मुक्ति धाम नाहरगढ़ (सितामऊ)के लिए
समाज सेवी डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा
4 सिमेन्ट बेंच समर्पित
काव्यात्मक छंद
छंद 1 नाहरगढ़ मुक्ति धाम में, हरियाली का विस्तार। राकेशजी पँवार प्रबंधक, कर रहे सतत संभार।। ब्रिजराज सिंह सरपंच सजग, संरक्षक बनकर खड़े। दानदाता आलोकजी, बेंचें चार यहाँ चढ़े।।
छंद 2 सीतामऊ की पावन भूमि, मुक्तिधाम महान। डॉ. दयाराम आलोक ने, किया जनहित दान।। दामोदर अस्पताल से, सहयोग निरंतर बहा। समर्पण की गाथा यह, समाज में दीपक रहा।।
छंद 3 शिलालेख में अंकित हुआ, दान का उज्ज्वल नाम। आलोकजी का पुण्य पथ, जग में करता है धाम।। प्रबंधक राकेशजी पँवार, श्रम से रचते रंग। सरपंच ब्रिजराज सिंह जी, सेवा में सदा उमंग।।
छंद 4 दान पथ आलोकजी का, प्रेरणा देता समाज। पेंशन राशि समर्पित कर, रचते सेवा का राज।। नाहरगढ़ का मुक्तिधाम, अब सुशोभित हुआ। जन-जन को सुविधा मिली, पुण्य पथ जग में छुआ।।
श्लोक -
दानं दयाराम आलोकस्य पुण्यं प्रशस्यते। मुक्तिधामे नाहरगढे बेंचाः चतुर्भिः समर्पिताः।।
समाजसेवी
डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।
व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।
निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।
पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
video Nahar garh mukti dham
डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 द्वारा मुक्ति धाम नाहरगढ़ हेतु दान सम्पन्न 12/9/2024
यूट्यूब विडिओ की प्लेलिस्ट -






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