17.2.23

नीलकंठेश्वर महादेव मन्दिर :तितरोद का पावन धाम : दामोदरजी बेंच प्रदान: भक्तों को सुविधा सम्मान

नीलकंठेश्वर महादेव मन्दिर तितरोद -सीतामऊ को 

समाजसेवी  डॉ . दयाराम जी आलोक शामगढ़ द्वारा 

मंदिर मे बैठक व्यवस्था उन्नत करने हेतु 

3 सिमेन्ट बेंच भेंट


 मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के अंतर्गत सितामऊ तहसील के गाँव तितरोद मे  निलकंठेश्वर  महादेव का मंदिर अपनी प्राचीनता और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजनों के लिए जाना जाता है। पत्रकार श्री  देविदास जी बैरागी से परिचय हुआ ,इस मंदिर के लिए 3 सिमेन्ट की बेंचें  भेंट करने  के सिलसिले मे  मंदिर के व्यवस्थापक और पुजारी राकेश पुरीजी और मुकेश पुरीजी की अनुमति लेकर बेंचें मंदिर के प्रांगण मे लगवा दी गई हैं।  नील कंठेश्वर महादेव की जय हो !

                                               

                                                

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम झाबुआ  जिलों  के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का


आध्यात्मिक दान-पथ 

मित्रों ,
 परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
 मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 8 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं| 

श्री नीलकंठेश्वर  महादेव मंदिर तितरोद 
3 बेंच +1501रुपये

यह विडियो मंदसौर गाथा चेनल के मालिक देविदास जी बैरागी पत्रकार ने बनाकर भेजा है |


नील कंठेश्वर महादेव मंदिर का शिलालेख 

मंदिर मे नेम प्लेट चस्पा की गई 28/1/2023 


मंदिर के प्रबंधक मुकेश पूरी जी के अकाउंट मे 15001/- फोन पे किए| 


दामोदर पथरी का दवाखाना  शामगढ़ द्वारा दान की गई  बेंचों  का दृश्य 


                                                    आभार ज्ञापन 


शामगढ के दान दाता बन्धु द्वारा डॉक्टर दयाराम जी आलोक
की प्रेरणा से डॉक्टर श्री अनिल कुमार जी राठौर (दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ) द्वारा श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर तितरोद हेतु 3 सीमेंट की कुर्सिया भेट करने की घोषणा की थी जो आज महादेव मंदिर पर लगाई गई।। तितरोद नगर की ओर से दानदाता बन्धु का ह्रदय से धन्यवाद।। दानदाता बन्धु से न में कभी मिला न वो कभी श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर तितरोद आये बस एक बार फोन पर बात हुई,,महादेव जी के फोटो/वीडियो/मन्दिर की डिटेल भेजी तो उन्होंने कुर्सियां दान स्वरूप भक्तों के बैठने हेतु प्रदान कर दी ऐसे दान दाता बन्धु का पुनः धन्यवाद साथ ही क्षेत्र के अन्य प्रमुख मन्दिरो पर यह कुर्सियां उंन्होने भेंट करी।। महाकाल महाराज की कृपा सदैव आप पर बनी रहे।।--बैरागी न्यूज एजेंसी बस स्टैण्ड तितरोद
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नीलकंठेश्वर महादेव मन्दिर तितरोद,तहसील-सीतामउ,जिला मन्दसौर मध्यप्रदेश

   श्री नीलकंठेश्वर महादेव जी तितरोद का मंदिर ऐतिहासिक होकर अत्यंत प्राचीन सिद्ध व चमत्कारी स्थान के रूप में सेकड़ो वर्षो से पूजनीय है।। गाँव के बड़े बुजुर्गों से हमने सदैव सुना है की इस मंदिर का निर्माण ग्रामीणों ने नही करवाया है प्राचीन समय मे यह मन्दिर किसी सिद्ध सन्त महात्मा द्वारा वायुमार्ग से उड़ाकर ले जाया रहा था लेकिन भोर का समय होने पर यह मंदिर तितरोद नगर में ही उतर गया ओर तब से आजतक मन्दिर यही है ओर इसकी पूजा अर्चना होती आई है इसलिये लिखित में ऐसा कोई इतिहास नही है कि मन्दिर किसने,,कब व किस काल मे बनाया जो यह साबित करता है कि यह मन्दिर सेकड़ो वर्षो पहले का मंदिर है।। 
   शिलालेख के रूप में तितरोद रियासत के तत्कालीन महाराजा स्वर्गिय श्री रामसिंह जी राठौड़ द्वारा यँहा जलाभिषेक व गाँव को पेयजलापूर्ति हो इस हेतु एक बावड़ी का निर्माण करवाया था यह लेख पट्टिका बावड़ी पर लगी है और वो स्वयं भी यँहा पूजा अर्चना करने हेतु आते थे यह मंदिर राजशाही परम्परा से भी पूर्व का प्राचीन मंदिर है।। तितरोद से राजपरिवार कुछ कारणों की वजह से सीतामउ चला गया था और वँहा उंन्होने सीतामउ को अपनी राजधानी बनाया।। 
   पहले मन्दिर गर्भगृह तक ही सीमित था फिर यँहा के स्वर्गीय महंत श्री 1008 बालूपुरी जी गोस्वामी ने महादेव की सेवा को सर्वोच्य प्राथमिकता देते हुए अपने गृहस्थ जीवन को त्यागकर महादेव सेवा कार्य को ओर अधिक बड़े स्तर पर करने हेतु श्री पंच जूना अखाड़ा उज्जैन से दीक्षा प्राप्त कर अपने शिष्यों को महादेव की भक्ति कार्य मे प्रेरित किया और धीरे धीरे मन्दिर का विकास होते गया जो आज एक बड़े धार्मिक स्थल के रूप में क्षेत्र में विख्यात है।
   ऐसी मान्यता है कि निसंतान दम्पतियों को यँहा मन्नत मांगने पर पुत्र/पुत्री रत्नों की प्राप्ति होती है और ऐसे श्रद्धालुओ की संख्या भी बड़े स्तर पर है साथ ही गुरु पूर्णिमा,,महाशिवरात्रि के साथ प्रत्येक सोमवार को यँहा श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ी तादात में दूर दराज से आती है।। श्रावण माह के तृतीय सोमवार को श्री नीलकंठेश्वर महादेव जी की भव्य व ऐतिहासिक शाही शवारी निकलती है जिसमे दिल्ली,,मथुरा,,व्रन्दावन के कलाकार,,अखाड़े,,झांकिया,,भूत पार्टियां,,शाही रथ,,बेंड,,ढोल,,नगाड़े,,ताशे आदी के साथ महादेव नगर भृमण पर निकलते है जिसमे हजारो की संख्या में दूरदराज के श्रद्धालुगण महादेव के दर्शन करने आते है।। उक्त मन्दिर क्षेत्र निरन्तर ख्याति अर्जित करता जा रहा है और यँहा ओर अधिक विकास कार्य होने के साथ भविष्य में ओर अधिक डेवलपमेंट हेतु श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर विकास समिति कार्य योजना बना रही है।। जब भी आप भक्तजन सीतामउ-सुवासरा रोड से गुजरे तो बस स्टैण्ड तितरोद पर यात्री प्रतीक्षालय के पास से कुछ कदम दूरी पर ही बाबा नीलकंठेश्वर महादेव जी का मंदिर है तो एक बार दर्शन करने जरूर पधारे।। 
   मन्दिर के समीप ही मन्दिर के पूर्व पुजारी महंत श्री 1008 स्वर्गीय श्री बालूपुरी जी महाराज की प्रतिमा भी स्थापित की गई है जिनके दर्शनों का लाभ भी आप लेवे वर्तमान में श्री राकेश पूरी,,श्री श्याम पूरी व श्री मुकेशपुरी गोस्वामी महादेव जी का सेवा कार्य कर पूरी तन्मयता व विधिविधान से कर रहे है।। प्रतिदिन प्रातःकालीन आरती व विशेष अवसरों पर बाबा नीलकंठेश्वर महादेव जी के आकर्षक श्रंगार के दर्शन शोशल मीडिया पर भी भक्तों कोहो जाते है।
  देश के बड़े बड़े न्यूज चैनलों व अखबारों में भी उक्त मन्दिर की खबरे प्रकाशित व प्रसारित होती रहती है।। भक्तों को यँहा पीपल,,वटवृक्ष,,शमी,,आंवला व बेलपत्र के वृक्षों की पूजन करने का सौभाग्य भी प्राप्त होता है।। ऐसी है श्री नीलकंठ महादेव जी तितरोद की कृपा।।आप मन्दसौर गाथा ""mandsour gatha devidas bairagi k sath"" यूट्यूब चैनल पर भी मन्दिर व महादेव जी के दर्शन घर बैठे कर सकते है और फेसबुक पर ""Devidas bairagi"" आईडी सर्च कर फॉलो करने पर आपको प्रतिदिन प्रातःकालीन आरती श्रंगार दर्शन होते रहैंगे।।
संकलन--पत्रकार--देवीदास बैरागी,बैरागी न्यूज एजेंसी बस स्टैण्ड तितरोद--9479707432..


देविदास जी बैरागी 9479707432 पत्रकार की पहल 

राकेश पूरी जी  गोस्वामी 96305-18313 मंदिर प्रबंधक हैं| 

मुकेश पुरी जी मंदिर के मुख्य पुजारी हैं| 


शिव-हनुमान मन्दिर लुका का खेड़ा चिकनिया -गरोठ-मंदसौर /डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा 3 बेंच दान

                                                        

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम  जिलों  के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान -अनुष्ठान 

साथियों,

शामगढ़ नगर अपने दानशील व्यक्तियों के लिए जाना जाता रहा है| शिव हनुमान मंदिर,मुक्तिधाम ,गायत्री शक्तिपीठ आदि संस्थानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए यहाँ के नागरिकों ने मुक्तहस्त दान समर्पित किया है|
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 6 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं| 



 शिव -हनुमान मंदिर ,लूका का खेड़ा
11001/- का दान (3 sement bench+1500/

ग्राम लुका का खेड़ा (चिकनिया) तहसील गरोठ जिला मंदसौर | इस गाँव में शिव हनुमान मन्दिर का विशेष महत्व है| मन्दिर शिवजी और बालाजी के भक्तों की आस्था का केंद्र है| लोगों की मनोकामना पूरी होती हैं| मन्दिर में दर्शनार्थियों के बैठने की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक
के आदर्शों से प्रेरित पुत्र डॉ अनिल कुमार राठौर ,दामोदर पथरी चिकित्सालय ९८२६७९५६५६ द्वारा ३ सीमेंट बेंच और १५००/- नकद दान दिया गया| इस मन्दिर की देख रेख श्री तूफ़ान सिंग जी लुका का खेड़ा वाले करते हैं|मन्दिर पहुँचने के लिए गरोठ से बस मिल जाती है| पावटी गाँव से भी जा सकते हैं|




शिव हनुमान मंदिर मे शिलालेख लगाया 


विडिओ शिव हनुमान मंदिर मे बेंच लगने का


Shiv Hanuman Mandir ke liye 200/-+1300=1500/-ka payment kiya 12/2/2023 




मंदिर के शुभ चिंतक 

तुफान सिंग जी 88890-34253  

उमराव सिंग जी चौहान 78794-97915 के खाते मे दान की राशि फोन पे की 

गोर्धन जी पंवार 88270-3375

 डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656  शामगढ़  द्वारा शिव हनुमान मन्दिर लुका का खेडा  हेतु दान सम्पन्न १६/२/२०२३ 
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14.2.23

नरेंद्र यादव (राजू भाई) लिख रहे हैं शामगढ के विकास की नई इबारत


" होनहार बिरवान के होत चिकने पात "


  नरेंद्र जी यादव (राजू भाई)अपने छात्र जीवन मे मेरे प्रिय शिष्य रह चुके हैं । उक्त कहावत को चरितार्थ करने वाले अतुल्य बौद्धिक प्रतिभा सम्पन्न इस बालक मे भविष्य के जन नायक बनने के सभी गुण विध्यमान थे।आज इसी जननायक व्यक्तित्व की कहानी प्रस्तुत करते हुए गौरव की अनुभुति हो रही है।
  नाम नरेंद्र (राजू भाई) यादव आपका जन्म सन 4/10/1963 को यादव परिवार शामगढ़ में हुआ अपने विद्यालय में शिक्षा के बाद राजनीति मैं अपने कदम बढ़ाए और भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले कई जिम्मेदारियो को समझकर जिस पर आप खरे उतरे भाजपा ने आपको कई जिम्मेदार पदों पर नियुक्त किया एवं जिम्मेदारियां दी सर्वप्रथम नरेंद्र (राजू भाई) यादव ने सन 1983 में नगर परिषद में पहली बार पार्षद उम्मीदवार के लिए मात्र 19 वर्ष की उम्र में ही भारतीय जनता पार्टी से पार्षद उम्मीदवार के लिए अपनी दावेदारी पेश की ओर भाजपा पार्टी ने अपना विश्वास श्री यादव पर किया और वार्ड क्रमांक 12 का पार्षद उम्मीदवार बनाया और यादव ने यह चुनाव जीतकर अपने नाम किया ज्ञात हो कि पहले शामगढ़ नगर में 1 से लगाकर 12 वार्ड पर ही चुनाव होते थे पार्षद के पद पर रहते हुए नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद पर भी अपनी काबिलियत के चलते आपको मिला। श्री यादव द्वारा अपने उपाध्यक्ष पार्षद के कार्यकाल मैं रहते हुए वार्ड क्रमांक 12 के निवासी जरूरतमंदों को 90 पट्टे नगर परिषद की ओर से दिलवाए साथ ही आप भाजपा की स्थाई समिति के अध्यक्ष भी इसी कार्यकाल में रहे ।
  सन 1989 से लेकर 1999 तक भाजपा नगर अध्यक्ष के पद पर रहे ज्ञात हो कि पहले नगर अध्यक्ष भाजपा का पद मंडल अध्यक्ष के पद के बराबर रहता था इस दायित्व पर भी आप कांग्रेस के शासन में भाजपा का झंडा लिए बड़ी मजबूती से अपनी पार्टी का कार्य करते रहे और पार्टी को मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले 1999 से 2004 तक वार्ड क्रमांक 14 से पुनः पार्षद के लिए चुने गए इस चुनाव में आपको सर्वाधिक मत 971 वोट से विजई होकर पुनः नगर परिषद उपाध्यक्ष पद पर विराजित रहें।
  2005 से लगाकर 2010 तक गरोठ जनपद के वार्ड क्रमांक 17 से जनपद प्रतिनिधि सभापति के रूप में आप ने अपना दायित्व संभाला तत्पश्चात गरोठ विधानसभा में 2003 में विधानसभा के चुनाव में अपने


चचेरे भाई स्वर्गीय श्री राजेश यादव की भाजपा उम्मीदवारी पर तन मन धन से दिन रात एक कर आपने अपने भाई को भाजपा के चुनाव में विजय श्री दिलाई जिसमें आपकी अहम भूमिका रही इसके पश्चात 2013 में भी अपने चचेरे भाई स्वर्गीय राजेश यादव के साथ रहकर भाजपा पार्टी के निर्देशानुसार सक्रिय भूमिका निभाते हुए पुनः विधायक की सीट पर अपने चचेरे भाई को विजय श्री दिलाई |


   श्रीमती कविता यादव जिनका जन्म 13/ 08/ 1966 में हुआ। श्रीमती कविता यादव ने 2010 से अपने राजनीतिक केरियर की शुरुआत करते हुए 2010 से 2015 तक गरोठ जनपद चुनाव में वार्ड क्रमांक 17 भाजपा समर्थित सदस्य रही एवं आपके द्वारा भाजपा के बैनर तले सबसे सर्वाधिक मत प्राप्त कर आपने विजय पताका फहराई सन 2018 से 2021 तक श्रीमती कविता यादव शामगढ़ महिला भाजपा मोर्चा की प्रभारी रही वर्तमान में महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष के पद पर भी आप काबीज है और लगातार भाजपा पार्टी की सेवाकरते कीआपकी सेवा भाभी परिपाटी को देखते हुए।भारतीय जनता पार्टी ने आपको विगत वर्ष में हुए नगर परिषद चुनाव में वार्ड क्रमांक 9 से अपना भाजपा प्रत्याशी बनाया वार्ड क्रमांक 9 के मतदाताओं के अपार जन समर्थन स्नेह प्यार और आशीर्वाद के चलतेआप वार्ड क्रमांक 9 से पार्षद चुनी गई तत्पश्चात 13/08 2022 को नगर परिषद के अध्यक्ष चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करते हुए भाजपा बैनर तले विजय होकर शामगढ़ नगर परिषद के अध्यक्ष पद संभाला और आज आप शामगढ़ नगर परिषद की प्रथम नागरिक के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में विराजमान है ।



  शामगढ़ नगर परिषद में आपके मात्र 6 माह अल्प कार्यकाल में नगर में कई विकास कार्य किए हैं वह विकास कार्य आम जनता के सामने है आपके द्वारा प्रमुखतया नगर परिषद शामगढ़ में 2017 से नामांतरण के लिए आम जनता और जरूरतमंदों के नामांतरण प्रक्रिया में अटके और रुके हुए नामंत्रण को करवाया गया । जो लगभग 400 नामांतरण आपके आने के बाद किए गए जिससे नगर परिषद के राजस्व में वृद्धि हुई।श्रीमती यादव के द्वारा जो 400 नामांतरण प्रक्रिया से राजस्व आय प्राप्त हुई एवं नगर के करदाता द्वारा जो राजस्व जमा कराया गया जिसके बाद शामगढ़ नगर परिषद मध्यप्रदेश में चौथे स्थान पर आई जिसके चलते शामगढ़ नगर परिषद को मुख्यमंत्री के हाथों भोपाल में 500000 की सम्मान राशि भेंट की गई इससे पहले नगर परिषद राजस्व के मामले में काफी पिछड़ी हुई थी लेकिन जब से अध्यक्ष पद का दायित्व श्रीमती यादव ने संभाला है उसके बाद नगर परिषद एक के बाद एक सफलता हासिल करती चली गई इसके बाद दूसरी सफलता शामगढ़ नगर परिषद द्वारा आयुष्मान कार्ड के लक्ष्य को पूरा करने एवं इस क्षेत्र में सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शामगढ़ नगर परिषद को 26 जनवरी 2023 को जिलाधीश महोदय कलेक्टर द्वारा मंदसौर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर नगर परिषद शामगढ़ को सम्मानित किया गया 
   शामगढ़ नगर परिषद में विगत वर्षों में हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के 3000000 कि घोटाले को श्रीमती कविता यादव द्वारा इस भ्रष्टाचार को उजागर किया गया एवं नगर परिषद में प्रेस वार्ता कर एक लिखित शिकायत ही आवेदन माननीय जिलाधीश महोदय कलेक्टर मंदसौर को जांच के लिए भेजा गया प्रधानमंत्री आवास योजना में 400 आवास हितग्राहियों को दिलाएं गए एवं हितग्राहियों को गृह प्रवेश की प्रक्रिया भी आपके द्वारा कराई गई शामगढ़ नगर में पहली बार खेल को महत्व नगर वासियों के सामने रखकर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती 22 दिसंबर को नगर में अखिल भारतीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया जो नगर में 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक नगर परिषद वह जनसहयोग सहयोग से किया गया जो कि नगर ही नहीं अपितु आसपास के नगर में भी तारीफ के लायक खेल प्रतियोगिता का ऐतिहासिक सफल आयोजन नगर परिषद द्वारा किया गया ।
 आपके अध्यक्ष पद पर काबिज होने के बाद नगर की जनता की महत्वपूर्ण समस्या अंडर ब्रिज जो की शामगढ़ नगर के वार्ड क्रमांक 13 वार्ड क्रमांक14 वार्ड क्रमांक 15 एवं पटरी पर रहने वाले सभी नगरवासी व सभी ग्रामीण क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी समस्या बनी हुई थी जिस समस्या को आपके द्वारा संज्ञान में लेकर लगातार रेलवे प्रशासन रेल मंत्री सांसद महोदय सुधीर गुप्ता एवं

क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह डंग से इस समस्या पर चर्चा कर उन्हें पत्र लिखकर और लगातार संपर्क कर इस समस्या को हल करवाया गया|

 ओवरब्रिज की राशि स्वीकृत करवा कर नगर में नगर में जल्द से जल्द अंडर ब्रिज बने और जनता को हो रही समस्याओं से यह नीताज मिले जिसके लिए यह प्रयत्न कीए शामगढ़ नगर मैं बनी अंडरब्रिज बनाओ समिति का भी समय-समय पर सहयोग किया जिसकी सफलता आज आपके सामने हैं जिस का भूमि पूजन आज किया जा रहा है श्रीमती कविता नरेंद्र यादव की आगामी नगर विकास की योजनाएं हैं जिसमें प्रमुखता या बायपास का निर्माण जो कि 4:30 किलोमीटर का रहेगा जिससे नगर की जनता को सुविधा मिलेगी और भारी यातायात के दबाव से मुक्ति मिलेगी बस स्टैंड पर शॉपिंग कांपलेक्स का निर्माण करना है बम बम आश्रम व बस स्टैंड आधुनिक पार्क का निर्माण करवाना गायत्री शक्तिपीठ के सामने स्विमिंग पुल का निर्माण कराना सुवासरा एवं गरोठ रोड पर मां महिषासुर मर्दिनी देवी की नगरी मैं आपका स्वागत है नगर स्वागत द्वार बनवाना नगर के सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपए के विकास कार्य करना और नवीन तहसील रोड से कथोड चौक तक सीसी रोड बनवाना वार्ड क्रमांक 5 में अल्फा इंग्लिश स्कूल के सामने 3 फीट की गली को चौड़ीकरण कर 16 फीट की गली करा कर आम जनता को इस की सुविधा प्रदान करना आज शामगढ़ नगर परिषद का गठन होने के बाद आम जनता के सामने पूरी स्थिति है हर जगह की स्ट्रीट लाइट चालू है साफ सफाई की व्यवस्था की जा रही है पानी की व्यवस्था की जा रही है ।

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साहित्य मनीषी डॉ. दयाराम आलोक का परिचय सुनिए इसी लिंक में 

भारत के  मन्दिरों और मुक्ति धाम हेतु शामगढ़ के समाजसेवी  द्वारा दान की विस्तृत श्रृंखला 



27.1.23

भूतेश्वर महादेव मंदिर उमरिया:सड़क किनारे पावन धाम :आलोकजी का बेंच प्रदान :भक्तों को सुविधा विश्राम

 हरे-भरे वृक्षों की छाँव में,

मुख्य मार्ग के समीप विराजे, भूतेश्वर महादेव का पावन धाम, भक्तों के मन को शांति प्रदान करे।

विशाल प्रांगण, मंगल आयोजन, गाँव-गाँव से लोग यहाँ आते, सावन में उमड़े श्रद्धा-सागर, हरियाली संग भक्ति गाते।

आलोकजी के आदर्शों से प्रेरित, अनिल राठौर ने सेवा निभाई, पाँच सीमेंट बेंच भेंट कर, भक्तों को विश्राम की सुविधा दिलाई।

विक्रम सिंह का योगदान अमूल्य, मंदिर विकास हेतु निधि समर्पित, सामाजिक सहयोग से सुसज्जित, यह धाम बने जन-जन का हित।

                                                     

भूतेश्वर  महादेव  मंदिर उमरिया  हेतु  

दामोदर पथरी अस्पताल  शामगढ़  का दान 

 

       समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube  चैनल से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.                               


राजस्थान के झालावाड़ जिले मे गंगधार तहसील के अंतर्गत एक छोटा सा ग्राम है उमरिया | यहाँ नव निर्मित भूतेश्वर महादेव का भव्य मंदिर है| यह मंदिर मुख्य मार्ग के समीप है| हरे भरे वृक्ष इस  मंदिर की शोभा बढ़ाते प्रतीत होते हैं| मंदिर का प्रांगण विशाल है|यहाँ आस पास के गांवों के लोग अपने धार्मिक,सामाजिक उत्सव और रीति रस्मों  संबंधित आयोजन करते रहते हैं| मंदिर जाने के लिए शामगढ़ ,सुवासरा ,डग  से बसें उपलब्ध रहती हैं| निकटतम कस्बा डग  यहाँ से 12 किलोमीटर दूर है| सावन के महीने मे यहाँ यात्रियों और दर्शनार्थियों की बड़ी संख्या  देखी जा सकती है| इस मंदिर मे दर्शनार्थियों के लिए बैठने की सुविधा के मध्ये नजर साहित्य मनीषी ,समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक 9926524852 के आदर्शों से प्रेरित पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  9826795656  द्वारा 5 सीमेंट बेंच  भेंट की गई हैं| मंदिर के विकास हेतु पाँच हजार रुपये नकद विक्रम सिंग जी , मंदिर कोषाध्यक्ष  के बेंक अकाउंट मे फोन पे किए गए हैं|

श्री भूतेश्वर  महादेव  मंदिर उमरिया राज
21501/- का दान (5 सीमेंट बैंच+5001/- नकद)

नेम प्लेट मंदिर समिति के प्रमुख विक्रम सिंह जी 98282-75037 के सुपुर्द
 
                                     


भूतेश्वर महादेव मंदिर मे शिलालेख  चस्पा किया गया 15/1/2023 










भूतेश्वर महादेव मंदिर मे पाँच बेंच भेंट 26/1/2023 


भूतेश्वर महादेव मंदिर हेतु दान 5000/-विक्रम सिंग जी के अकाउंट मे फोन पे किए 19/1/2023 


सौरभ कुमार जी पँवार वस्त्र व्यवसायी डग 97995-70000 की प्रेरणा 

राम गोपाल जी राठौर 94142-30856  उमरिया का सुझाव 

मांगीलाल जी  पटेल 9783184099  उमरिया की पहल 

मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह जी 98282-75037 हैं 

मंदिर के मुख्य पुजारी गुरुजी 9602343774 हैं 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656  शामगढ़ द्वारा    भूतेश्वर महादेव मंदिर हेतु दान सम्पन्न 26 /1/2023 
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20.1.23

श्री रामदेव मंदिर बरडिया अमरा मे बेंच व्यवस्था :दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ का पावन दान

         


बाबा रामदेव मन्दिर बरडिया अमरा के प्रांगण में

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 

द्वारा बेंच व्यवस्था                                           

                                                                              





शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान-अनुष्ठान


साथियों,

शामगढ़ नगर अपने दानशील व्यक्तियों के लिए जाना जाता रहा है| शिव हनुमान मंदिर,मुक्तिधाम ,गायत्री शक्तिपीठ आदि संस्थानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए यहाँ के नागरिकों ने मुक्तहस्त दान समर्पित किया है|
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 8 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं| 


 साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम जी आलोक

के आदर्शों से प्रेरित पुत्र डॉ.अनिल दामोदर दामोदर पथरी चिकित्सालय शामगढ़  द्वारा 

रामदेवजी के मंदिर बरडिया अमरा  हेतु 
 5 सिमेन्ट बेंच भेंट

रामदेवजी के मंदिर बरडिया अमरा मे भेंट की गई बेंच का विडियो


मंदिर परिसर मे 5 बेंच लगाई गई   3/9/2022

मनोज- माणक लाल  जी राठौर बर्डिया अमरा  99930-71141 की पहल 

रामदेव जी मंदिर समिति के अध्यक्ष राम निवासजी जांगड़े 99260-24258 हैं| 

 यह मंदिर बर्डिया अमरा के बस स्टेंड के समीप रोड से लगा हुआ प्राईम लोकेशन पर है| 


 डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852, दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656  शामगढ़   द्वारा  रामदेव   मन्दिर  बर्डिया  अमरा  हेतु दान सम्पन्न| 3/9/22 

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18.12.22

चंद्र वंशी खाती समाज का इतिहास :Chandravanshi Khati Samaj ki jankari



  चंद्रवंशी खाती समाज श्री पुत्र सहस्त्रबाहु के पुत्र है । समाज के इष्टदेव भगवान जगदीश है , कुलदेवी महागौरी अष्टमी है , कुलदेव भैरव देव और आराध्या देव भोले शंकर है । खाती समाज भगवान परशुराम जी के आशीर्वाद से उत्त्पन्न जाती है .।इस जाती के लोग सुन्दर और गोर वर्ण अर्थात ‘गोरे ’आते है । क्षत्रिय खाती समाज जम्मू कश्मीर के अभेपुर और नभेपुर के मूल निवासी है आज भी चंद्रवंशी लोग हिमालय क्षेत्र में केसर की खेती करते है । समाज के लिए दोहे प्रसिद्द है ”उत्तर देसी पटक मूलः ,नभर नाभयपुर रे ,चन्द्रवंश सेवा करी ,शंकर सदा सहाय” और ”चंद्रवंशम गोकुलनंदम जयति ”भगवान जगदीश के लिए ।
समाज १२०० वर्ष पहले से ही कश्मीर से पलायन करने लग गया था और भारत के अन्य राज्यों में बसने लग गया था । समकालीन राजा के आदेश से समाज को राज छोड़ना पड़ा था। खाती समाज के लोग बहुत ही धनि और संपन्न थे , उच्च शिक्षा को महत्व दिया जाता था ।
जम्मू कश्मीर के अलाउद्दीन ख़िलजी ने १३०५ में मालवा और मध्य भारत में विजय प्राप्त की |  चन्द्रवंशी खाती समाज के सैनिक भी सैना का संचालन करते थे विजय से खुश होकर ख़िलजी ने समाज को मालवा पर राज करने को कहा परन्तु समाज के वरिष्ठ लोगो ने सोच विचार कर जमींदारी और खेती करने का निश्चय किया. इस तरह कश्मीर से आने के बाद ३५ वर्ष तक समाज मांडवगढ़ में रहा इसके बाद आगे बढ़कर महेश्वर जिसे महिष्मति पूरी कहते थे वहां आकर रहने लगे महेश्वर चंद्रवंशी खाती समाज के पूर्वज सहस्त्रार्जुन की राजधानी था आज भी महेश्वर में सहस्त्रबाहु का विशाल मंदिर बना है जिसका सञ्चालन कलचुरि समाज करता है।
४५ वर्षो तक रहने के बाद वहाँ से इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, सीहोर, भोपाल , सांवेर आदि जिलो में बसते चले गए और खाती पटेल कहलाये । मालवा में खाती समाज के पूर्वजो ने ४४४ गाँव बसाये जिनकी पटेली की दसियाते भी उनके नाम रही।
खाती समाज का गौरव पूर्ण इतिहास रहा है । समाज के कुल १०५ गोत्र है जिसमे से ८४ गोत्र मध्यप्रदेश में है और मध्यप्रदेश के १६ जिलो में है और १२५० गाँवों में निवास करते है । मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में चंद्रवंशी खाती समाज के इष्ट देव जगदीश का भव्य प्राचीन मंदिर है जहा हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितिय को भगवान की रथयात्रा निकलती है समाज जन और भक्तजन अपने हाथो से रथ खींचकर भगवान को नगर भ्रमण करवाते है |
चन्द्रवंश या सोमवंश के राजा कीर्तिवीर्य बहुत ही धर्मात्मा हुआ करते थे । उनके पुत्र का नाम सहस्त्रबाहु या सहस्त्रार्जुन रखा गया, सोमवंश के वंशज थे इसलिए राजवंशी खत्री कहलाए ।सहस्त्रार्जुन ने नावों खंडो का राज्य पाने के लिए भगवान रूद्र दत्त का ताप किया और ५०० युगों तक तप किया इस से प्रभावित होकर भगवान शंकर ने उन्हें १ हज़ार भुजा और ५०० मस्तक दिए । उसके बाद उनका सहस्त्रबाहु अर्थात सौ भुजा वाला नाम पड़ा । 
 महेश्वर समाज के पूर्वज सहस्त्रार्जुन की राजधानी रहा जहा ८५००० सालो तक राज्य किया । महेश्वर के निकट सहस्त्रार्जुन ने नर्मदा नदी को अपनी हज़ार भुजाओं के बल से रोकना चाहा परन्तु माँ नर्मदे उसकी हज़ार भुजाओं को चीरती हुई आगे निकल गई इसलिए उस स्थान को सहस्त्रधारा के नाम से जाना जाने लगा जहा आज भी १००० धाराएं अलग अलग दिखाई देती है ।
सहस्त्रार्जुन के लिए दोहा प्रसिद्द है
”नानूनम कीर्तिविरस्य गतिम् यास्यन्ति पार्थिवः ! यज्ञेर्दानैस्तपोभिर्वा प्रश्रयेण श्रुतेन च !
अर्थात सहस्त्रबाहु की बराबरी यज्ञ, दान, तप, विनय और विद्या में आज तक कोई राजा नहीं कर सका ।
एक दिन देवो पर विजय प्राप्त करने के बाद विश्व विजेता रावण ने अर्जुन पर आक्रमण कर दिया परन्तु सहस्त्रार्जुन ने रावण को बंधी बना लिया और रावण द्वारा क्षमा मांगने पर महीनो बाद छोड़ा फिर भगवान नारायण विष्णु के छटवे अंश ने परशुराम जी का अवतार धारण किया और सहस्त्रबाहु का घमंड चूर किया । इस युद्ध स्थल में १०५ पुत्रों को उनकी माता लेकर कुलगुरु की शरण में गई । राजा श्री जनक राय जी ने रक्षा का वचन दिया और १०५ भाइयों को क्षत्रिय से खत्री कहकर अपने पास रख लिया और ब्राह्मण वर्ण अपना कर सत्य सनातन धर्म पर चलने का वादा किया । १०५ भाइयों के नाम से उनका वंश चला और खाती समाज के १०५ गोत्र हुए | चन्द्रवंश की १०५ शाखाये पुरे भारत में राजवंशी खत्री भी कहलाते है । देश में समाज की जनसँख्या २ करोड़ से अधिक मप्र में जनसँख्या ५० लाख भारत के राज्यों में । समाज दिल्ली , हरयाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, राजस्थान,उत्तर प्रदेश,हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम आदि ….
  विदेशो में समाज नेपाल, तजफिस्टन, चिली, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और थाईलैंड में है । चंद्रवंशी क्षत्रिय खाती समाज के इष्टदेव भगवान जगन्नाथ है।जो साधना के देदीप्यमान नक्षत्र है जिनका सत्संग और दर्शन तो दूर नाम मात्र से ही जीवन सफल हो जाता है।
हिन्दू धर्म के चारधाम में एक धाम जगन्नाथपुरी उड़ीसा में है और खाती समाज का भव्य पुरातन व बहुत ही सुन्दर मंदिर पतित पावनि माँ क्षिप्रा के तट पर है ।
  भगवान महाकाल की नगरी अवंतिकापुरी उज्जैन देश की केवल एक मात्र नगरी है जहा संस्कार और संस्कृति का प्रवाह सालभर होता रहता है।यहाँ पर डग डग पर धर्म और पग पग पर संस्कृति मौजूद है ।
खाती समाज का एक महापर्व भगवान जगदीश की रथयात्रा है इस अवसर पर समाज के इष्टदेव भगवान जगन्नाथ पालकी रथ पर विराजते है और नगर भ्रमण करते है ।हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल २ को निकलती है ।इस दिन उज्जैन जगन्नाथपुरी सा दिखाई पड़ता है । भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र , बहिन सुभद्रा की मूर्तियों का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और मंदिर की विद्युत सज्जा की जाती है ।
लाखो हज़ारो भक्तजन भगवान के रथ को खींचकर धन्य मानते है । इस पर्व को लेकर समाज में बहुत उत्साह रहता है भक्तो का सैलाब धार्मिक राजधानी की और बढ़ता है।
इस अवसर पर मंदिर में रातभर विभिन्न मंडलियों द्वारा भजन किये जाते है । रथ के साथ बैंडबाजे ऊंट, हाथी, घोड़े, ढोलक की ताल, अखाड़े,डीजे, झांकिया रथयात्रा की शोभा बढाती है और इस तरह भगवान की शाही यात्रा उज्जैन घूमकर पुनः मंदिर पहुचती है मंदिर में सामूहिक भोज भंडारा भी खाती समाज द्वारा किया जाता है जो भगवान का प्रसाद माना जाता है फिर महा आरती के साथ पुनः भगवान मंदिर में विराजते है कहते है इस दिन भगवान् अपनी प्रजा को देखने के लिए मंदिर से निकलते है जो भी भक्त भगवान् तक नहीं पहुंच सका भगवान खुद उसे दर्शन देने निकलते है ।
महाभारत का युद्ध के बाद भगवान कृष्ण अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ रथ में बैठकर द्वारिका पूरी जाते है और गोपिया उनके रथ को खींचती है ।
जगन्नाथ पूरी में भगवान के रथ को राजा सोने की झाड़ू से रथ को भखरते अर्थात सफाई करते थे उस समय केवल नेपाल के और पूरी के राजा जो की चंद्रवंशी थे वे ही केवल मंदिर की मूर्तियों को छू सकते थे क्योंकि वे चन्द्र कुल अर्थात चन्द्रवंश से थे ।
जाति इतिहासविद डॉ.दयाराम आलोक के मतानुसार खाती समाज की कुलदेवी महागौरी है जो दुर्गाजी का आठवा रूप है ।इसे समाज की शक्ति उपासना का पर्व माना जाता है ।महिनो पहले से ही गौरी माँ की पूजन की तैयारिया शुरू हो जाती है । देश विदेश से लोग अष्टमी पूजन के लिए घर आ जाते है इस उत्सव को विशेष महत्व दिया जाता है भगवान वेदव्यास जी ने कहा है की ”है माता तू स्मरण मंत्र से ही भयो का विनाश कर देती है। ” माता महागौरी की पूजा गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेध से की जाती है ममता, समता और क्षमता की त्रिवेणी का नाम माँ है | पुत्र कुपुत्र हो सकता है माता कुमाता नहीं पूजा के अंत में क्षमा मांगी जाती है।
Disclaimer: इस  content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content को अपने बुद्धी विवेक से समझे.

यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर

*जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट

*जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार

*जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों हेतु डॉ.आलोक का समर्पण part 2  :-आगर,भानपुरा ,बाबुल्दा ,बगुनिया,बोलिया ,टकरावद ,हतुनिया

*दर्जी समाज के आदि पुरुष  संत दामोदर जी महाराज की जीवनी 

*मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ .आलोक का समर्पण भाग 1 :-मंदसौर ,शामगढ़,सितामऊ ,संजीत आदि