लोकसखा पर पढ़ें सटीक जाति इतिहास, पौराणिक कथाएं, मंदिर दर्शन और डॉ. आलोक द्वारा मुक्तिधाम व गौशालों को दान किए गए बेंच व नकद सहयोग की पूरी जानकारी। सनातन आध्यात्म -जाति इतिहास-दान विमर्श

14.9.24

नाहरगढ़ मुक्ति धाम: बेंच व्यवस्था दृश्य महान :डॉ .आलोक पावन दान :आगंतुक सुविधा सम्मान

                                   



 मुक्ति धाम नाहरगढ़ (सितामऊ)

ॐ शांति।

मध्यप्रदेश  के मंदसौर जिले मे  स्थित पावन नगरी सीतामऊ के समीप बसा है - नाहरगढ़ का मुक्ति धाम। यह केवल एक श्मशान घाट नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम सत्य का, शांति और मोक्ष का तीर्थ है।
आज इस पवित्र मुक्ति धाम में हरियाली का विस्तार हो रहा है, स्वच्छता और सुविधा का संगम हो रहा है। इसके पीछे दो समर्पित हाथों का निरंतर श्रम है -
प्रबंधक श्री राकेश जी पँवार जो एक कुशल पेंटर होने के साथ-साथ दिन-रात इस धाम की देखरेख और साज-सज्जा में लगे हैं, और
संरक्षक श्री ब्रिजराज सिंह जी सरपंच, नाहरगढ़ जो सजग प्रहरी बनकर इस धाम के विकास के लिए सदैव खड़े हैं।
इसी सतत सेवा यज्ञ में एक पुण्य आहुति जुड़ी है - दिनांक 12 सितंबर 2024 को।
शामगढ़ के समाजसेवी, सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा अपने 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत नाहरगढ़ मुक्ति धाम हेतु 4 सीमेंट बेंचों का सप्रेम समर्पण किया गया।
यह दान दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ - डॉ. अनिल कुमार दामोदर S/o डॉ. दयाराम जी आलोक के माध्यम से सम्पन्न हुआ।
इस दान का उद्देश्य क्या है?
मुक्ति धाम में आने वाले वृद्धजनों, महिलाओं और दूर से आए परिजनों को बैठने के लिए एक स्वच्छ, स्थायी और सम्मानजनक स्थान मिल सके। थके-हारे मन को दो पल शांति से बैठने का सहारा मिल सके। यही सुविधा-केंद्रित सोच डॉ. आलोक जी के दान की सबसे बड़ी विशेषता है।
जैसा कि इस अवसर पर कहा गया -
नाहरगढ़ मुक्ति धाम में, हरियाली का विस्तार।
राकेशजी पँवार प्रबंधक, कर रहे सतत संभार।।
डॉ. आलोक जी का यह दान-पथ कोई एक दिन का कार्य नहीं है। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण में लगाने का संकल्प लिया है। यह राशि स्वयं की पेंशन और गूगल के माध्यम से ब्लॉग व यूट्यूब से प्राप्त आय से सृजित है - अर्थात तकनीक से परोपकार का एक अनूठा मॉडल।
आज तक वे मंदसौर, नीमच, आगर, झालावाड़, रतलाम, झाबुआ सहित 151 से अधिक मंदिरों, मुक्ति धामों और गौशालाओं में बेंच, रंग-रोगन और अन्य जन-सुविधाओं का विस्तार कर चुके हैं। पारदर्शिता हेतु प्रत्येक स्थान पर शिलालेख भी स्थापित किया जाता है, ताकि समाज में दान की प्रेरणा जागृत हो।
नाहरगढ़ में भी दानदाता का शिलालेख सम्मान के साथ लगाया गया है।
दानं दयाराम आलोकस्य पुण्यं प्रशस्यते।
मुक्तिधामे नाहरगढे बेंचाः चतुर्भिः समर्पिताः।।
यह छोटा सा सहयोग नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है - कि पेंशन की एक-एक राशि भी यदि समाज हित में लगे तो वह मोक्षदायिनी बन जाती है।
हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं संरक्षक ब्रिजराज सिंह जी और प्रबंधक राकेश जी पँवार का, जिनके अथक प्रयासों से नाहरगढ़ मुक्ति धाम आज एक आदर्श मुक्ति धाम बन रहा है।
आइए, इस पुण्य कार्य के साक्षी बनें और इस प्रेरणा को आगे बढ़ाएं।

  मुक्ति धाम नाहरगढ़ (सितामऊ)के लिए 

समाज सेवी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा 

4 सिमेन्ट बेंच समर्पित 

काव्यात्मक छंद

छंद 1 नाहरगढ़ मुक्ति धाम में, हरियाली का विस्तार। राकेशजी पँवार प्रबंधक, कर रहे सतत संभार।। ब्रिजराज सिंह सरपंच सजग, संरक्षक बनकर खड़े। दानदाता आलोकजी, बेंचें चार यहाँ चढ़े।।

छंद 2 सीतामऊ की पावन भूमि, मुक्तिधाम महान। डॉ. दयाराम आलोक ने, किया जनहित दान।। दामोदर अस्पताल से, सहयोग निरंतर बहा। समर्पण की गाथा यह, समाज में दीपक रहा।।

छंद 3 शिलालेख में अंकित हुआ, दान का उज्ज्वल नाम। आलोकजी का पुण्य पथ, जग में करता है धाम।। प्रबंधक राकेशजी पँवार, श्रम से रचते रंग। सरपंच ब्रिजराज सिंह जी, सेवा में सदा उमंग।।

छंद 4 दान पथ आलोकजी का, प्रेरणा देता समाज। पेंशन राशि समर्पित कर, रचते सेवा का राज।। नाहरगढ़ का मुक्तिधाम, अब सुशोभित हुआ। जन-जन को सुविधा मिली, पुण्य पथ जग में छुआ।।

श्लोक -

दानं दयाराम आलोकस्य पुण्यं प्रशस्यते। मुक्तिधामे नाहरगढे बेंचाः चतुर्भिः समर्पिताः।।

(डॉ. आलोक जी का दान पुण्य प्रशंसनीय है, नाहरगढ़ मुक्तिधाम में चार बेंचें समर्पित की गईं।)

राकेशः प्रबन्धकः श्रमेण यत्नं करोति।  
ब्रिजराजः सरपञ्चः संरक्षकः सदा स्थितः।।  

(राकेशजी प्रबंधक श्रम से यत्न कर रहे हैं, ब्रिजराज सिंह सरपंच संरक्षक रूप में सदैव स्थित हैं।)

दामोदर चिकित्सालयात् सहयोगः निरन्तरः।  
आलोकस्य दानपथः समाजे दीपवत् स्थिरः।। 
 
(दामोदर अस्पताल से निरंतर सहयोग मिलता है, आलोकजी का दानपथ समाज में दीपक की तरह स्थिर है।)
 

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक





शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।


                   


नाहरगढ़ के मुक्ति धाम मे दान दाता का शिलालेख लगाया गया विडिओ  


video Nahar garh  mukti dham 


मुक्ति धाम नाहरगढ़(सितामऊ) हेतु 

4 सिमेन्ट की बेंच भेंट.12/9/2024 


नाहरगढ़ मुक्ति धाम मे बेंचें स्थापित 



मुक्ति धाम नाहरगढ़ -सितामऊ के संरक्षक और शुभ चिंतक -

ब्रिजराज सिंह जी सरपंच नाहरगढ़  संरक्षक 

राकेश जी पँवार पेंटर नाहरगढ़  प्रबंधक 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा मुक्ति धाम नाहरगढ़ हेतु  दान सम्पन्न 12/9/2024 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ

मोड़ी माताजी मंदिर सीतामऊ — श्रद्धालुओं हेतु पावन आसन, डॉ. अनिल दामोदर का दिव्य दान"

                                             

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आद्यात्मिक दान-पथ

  साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम जी आलोक  राजस्थान और मध्यप्रदेश के 
मंदसौर,आगर नीमच ,झालावाड़ ,रतलाम और झाबुआ जिलों के  मंदिरों ,मुक्ति धाम और  गौशालाओं में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 डॉ.आलोक जी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था उन्नत करने  हेतु  सीमेंट  बेंचें और रंग रोगन के लिए नकद दान के अनुष्ठान में  आपकी वो राशि भी शामिल है जो  google कंपनी से उनके ब्लॉग  और  You tube चैनल  से  प्राप्त होती  है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.

                                

सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मोड़ी माताजी के परिसर मे 

समाज सेवी डॉ.दयाराम आलोक जी द्वारा 

4 सिमेन्ट की बेंच समर्पित 





 सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मोड़ी माताजी का दरबार एक अति प्राचीन और पवित्र स्थल है, जो भक्तों के लिए अटूट आस्था का केंद्र है। यह मंदिर नगर के पास खेड़ी मार्ग पर स्थित है और माना जाता है कि यहां मां की प्रतिमा स्वयंभू प्रकट हुई थी।
मंदिर की विशेषताएं:
- स्वयंभू प्रतिमा: मां की प्रतिमा स्वयंभू प्रकट हुई थी, जो अपने आप में एक चमत्कार है।
- चमत्कारी प्रतिमा: माता की प्रतिमा सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए विख्यात है।
- तीन रूपों के दर्शन: श्रद्धालुओं को मां के तीन रूपों के दर्शन का लाभ मिलता है - बाल्यावस्था, युवावस्था, और वृद्धावस्था।
- पूजा अर्चना: मनोहरलाल खत्री एवं उनके परिजनों द्वारा सालों से पूजा अर्चना किया जा रहा है।
- मेला और गरबा आयोजन: हरियाली अमावस्या पर दो दिवसीय मेला लगता है और नवरात्रि में नवशक्ति गरबा महोत्सव के तत्वावधान में मां के दरबार में गरबा आयोजन होते हैं।
यह मंदिर सीतामऊ नगर की सीमा पर स्थित है और आसपास के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है|
मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मंदिरों मे दर्शनार्थियों के विश्राम के लिए सिमेन्ट की बेंचें भेंट करने के अपने आध्यात्मिक दान पथ के तहत समाजसेवी डॉ.दयाराम आलोकजी ने दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के संचालक डॉ.अनिल कुमार राठौड़ के माध्यम से इस मंदिर को 4 सिमेन्ट की बेंचें भेंट कीं |
मंदिर की समिति और प्रदीप जी चोरडीया ने दान दाता का सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया

 सितामऊ की आराध्या मोडी माताजी हेतु 
4 सिमेन्ट की बेंच भेंट.

मंदिर के परिसर मे शिलालेख लगाया गया 



..


मोडी माताजी मंदिर के संरक्षक और शुभचिंतक-

प्रदीपजी  चोरडिया  सितामऊ 

सुरेश जी दसेड़ा  सितामऊ 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा मोड़ी माताजी सितामऊ हेतु दान सम्पन्न 12/9/2024 
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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

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पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

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*डॉ . आलोक का काव्यालोक

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*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

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सिद्धेश्वर महादेव मंदिर: साठखेड़ा का पावन धाम :दयारामजी आसन दान :भक्तों को सुविधा विश्राम





सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, साठखेड़ा - जहाँ शिव कृपा के साथ मिलता है विश्राम का सुख

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा में दर्शनार्थियों के विश्राम के लिए 4 सीमेंट बेंचों का समर्पण - शामगढ़ के समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा अपने आध्यात्मिक दान-पथ के अंतर्गत यह सेवा कार्य दिनांक 12/09/2024 को सम्पन्न किया गया। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक जागृत और हरियाली से आच्छादित तीर्थ स्थल है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन लाभ लेते हैं।

मध्यप्रदेश के गरोठ तहसील के छोटे से ग्राम साठखेड़ा में स्थित है, आस्था और हरियाली से घिरा सिद्धेश्वर महादेव मंदिर। जहाँ भगवान शिव सिद्धेश्वर के रूप में विराजमान हैं और हर आने वाले भक्त के मन को शांति प्रदान करते हैं।

यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि ग्रामीण आस्था का केंद्र है। यहाँ दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में वृद्धजनों और यात्रियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था होना अत्यंत आवश्यक था।

इसी जन-आवश्यकता को समझते हुए समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक एवं दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ परिवार द्वारा मंदिर प्रांगण में दर्शनार्थियों के विश्राम हेतु 4 सीमेंट बेंचें श्रद्धापूर्वक समर्पित की गई हैं।

यह दान केवल बेंचों का दान नहीं, बल्कि मेरे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के संकल्प का एक और पड़ाव है, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन राशि को मंदिरों, मुक्ति धामों और गौशालाओं में जन-सुविधा के लिए समर्पित किया जा रहा है। अब तक 151 से अधिक संस्थानों में यह सेवा पहुँच चुकी है।

इस पुण्य कार्य में मंदिर के संरक्षक श्री प्रकाश जी धनोतिया, पत्रकार श्री नंदकिशोर जी वेद और श्री कैलाश जी उपाध्याय का विशेष सहयोग और सानिध्य प्राप्त हुआ।

आइये, इस ब्लॉग में इस सेवा यात्रा की पूरी काव्यात्मक और आध्यात्मिक झलक देखते हैं।

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा मे 

दर्शनार्थियों के विश्राम के लिए 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

4 सिमेन्ट की बेंचें समर्पित 

काव्यात्मक विवरण

छंद 1 सिद्धेश्वर धाम साठखेड़ा, शिव की महिमा अपार। भक्तजन आते दर्शन को, मिलता विश्राम आधार। चार बेंचें दान स्वरूप, आलोक जी का संकल्प महान। आध्यात्मिक दान-पथ पर, जग में फैला पुण्य गान।

छंद 2 प्रकाश जी धनोतीया संग, नंदकिशोर वेद का साथ। कैलाश उपाध्याय जुड़े, सेवा में दिखता परमार्थ। शिवालय में श्रद्धा गूंजे, हरियाली से मन हरषाए। दान पट्टिका साक्षी बनकर, पुण्य कथा सबको सुनाए।

छंद 3 सेवानिवृत्ति का संकल्प, समाज सेवा में लगाया। पेंशन की राशि समर्पित कर, जनहित का दीप जलाया। मंदिर, मुक्ति धाम, गौशाला—सबमें आलोक का योगदान। 151 से अधिक संस्थानों में, बैठने को मिला सम्मान।

छंद 4 शामगढ़ का गौरव बढ़ा, जब दामोदर पथरी अस्पताल। दान की परंपरा निभाई, शिवधाम में किया कमाल। सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में, श्रद्धालु पाए विश्राम सुख। आलोक जी की सेवा से, जन-जन में फैला शुभानुभव।

श्लोक 

सिद्धेश्वराय महादेवाय नमः सदा भक्तजनप्रियः।  

दानेन बेंचसमर्पणं, आलोकस्य महाकृतिः॥

प्रकाश-नन्दकिशोर-कैलाशैः सह धर्मसमन्वितम्।  
शिवालये यः दत्तं, तेन पुण्यं समृद्ध्यते॥

आध्यात्मिकं दानमार्गं, आलोकाचार्यः प्रतिष्ठितः।  
साठखेड़ेश्वरमन्दिरे, भक्तानां विश्रान्तिदायकः॥


समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

 
 

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा 


4 सिमेन्ट की बेंच भेंट.
                  
 सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा मे 

दर्शनार्थियों के विश्राम के लिए 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

4 सिमेन्ट की बेंचें समर्पित 




साठखेड़ा का सिद्धेश्वर महादेव का मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो भगवान शिव के उपासकों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। मंदिर की विशेषताएं इस प्रकार हैं:

- सिद्धेश्वर महादेव मंदिर: यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें सिद्धेश्वर महादेव के रूप में पूजा जाता है।

- आस्था का केंद्र: यह मंदिर हिन्दू धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां वे अपनी भक्ति और श्रद्धा को व्यक्त करते हैं।

- वानस्पतिक हरियाली: मंदिर का प्रांगण अच्छा है और वानस्पतिक हरियाली आकर्षक है।

- आध्यात्मिक दान: समाज सेवी डॉ. दयाराम आलोक जी ने मंदिर के लिए 4 सिमेन्ट की बेंचें भेंट की हैं, जो दर्शनार्थियों के लिए विश्राम के लिए उपयोगी होंगी।

- सम्मान और आभार: मंदिर समिति के सदस्यों, ग्राम जनों और नंदकिशोर जी वेद पत्रकार ने दान दाता का सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया है।

यह मंदिर गरोठ तहसील के कस्बा गाँव साठखेड़ा में स्थित है, जो शामगढ़ से कुछ ही किलोमीटर दूर है
  

नन्दकिशोर जी वेद ने मिस्त्री से दान पट्टिका लगवाई            


सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा का फ्रंट व्यू 


मंदिर मे 4 बेंचें लगवाई 





  सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा में दर्शनार्थियों के विश्राम के लिए 4 सीमेंट बेंचों का समर्पण - शामगढ़ के समाजसेवी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा अपने आध्यात्मिक दान-पथ के अंतर्गत यह सेवा कार्य दिनांक 12/09/2024 को सम्पन्न किया गया। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक जागृत और हरियाली से आच्छादित तीर्थ स्थल है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन लाभ लेते हैं।

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के संरक्षक और शुभचिंतक-

प्रकाश जी धनोतीया 97550 63907 

नन्द किशोर जी वेद साठखेड़ा 95847 00256 
 
कैलाश जी उपाध्याय 91790 50210 

बलराम जी रत्नावत 98931 35921 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा सिद्धेश्वर महादेव मंदिर साठखेड़ा हेतु दान सम्पन्न 12/9/2024 

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यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -


*भजन, कथा ,कीर्तन के विडिओ

*दामोदर दर्जी समाज महासंघ  आयोजित सामूहिक विवाह के विडिओ 

*दर्जी समाज मे मोसर (मृत्युभोज) के विडिओ 

पौराणिक कहानियाँ के विडिओ 

मंदिर कल्याण की  प्रेरक कहानियों के विडिओ  भाग 1 

*दर्जी समाज के मार्गदर्शक :जीवन गाथा 

*डॉ . आलोक का काव्यालोक

*दर्जी  वैवाहिक  महिला संगीत के विडिओ 

*मनोरंजन,शिक्षाप्रद ,उपदेश के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मंदिर  कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 3 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 2 

*मुक्ति धाम विकास की प्रेरक कहानियाँ भाग 3 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियां के विडिओ भाग 4 

मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 5 

*भजन,कथा कीर्तन के विडिओ 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ  भाग 6 

*मंदिर कल्याण की प्रेरक कहानियाँ के विडिओ भाग 7 

*मनोरंजन,शिक्षा ,पर्यटन,उपदेश के विडिओ 

*मनोरंजन ,कॉमेडी के विडिओ 

*जातियों के महापुरुषों की जीवनी के विडिओ 

*धार्मिक ,सामाजिक त्योहार व  जुलूस के विडिओ