मंदसौर जिले के गाँव रलायती के
शिव मंदिर में
दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा
बैंच व्यवस्था
सीमेंट की बैंचें मंदिर में सजी,
विश्राम मिले हर थके पथिक को सही।
डॉ. दयाराम आलोक का पुण्य अनुष्ठान,
मुक्ति धामों में गूँजे दान का गान।
डॉ. अनिल राठौर ने सेवा निभाई,
भोलेनाथ रलायती वाले की जय गाई।
श्लोक-
दानं महत्पुण्यमयं भक्तानां सुखदायकम्।
बोलेनाथस्य रलायतीश्वरं वन्दे भक्तहितं शिवम्॥
आलोकस्य दयारामस्य दानपथोऽस्तु शुभकरः।
राठौरस्य अनिलेन च भक्तानां विश्रमार्थकः॥
रलायती का शिव मंदिर मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के अंतर्गत आता है। मंदिर अच्छी लोकेशन पर है । पास मे ही व्यापारियों की दूकाने हैं। लसुडिया के दिनेश जी चौहान के माध्यम से मंदिर के व्यवस्थापक दशरथ जी से संपर्क हुआ। दान पट्टिका मंदिर मंदिर मे स्थापित की गई । डॉ . अनिल कुमार राठौर ,दामोदर पथरी चिकित्सालय शामगढ़ द्वारा मंदिर मे 3 सिमेन्ट की बेंच समर्पित की गई हैं |बोलिए बाबा भोलेनाथ रलायती वाले की जय !
रलायती गाँव के शिव मंदिर का विडिओ डॉक्टर आलोक की आवज
रलायती के शिव मंदिर में दामोदर अस्पताल शामगढ़ द्वारा बेंच व्यवस्था
यह विडियो दशरथ जी ९८२६७-२६०८१ के सौजन्य से
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आद्यात्मिक दान-पथ
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
शिव मंदिर रलायती में
३ सीमेंट बैंच भेंट
शिव मंदिर रलायती में बैंच व्यवस्था
मंदिर के संरक्षक और शुभचिंतक-
दशरथ जी रलायती ९८२६७-२६०८१
दान की प्रेरणा -
दिनेश जी चौहान लसुडिया ९४७९७ -००७८०
डॉ.अनिल कुमार दामोदर 98267-95656 s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 , दामोदर पथरी अस्पताल 98267-95656 शामगढ़ द्वारा शिव मंदिर रलायती हेतु दान सम्पन्न २१/७/२०२३
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -
*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ
