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ग्राम लोटखेड़ी, तहसील भानपुरा, जिला मंदसौर (म.प्र.) के चौराहा पर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र का प्रसिद्ध आस्था केंद्र है।
भक्तों की बैठक सुविधा हेतु मंदिर परिसर में दो सीमेंट की लाल बेंचें दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा भेंट स्वरूप लगवाई गईं। यह दान दिनांक 11/11/2022 को संपन्न हुआ।
यह कार्य केवल बेंच लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि वृद्धजनों, यात्रियों और दर्शनार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बैठक स्थान उपलब्ध कराने का सेवा-भाव है।
2. मंदिर का स्वरूप
भानपुरा तहसील का लोठखेड़ी ग्राम,
चौराहे पर स्थित हनुमान धाम।
खेड़ापति बालाजी का अनुपम मंदिर,
रंग-रोगन से शोभित, स्थापत्य सुंदर।
संजयजी अग्रवाल प्रबंधक महान,
भक्तों की सेवा में रखते ध्यान।
बैठक सुविधा हेतु हुआ अनुरोध,
डॉ. दयाराम आलोक ने किया संकल्प बोध।
दमोदर पथरी अस्पताल से आया दान,
सिमेन्ट बेंचों का हुआ विधान।
समिति ने आभार व्यक्त किया,
भक्तों ने सुविधा का सुख लिया।
3. दान का विवरणस्थान: खेड़ापति हनुमान मंदिर, लोटखेड़ी चौराहा, भानपुरा, जिला मंदसौर
कार्य: 2 सीमेंट बेंच भेंट
दान दाता संस्था: दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़
दान दाता: डॉ. अनिल कुमार दामोदर S/o डॉ. दयाराम जी आलोक
संपर्क: डॉ. अनिल कुमार दामोदर - 98267-95656, डॉ. दयाराम जी आलोक - 99265-24852
मंदिर प्रबंधन: श्री संजय जी अग्रवाल - 94259-92661
शुभचिंतक: श्री विनोद जी चौहान टेलर, लोटखेड़ी
मंदिर का यह दृश्य आज रंग-रोगन संपन्न और व्यवस्थित बैठक व्यवस्था के कारण अधिक रमणीय हो गया है।
4. जयघोष और श्लोक
जय-जयकार गूँजे मंदिर द्वार,
बोलिए बालाजी सरकार की जय अपार।
श्लोक:
लोढखेड़ी ग्रामे हनुमानमन्दिरं रमणीयम्।
रङ्गरोगणसंपन्नं स्थापत्यं च शोभनम्॥
दयाराम आलोकस्य दानं सिमेन्टबेंचसमर्पणम्।
भक्तानां सुखाय सर्वे समिति आभारं वदन्ति॥
जयतु खेड़ापति बालाजी सरकारः॥
5. समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक का आध्यात्मिक दान-पथ
यह बेंच दान डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा संचालित 'आध्यात्मिक दान-पथ' का एक हिस्सा है। उनकी विशेषताएँ:
1. सेवानिवृत्ति के बाद संकल्प: एक सेवानिवृत्त अध्यापक होने के नाते उन्होंने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
2. व्यापक दायरा: उनका दान केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं में निरंतर योगदान।
3. सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वृद्धों और यात्रियों के लिए सीमेंट की बेंचें, रंग-रोगन, बैठक व्यवस्था जैसे मूलभूत कार्य जो सीधे जन-सुविधा से जुड़े हैं।
4. स्व-वित्तपोषित मॉडल: यह दान उनकी पेंशन और गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो से प्राप्त आय पर आधारित है - तकनीक का परोपकार में उपयोग।
5. निरंतरता: अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य।
6. पारदर्शिता और प्रेरणा: दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख / नाम पट्टिका लगवाना ताकि समाज में जागरूकता और अन्य लोगों को प्रेरणा मिले।
निवेदक:
समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक
Damodar Hospital Shamgarh
लोटखेड़ी चौपाटी के हनुमान मंदिर में बेंचें लगने का यह प्रसंग भक्ति और सेवा के संगम का उत्तम उदाहरण है।
ग्राम लोटखेडी तेहसील भानपुरा जिला मंदसौर के चौराहा पर
खेडापति हनुमान मंदिर में
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
लाल बेंचें लगवाई गई

भानपुरा तहसील का लोठखेड़ी ग्राम,
चौराहे पर स्थित हनुमान धाम।
खेड़ापति बालाजी का अनुपम मंदिर,
रंग-रोगन से शोभित, स्थापत्य सुंदर।
संजयजी अग्रवाल प्रबंधक महान,
भक्तों की सेवा में रखते ध्यान।
बैठक सुविधा हेतु हुआ अनुरोध,
डॉ. दयाराम आलोक ने किया संकल्प बोध।
दमोदर पथरी अस्पताल से आया दान,
सिमेन्ट बेंचों का हुआ विधान।
समिति ने आभार व्यक्त किया,
भक्तों ने सुविधा का सुख लिया।
जय-जयकार गूँजे मंदिर द्वार,
बोलिए बालाजी सरकार की जय अपार।
श्लोक
"लोढखेड़ी ग्रामे हनुमानमन्दिरं रमणीयम्। रङ्गरोगणसंपन्नं स्थापत्यं च शोभनम्॥
दयाराम आलोकस्य दानं सिमेन्टबेंचसमर्पणम्।
भक्तानां सुखाय सर्वे समिति आभारं वदन्ति॥
जयतु खेड़ापति बालाजी सरकारः॥"
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
का
आध्यात्मिक दान पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
खेड़ापति हनुमान मंदिर लोटखेड़ी चौराहा
दो सीमेंट बेंच भेंट
लोटखेड़ी चौराहा खेड़ापति हनुमान मंदिर मे बेंच लगीं 11/11/2022
लोटखेड़ी चौपाटी के हनुमान मंदिर का दृश्य
श्री बालाजी मंदिर लोटखेड़ी चौराहा के शुभचिंतक
विनोदजी चौहान टेलर लोटखेड़ी
संजय जी अग्रवाल 94259-92661 मंदिर का प्रबंधन करते हैं
डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा खेड़ापति हहनुमान मंदिर लोटखेड़ी चौराहा, भानपुरा हेतु दान सम्पन्न11/11/2022
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ
मंदिरों की बेहतरी हेतु डॉ आलोक का समर्पण भाग 1:-दूधाखेडी गांगासा,रामदेव निपानिया,कालेश्वर बनजारी,पंचमुखी व नवदुर्गा चंद्वासा ,भेरूजी हतई,खंडेराव आगर
जाति इतिहास : Dr.Aalok भाग २ :-कायस्थ ,खत्री ,रेबारी ,इदरीसी,गायरी,नाई,जैन ,बागरी ,आदिवासी ,भूमिहार
मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ की प्ले लिस्ट
जाति इतिहास:Dr.Aalok: part 5:-जाट,सुतार ,कुम्हार,कोली ,नोनिया,गुर्जर,भील,बेलदार
जाति इतिहास:Dr.Aalok भाग 4 :-सौंधीया राजपूत ,सुनार ,माली ,ढोली, दर्जी ,पाटीदार ,लोहार,मोची,कुरेशी
मुक्ति धाम अंत्येष्टि स्थलों की बेहतरी हेतु डॉ.आलोक का समर्पण ,खण्ड १ :-सीतामऊ,नाहर गढ़,डग,मिश्रोली ,मल्हार गढ़ ,नारायण गढ़