्क किया और मंदिर को 5 बेंच और 2 हजार नकद का दान समर्पित किया । तीनों संस्थानों की समितियों द्वारा दान दाता का आभार ज्ञापित किया गया .
डॉ दयाराम आलोक जी का यह कार्य वास्तव में प्रशंसनीय है! उन्होंने अपनी दान भावना को साकार करते हुए अपनी पूर्व कर्म भूमि रामपुरा नगर के गायत्री मंदिर और नगर के दोनों मुक्तिधाम में सीमेंट की बेंच दान की है, जिससे श्रद्धालुओं और नगर के नागरिकों को सुविधा होगी।इसके अलावा, 1981 में दर्जी समाज का प्रथम सामूहिक विवाह सम्मेलन का सफल आयोजन करना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा मिला |
रामपुरा नगर के नागरिक समाज को डॉ आलोक जी की सेवाओं का स्मरण होना जरूरी है , क्योंकि उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया है। उनका यह कार्य एक मिसाल है जो दूसरों को भी समाज के लिए
कुछ करने के लिए प्रेरित कर सकता है।डॉ आलोक जी को उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद और अभिनंदन ---सुरेश कुमार मकवाना रामपुरा
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोकशामगढ़ का
आद्यात्मिक दान-पथ
साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों ,मुक्ति धाम और गौशालाओं में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
डॉ.आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी पेंशन की राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु सीमेंट बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में आपकी वो राशि भी शामिल है जो google कंपनी से उनके ब्लॉग और You tube चैनल से प्राप्त होती है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.
मुक्ति धाम नाका -२ रामपुरा
सुरेश जी मकवाना ९४०६८-५९०१६
















