युगऋषि परमपूज्य गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य जी की युग परिवर्तनकारी अवधारणा को साकार रूप देने के लिए आज गाँव-गाँव और शहर-शहर में गायत्री शक्ति पीठ मंदिरों की स्थापना हो रही है। इन शक्ति पीठों का मूल उद्देश्य मानव को मनसा, वाचा, कर्मणा जीवन मूल्यों के उच्चतम स्तर को आत्मसात कराना और विचार क्रांति के माध्यम से समाज का नव-निर्माण करना है।
इसी दिव्य परम्परा को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवी एवं साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम आलोक, शामगढ़ द्वारा अपने संकल्पित आध्यात्मिक दान-पथ के अंतर्गत गायत्री शक्ति पीठ मंदिर, सुवासरा को 11 हजार रुपये की नकद राशि दान स्वरूप भेंट की गई।
डॉ. आलोक जी ने सुवासरा शक्ति पीठ के शुभचिंतक श्री गेंदा लाल जी टेलर से संपर्क कर विधिवत 11 हजार रुपये की दान रसीद प्राप्त की। इस पावन सहयोग की स्मृति में मंदिर परिसर में दान पट्टिका भी स्थापित की गई है। मंदिर समिति के सदस्यों ने इस पुण्य कार्य हेतु दानदाता का सम्मान किया और हृदय से आभार व्यक्त किया। धर्मशास्त्रों में इस प्रकार का मंदिर सहयोग महान पुण्य का कार्य माना गया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दयाराम आलोक जी एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और अपनी पेंशन की राशि को समाजहित में लगाने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं। वे मध्यप्रदेश और राजस्थान के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों, मुक्तिधामों और गौशालाओं में निर्माण एवं विकास हेतु नकद दान तथा आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान करने का अनुष्ठान कर रहे हैं। अब तक 151 से अधिक संस्थानों में यह सेवा कार्य संपन्न हो चुका है।
इस समायोजित दान राशि में Google से उनके ब्लॉग और You Tube चैनल से प्राप्त आय भी सम्मिलित है। यह सम्पूर्ण दान-पुण्य उनके पुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से समर्पित है।
सुवासरा गायत्री शक्ति पीठ, जिसका यह दान कार्य सन 2022 में संपन्न हुआ, के वर्तमान ट्रस्ट मंडल में मुख्य ट्रस्टी श्री सुनील जी मान्दलिया, संयोजक श्री लक्ष्मी नारायण जी परमार, ट्रस्टी श्री गेंदमल जी टेलर और कोषाध्यक्ष श्री राजेंद्र जी चौधरी सहित अन्य शुभचिंतक सक्रिय हैं।
डॉ. आलोक जी की वाणी में गायत्री शक्ति पीठ सुवासरा का वीडियो और मंदिर में लगी दान पट्टिका इस सेवा भावना की साक्षी है।
बोलिए गायत्री माता की जय।
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