लोकसखा पर पढ़ें सटीक जाति इतिहास, पौराणिक कथाएं, मंदिर दर्शन और डॉ. आलोक द्वारा मुक्तिधाम व गौशालों को दान किए गए बेंच व नकद सहयोग की पूरी जानकारी। सनातन आध्यात्म -जाति इतिहास-दान विमर्श

29.9.23

चौसठ जोगनिया मंदिर :सोयत नगर का गौरव गान :दयारामजी बेंच प्रदान :भक्तों का आदर विश्राम

मध्य  प्रदेश के आगर जिले के सोयत कलां नगर के 

चौसठ जोगनिया मंदिर में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 

द्वारा  बेंचें भेंट .


दान का श्लोक - 

दानं महत्पुण्यमयं सदा,


भक्तानां विश्रान्तिकरं शुभं च।

आलोकदयारामनामकृते,

जोगन्या देव्या धामे समर्पितम्॥

दान की कविता -

सोयत नगर का गौरव गान, 
चौसठ जोगनिया माँ का धाम महान। 
भक्तों की श्रद्धा, आस्था अपार, 
सिमेन्ट बेंचों से हुआ विश्राम साकार।

दान की धारा बहती निरंतर, 
दयारामजी आलोक का पुण्य प्रखर। 
मध्यप्रदेश–राजस्थान में मंदिरों का मान,
 मुक्ति धामों में गूँजता दान का गान।

दीपेश भावसार, कमलेश भावसार का अनुरोध
 अनिल जी ने निभाया सेवा का बोध।
 दामोदर पथरी अस्पताल से समर्पण हुआ,
 भक्तों का आदर, विश्राम का सुख मिला।

समिति ने किया आभार व्यक्त, 
दानदाता का सम्मान हुआ उत्कट। 
आस्था, सेवा और श्रद्धा का संगम,
 चौसठ जोगनिया मंदिर बना पुण्य का संगम।

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube पर विडियो से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.



चौसठ जोगनिया  मंदिर सोयत कला में 
२ सीमेंट बेंचें भेंट 
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मंदिर के शुभचिंतक-

कैलाशजी मिलन भावसार 

दीपेश जी भावसार 

रामगोपाल  जी भावसार 

देवेन्द्रजी भावसार 

 डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा चौसठ जोगनिया  मंदिर सोयत कलां   हेतु दान सम्पन्न
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ

24.9.23

नर्मदेश्वर शिवालय मंदिर सोयत कलां-आगर-मालवा -मध्य प्रदेश / डॉ .अनिल दामोदर पथरी हॉस्पिटल शामगढ़ द्वारा 2 सिमेन्ट बेंच दान


सोयत कलां , जिला आगर  के  नर्मदेश्वर शिवालय में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ की तरफ से 

सीमेंट बेंचें भेंट 


 मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम झाबुआ जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान-पथ 

 धार्मिक,आध्यात्मिक संस्थानों मे दर्शनार्थियों के लिए सिमेन्ट की बैंचों की व्यवस्था करना महान पुण्य का कार्य है। दान की भावना को साकार करते हुए डॉ. दयाराम जी आलोक मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मुक्ति धाम और मंदिरों के लिए नकद दान के साथ ही सैंकड़ों सीमेंट की बेंचें भेंट करने के अनुष्ठान को गतिमान रखे हुए हैं।
  मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी ६ वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|




नर्मदेश्वर महादेव मंदिर सोयत कलाँ 
 
सीमेंट की दो बेंच भेंट :28/10/2020


मंदिर के शुभचिंतक- 


देवेंद्र जी भावसार 91313-12060  की पहल 

डॉ.विनीत जी गोयल 98931 97196 पथरी चिकित्सक सुसनेर का सुझाव 

दीपेशजी भावसार अटल 90985-24113 का सक्रिय सहयोग 
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

डॉ . आलोक का काव्यालोक

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि

श्री बालाजी मंदिर लोटखेड़ी चौराहा :खेड़ापती का गौरव गान :डॉ .आलोक बेंच प्रदान :भक्तों को सुविधा सम्मान





ग्राम लोटखेड़ी, तहसील भानपुरा, जिला मंदसौर (म.प्र.) के चौराहा पर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र का प्रसिद्ध आस्था केंद्र है।

भक्तों की बैठक सुविधा हेतु मंदिर परिसर में दो सीमेंट की लाल बेंचें दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा भेंट स्वरूप लगवाई गईं। यह दान दिनांक 11/11/2022 को संपन्न हुआ।

यह कार्य केवल बेंच लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि वृद्धजनों, यात्रियों और दर्शनार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बैठक स्थान उपलब्ध कराने का सेवा-भाव है।
2. मंदिर का स्वरूप

भानपुरा तहसील का लोठखेड़ी ग्राम,
चौराहे पर स्थित हनुमान धाम।
खेड़ापति बालाजी का अनुपम मंदिर,
रंग-रोगन से शोभित, स्थापत्य सुंदर।

संजयजी अग्रवाल प्रबंधक महान,
भक्तों की सेवा में रखते ध्यान।
बैठक सुविधा हेतु हुआ अनुरोध,
डॉ. दयाराम आलोक ने किया संकल्प बोध।

दमोदर पथरी अस्पताल से आया दान,
सिमेन्ट बेंचों का हुआ विधान।
समिति ने आभार व्यक्त किया,
भक्तों ने सुविधा का सुख लिया।

3. दान का विवरणस्थान: खेड़ापति हनुमान मंदिर, लोटखेड़ी चौराहा, भानपुरा, जिला मंदसौर
कार्य: 2 सीमेंट बेंच भेंट
दान दाता संस्था: दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़
दान दाता: डॉ. अनिल कुमार दामोदर S/o डॉ. दयाराम जी आलोक
संपर्क: डॉ. अनिल कुमार दामोदर - 98267-95656, डॉ. दयाराम जी आलोक - 99265-24852
मंदिर प्रबंधन: श्री संजय जी अग्रवाल - 94259-92661
शुभचिंतक: श्री विनोद जी चौहान टेलर, लोटखेड़ी

मंदिर का यह दृश्य आज रंग-रोगन संपन्न और व्यवस्थित बैठक व्यवस्था के कारण अधिक रमणीय हो गया है।
4. जयघोष और श्लोक

जय-जयकार गूँजे मंदिर द्वार,
बोलिए बालाजी सरकार की जय अपार।

श्लोक:

लोढखेड़ी ग्रामे हनुमानमन्दिरं रमणीयम्।
रङ्गरोगणसंपन्नं स्थापत्यं च शोभनम्॥
दयाराम आलोकस्य दानं सिमेन्टबेंचसमर्पणम्।
भक्तानां सुखाय सर्वे समिति आभारं वदन्ति॥
जयतु खेड़ापति बालाजी सरकारः॥
5. समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक का आध्यात्मिक दान-पथ

यह बेंच दान डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा संचालित 'आध्यात्मिक दान-पथ' का एक हिस्सा है। उनकी विशेषताएँ:

1. सेवानिवृत्ति के बाद संकल्प: एक सेवानिवृत्त अध्यापक होने के नाते उन्होंने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

2. व्यापक दायरा: उनका दान केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं में निरंतर योगदान।

3. सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वृद्धों और यात्रियों के लिए सीमेंट की बेंचें, रंग-रोगन, बैठक व्यवस्था जैसे मूलभूत कार्य जो सीधे जन-सुविधा से जुड़े हैं।

4. स्व-वित्तपोषित मॉडल: यह दान उनकी पेंशन और गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो से प्राप्त आय पर आधारित है - तकनीक का परोपकार में उपयोग।

5. निरंतरता: अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य।

6. पारदर्शिता और प्रेरणा: दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख / नाम पट्टिका लगवाना ताकि समाज में जागरूकता और अन्य लोगों को प्रेरणा मिले।

निवेदक:
समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक
Damodar Hospital Shamgarh

लोटखेड़ी चौपाटी के हनुमान मंदिर में बेंचें लगने का यह प्रसंग भक्ति और सेवा के संगम का उत्तम उदाहरण है।

ग्राम लोटखेडी तेहसील भानपुरा जिला मंदसौर के चौराहा  पर 

खेडापति हनुमान  मंदिर  में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  द्वारा 

लाल  बेंचें लगवाई गई

भानपुरा तहसील का लोठखेड़ी ग्राम, चौराहे पर स्थित हनुमान धाम। खेड़ापति बालाजी का अनुपम मंदिर, रंग-रोगन से शोभित, स्थापत्य सुंदर।

संजयजी अग्रवाल प्रबंधक महान, भक्तों की सेवा में रखते ध्यान। बैठक सुविधा हेतु हुआ अनुरोध, डॉ. दयाराम आलोक ने किया संकल्प बोध।

दमोदर पथरी अस्पताल से आया दान, सिमेन्ट बेंचों का हुआ विधान। समिति ने आभार व्यक्त किया, भक्तों ने सुविधा का सुख लिया।

जय-जयकार गूँजे मंदिर द्वार, बोलिए बालाजी सरकार की जय अपार।

श्लोक 

"लोढखेड़ी ग्रामे हनुमानमन्दिरं रमणीयम्। 
रङ्गरोगणसंपन्नं स्थापत्यं च शोभनम्॥ 
दयाराम आलोकस्य दानं सिमेन्टबेंचसमर्पणम्। 
भक्तानां सुखाय सर्वे समिति आभारं वदन्ति॥ 
जयतु खेड़ापति बालाजी सरकारः॥"

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

 का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

खेड़ापति हनुमान मंदिर लोटखेड़ी चौराहा
दो सीमेंट बेंच भेंट 

लोटखेड़ी चौराहा खेड़ापति हनुमान मंदिर मे बेंच लगीं 11/11/2022 



लोटखेड़ी चौपाटी के हनुमान मंदिर का दृश्य

श्री बालाजी मंदिर लोटखेड़ी चौराहा के शुभचिंतक 

विनोदजी चौहान टेलर लोटखेड़ी

संजय जी अग्रवाल 94259-92661 मंदिर का प्रबंधन करते हैं

 डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा खेड़ापति हहनुमान मंदिर लोटखेड़ी चौराहा, भानपुरा   हेतु दान सम्पन्न11/11/2022

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भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

डॉ . आलोक का काव्यालोक

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि

श्री राधा कृष्णा मंदिर गारिया खेड़ी :अनिल दामोदर बेंच प्रदान :भक्तों को सुविधा विश्राम



धर्म-संस्कृति की सेवा का एक सजीव पड़ाव - श्री राधा कृष्ण मंदिर, गारियाखेड़ी

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के शांत ग्राम गारियाखेड़ी में स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि ग्रामीण आस्था और सामुदायिक मिलन का केंद्र है। इसी पावन परिसर में दिनांक 20/12/2022 को एक छोटा सा परन्तु हृदय को छूने वाला आध्यात्मिक कार्य संपन्न हुआ।

समाजसेवी, साहित्य मनीषी और सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा अपने आध्यात्मिक दान-पथ के संकल्प के अंतर्गत इस मंदिर परिसर में आगंतुक भक्तों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें लगवाई गईं। यह दान दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से, पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर 'दामोदर' के माध्यम से समर्पित किया गया।

डॉ. आलोक जी का यह दान-पथ किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं है। आप अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को दान करने के विराट संकल्प के साथ राजस्थान और मध्यप्रदेश के मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के 151 से अधिक मंदिरों, मुक्ति धामों और गौशालाओं में बैठक व्यवस्था हेतु सीमेंट बेंचें और रंग-रोगन हेतु नकद दान का अनुष्ठान निरंतर संपन्न कर रहे हैं। इस पवित्र अनुष्ठान में Google कंपनी से उनके ब्लॉग और YouTube चैनल से प्राप्त आय भी समाहित है।

गारियाखेड़ी में यह सेवा मंदिर के शुभचिंतक श्री गोविंद जी पँवार टेलर के अनुरोध पर तथा मंदिर के मुख्य पुजारी श्री गोपाल जी बैरागी के सानिध्य में संपन्न हुई। इस सेवा कार्य का वीडियो दिनांक 21/12/2022 को श्री गोविंद जी टेलर द्वारा ही प्रेषित किया गया, जो इस लेख में संलग्न है।

यह लेख केवल बेंच दान का वृत्तांत नहीं, बल्कि एक सेवानिवृत्त शिक्षक के उस मौन तप का दस्तावेज है, जो अपनी लेखनी, वाणी और पेंशन को समाज के चरणों में आध्यात्मिक पुष्प की भांति अर्पित कर रहा है।

ग्राम गारियाखेडी  तेहसील गरोठ जिला मंदसौर के राधा कृष्णा मंदिर  में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

सीमेंट बेंचें लगवाई गईं

 समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का


आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.

श्री राधा कृष्ण मंदिर गारिया खेड़ी 
दो  सीमेंट बेंच  भेंट

गारियाखेड़ी  मंदिर का विडिओ 




 श्री राधा कृष्णा मंदिर गारिया खेड़ी  के परिसर मे बेंच लगीं 20/12/2022 

 
श्री राधा कृष्णा मंदिर गारिया खेड़ी का विडिओ गोविंद जी टेलर ने भेजा 21/12/2022 



मंदिर के शुभचिंतक -

गोविदजी  पँवार टेलर  गरियाखेड़ी  - 96996-29557  ने  मंदिर मे बेंच व्यवस्था का अनुरोध किया 

गोपाल जी बैरागी गारिया खेड़ी  74403-60206  -  मुख्य पुजारी 

नोट -मंदिर का दृश्य काल्पनिक है ai  generated  है । 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल  शामगढ़ 98267-95656  द्वारा राधा कृष्णा मंदिर  गारिया खेड़ी   हेतु दान सम्पन्न 20/12/2022 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

डॉ . आलोक का काव्यालोक

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि



15.9.23

मुक्ति धाम हतुनिया:जहाँ थमती हैं सांसें, वहाँ बढ़ाया सम्मान; डॉ. आलोक का सुंदर योगदान।"




भूमिका - मुक्ति धाम हतुनिया में सेवा का दीप

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का छोटा सा ग्राम हतुनिया, आज जन-सेवा और आध्यात्मिक चेतना का एक सुंदर उदाहरण बन रहा है। यहाँ का मुक्ति धाम केवल एक श्मशान परिसर नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम सत्य को शांति, सौंदर्य और करुणा के साथ समझाने वाला पवित्र स्थल है।

इसी पवित्र परिसर के विकास के क्रम में एक प्रेरणादायी अध्याय जुड़ा है - दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ द्वारा ७ सीमेंट बेंचों की भेंट।

यह दान डॉ. अनिल कुमार दामोदर राठौर S/o साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा अपने पिता के द्वारा प्रवर्तित 'आध्यात्मिक दान-पथ' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए किया गया है।
मुक्ति धाम हतुनिया - शांति का सागर

हतुनिया मुक्ति धाम की कहानी उसकी समिति के समर्पण की कहानी है। श्री फूलचंद जी चौधरी - अध्यक्ष, श्मशान समिति, श्री घनश्याम जी चौहान और श्री सत्यनारायण जी टेलर जैसे शुभचिंतकों के नेतृत्व में समिति ने इसे एक आदर्श परिसर बनाया है।

इसकी विशेषताएं मन को मोह लेती हैं -शांत और पवित्र परिसर
हरित वृक्षों की शीतल छाया
खुशनुमा और आत्मिक संतोष देने वाला वातावरण
आगंतुकों के लिए सीमेंट की स्थायी बेंचें
गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

इसी भाव को हमारे काव्य ने यूं पिरोया है -

मुक्ति धाम हतुनिया में, शांति का सागर बहता है,
फूलचंद जी के नेतृत्व से, सेवा का दीपक रहता है।
सीमेंट बेंचें सजतीं यहाँ, श्रद्धा का स्वर गूँजता है,
दान अनिल राठौर का, जन-कल्याण में पूज्य बनता है।
यह दान केवल बेंचें नहीं, एक विचार है

यह ७ बेंचों का दान, शामगढ़ के आध्यात्मिक दान-अनुष्ठान का एक हिस्सा है, जिसे साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम जी आलोक ने प्रारंभ किया है।

इस दान-पथ की प्रमुख विशेषताएं हैं -

सेवानिवृत्ति के बाद संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में समर्पित करने का विरल संकल्प लिया है।

व्यापक दायरा: उनका कार्य एक गाँव तक सीमित नहीं। मंदसौर, झालावाड़, आगर, नीमच, रतलाम, झाबुआ - मध्यप्रदेश और राजस्थान के 6 जिलों के मंदिरों, गौशालाओं और मुक्ति धामों तक इसका विस्तार है।

सुविधा-केंद्रित दृष्टि: वृद्धजनों और यात्रियों को बैठने के लिए स्वच्छ, स्थायी स्थान मिले, इसी सोच से वे मुख्यतः सीमेंट बेंचें दान करते हैं।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: यह पूर्णतः उनकी पेंशन और उनके ब्लॉग व यूट्यूब चैनल @aloksandesh से प्राप्त गूगल आय पर आधारित है - तकनीक से परोपकार का अनुपम संगम।

निरंतरता: यह एक बार का कार्य नहीं, अब तक 151 से अधिक संस्थानों में वे बैठक व्यवस्था और सौंदर्यीकरण में योगदान दे चुके हैं।


पेंशन का त्याग कर, आलोक जी ने आदर्श दिखाया है,
151 संस्थानों में, सेवा का दीप जलाया है।

इसी परंपरा को उनके सुपुत्र डॉ. अनिल कुमार जी ने दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के माध्यम से आगे बढ़ाया है। मुक्ति धाम हतुनिया में लगाई गई इन बेंचों पर बैठे लोगों का समूह फोटो और "मुक्ति धाम हतुनिया का वीडियो आलोक की आवाज में" इस सेवा की जीवंत साक्षी हैं।

शास्त्र कहता है -


दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च।
आलोकस्य कृपायुक्तं, पुण्यं सर्वत्र शोभते॥

मुक्तिधामे समायुक्तं, शान्तिः सौन्दर्यमेव च।
अनिलेन प्रदत्तानि, बेंचाः भक्तानुपकारिणः॥

निश्चित ही, जब शमशान समिति के परिश्रम, डॉ. आलोक के आदर्शों और डॉ. अनिल राठौर के सहयोग का त्रिवेणी संगम होता है, तो मुक्ति धाम केवल मुक्ति का नहीं, बल्कि मानवता और प्रेरणा का भी धाम बन जाता है

 मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के  ग्राम ह्तुनिया के   मुक्ति धाम में 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

सीमेंट बेंचें भेंट 

मुक्तिधाम का काव्यात्मक विवरण 

छंद 1 मुक्ति धाम हतुनिया में, शांति का सागर बहता है, फूलचंद जी के नेतृत्व से, सेवा का दीपक रहता है। सीमेंट बेंचें सजतीं यहाँ, श्रद्धा का स्वर गूँजता है, दान अनिल राठौर का, जन-कल्याण में पूज्य बनता है।

छंद 2 हरित वृक्षों की छाया में, जीवन का संदेश मिलता है, खुशनुमा वातावरण में, आत्मा का संतोष खिलता है। डॉ. आलोक के आदर्शों से, प्रेरणा का दीप जलता है, समाज सेवा के पथ पर, हर जन का मन मचलता है।

छंद 3 पेंशन का त्याग कर, आलोक जी ने आदर्श दिखाया है, 151 संस्थानों में, सेवा का दीप जलाया है। दान-पथ की गाथा उनकी, प्रेरणा का अमृत बनती है, मुक्ति धाम की हर बेंच पर, करुणा की छाया रहती है।

छंद 4 शमशान समिति के संग, जन-कल्याण का स्वर गूँज रहा, दान अनुष्ठान से समाज में, पुण्य का दीपक धधक रहा। मंदसौर से झालावाड़ तक, सेवा का विस्तार हुआ, आलोक जी के संकल्प से, धर्म-पथ उज्ज्वल हुआ।

श्लोक 

दानं धर्मस्य मूलं स्यात्, सेवा लोकहिताय च। आलोकस्य कृपायुक्तं, पुण्यं सर्वत्र शोभते॥

मुक्तिधामे समायुक्तं, शान्तिः सौन्दर्यमेव च। अनिलेन प्रदत्तानि, बेंचाः भक्तानुपकारिणः॥

सेवानिवृत्तजीवनेऽपि, धर्ममार्गे स्थितो दृढः। आलोकः समाजाय, दीपः पुण्यप्रकाशकः॥


मुक्तिधाम की कहानी बहुत प्रेरणादायक है! फूलचंद जी के नेतृत्व में मुक्तिधाम समिति की मेहनत और डॉ. दयाराम जी आलोक के आदर्शों से प्रेरित डॉ. अनिल कुमार राठौर का सहयोग इस परिसर को और भी सुंदर और उपयोगी बना रहा है।
मुक्तिधाम की विशेषताएं:

1. शांत और पवित्र परिसर
2. हरित पेड़-पौधों की मौजूदगी
3. खुशनुमा वातावरण
4. सिमेन्ट की बेंचें
5. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

डॉ. अनिल कुमार राठौर का योगदान:

1. दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से सहयोग
2. ७ सीमेंट की बेंचें प्रदान कीं
3. समाज सेवा और धार्मिक उत्थान में योगदान
आपके चैनल @aloksandesh  के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक वीडियोज़ प्राप्त करने के लिए सदस्यता लेना एक अच्छा विचार है!
मुक्तिधाम के लिए आर्थिक सहयोग और समाज की भागीदारी से इस परिसर को और भी विकसित किया जा सकता है



मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम,झाबुआ जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान-अनुष्ठान


डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
 

मुक्ति धाम हतुनिया जिला मंदसौर हेतु 


 ७ सीमेंट बेंचें भेंट 

मुक्ति धाम हतुनिया का विडियो आलोक की आवाज 


दामोदर अस्पताल शामगढ़ द्वारा लगवाई बेंचों पर बैठे लोगों का ग्रुप फोटो 






मुक्ति धाम के शुभचिंतक 

फूलचंदजी  चौधरी  ९९७७१९४२८४ - अध्यक्ष शमशान समिति 
घनशाम जी  चौहान 
सत्य नारायण जी टेलर 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल  शामगढ़ 98267-95656  द्वारा  मुक्ति धाम हतुनिया  हेतु दान सम्पन्न 
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ