17.5.23

मंशापूर्ण बालाजी मन्दिर धलपट -सुवासरा-मंदसौर-मध्य प्रदेश / /डॉ अनिल दामोदर पथरी का अस्पताल शामगढ़ द्वारा 5 सिमेन्ट बेंचें समर्पित

      मंशापूर्ण बालाजी मंदिर धलपट हेतु

समाज सेवी डॉ.दयाराम जी आलोक की तरफ से 

५ सीमेंट बेंचें समर्पित 


 धार्मिक,आध्यात्मिक संस्थानों मे दर्शनार्थियों के लिए सिमेन्ट की बैंचों की व्यवस्था करना महान पुण्य का कार्य है। दान की भावना को साकार करते हुए डॉ. दयाराम जी आलोक मध्य प्रदेश और राजस्थान के चयनित मुक्ति धाम और मंदिरों के लिए नकद दान के साथ ही सैंकड़ों सीमेंट की बेंचें भेंट करने के अनुष्ठान को गतिमान रखे हुए हैं।
 मंदसौर जिले की सुवासरा तहसील के के ग्राम धलपट मे सड़क किनारे स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर का हिन्दू समाज मे विशिष्ट स्थान है । शामगढ़ के अशोक जी सोलंकी टेलर के सुझाव पर बाल किशन जी पाटीदार की अनुमति से दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा से 5 सिमेन्ट की बेंचें समर्पित की गईं । समिति ने दान दाता का सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया .

मंशापूर्ण बालाजी मंदिर धलपट का विडियो आलोक की आवाज 

                

मंदिर के प्रांगण  मे सिमेन्ट की बेंचें लगीं 




मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के



मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान -पथ 

मित्रों ,
 परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
 मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी ६  वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं|

मंशापूर्ण बालाजी  मंदिर धलपट 

 5 सिमेन्ट की बेंच भेंट

दान पट्टिका स्थापित  20/8/2022 


मंशापूर्ण बालाजी मंदिर धलपट के परिसर मे बेंच लगीं 8/9/2022

मंशापूर्ण बालाजी मंदिर चौपाटी धलपट का विडियो 8/9/2022

मंशापूर्ण हनुमान मंदिर धलपट के शुभ चिन्तक 

अशोक जी सोलंकी टेलर 96854-12740  शामगढ़ की पहल 

मंदिर के अध्यक्ष बाल किशन जी पाटीदार 99262-66526  हैं 

पुजारी ईश्वर बैरागी 98993 48853 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  आत्मज  डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल  शामगढ़ 98267-95656   द्वारा मंशापूर्ण  हनुमान मंदिर धलपट  हेतु दान सम्पन्न 8/9/2022
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मुक्ति धाम नई आबादी गरोठ: मानव का अंतिम विश्राम :दामोदर का आसन दान ;आगंतुक सुविधा सम्मान

जहाँ रूह को मिले शांति, वहीं डॉ. आलोक ने दिया सम्मान; एक प्रेरणादायी बदलाव।
"जीवन का अंतिम सत्य 'मृत्यु' है, लेकिन जहाँ सांसें थम जाती हैं, उस स्थान को सम्मान और शांतिपूर्ण वातावरण देना एक पुनीत कार्य है।  गरोठ  के मुक्ति धाम की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। इस वीडियो में देखिए, कैसे डॉ. आलोक के विज़न और समर्पित योगदान से मुक्ति धाम एक सुंदर, शांत और व्यवस्थित स्थल (Mukti Dham Beautification) में बदला गया है। यहाँ सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं हुआ, बल्कि अंतिम यात्रा पर आने गरोठ   के मुक्ति धाम का 'पहले और अब' का नजारा। डॉ. आलोक द्वारा की गई अनूठी पहल और विकास कार्य। पर्यावरण के अनुकूल और व्यवस्थित अंतिम संस्कार की व्यवस्था। समुदाय के लिए एक प्रेरणादायक कहानी। मानवता और सम्मान का यह अनूठा प्रयास हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है।

गरोठ  नगर के पंथवारिया  मार्ग वाले मुक्ति धाम हेतु 

डॉ . दयाराम जी आलोक द्वारा 

8 सिमेन्ट बेंच भेंट 

गरोठ अंग्रेजी हुकूमत के जमाने मे डिविजन (संभाग) हुआ करता था | सरकारी महकमे की बड़ी इमारते आज भी गरोठ के शानदार अतीत का गुण गान कर रही प्रतीत होती हैं| लेकिन समय गुजरता गया और गरोठ तरक्की की दौड़ मे पिछड़ता गया|अब यह शहर विकास के मार्ग पर पुन: चल पड़ा है| बोलिया रोड पर औधयोगिक क्षेत्र मे कई फेक्टरियाँ विकसित हो गई हैं |
गरोठ मे मुख्यत:दो मुक्ति धाम हैं| पंथवारिया मार्ग पर स्थित मुक्ति धाम एक बड़े भू भाग पर मौजूद है| चंद्र शेखर जी गुरुजी प्रबंधन संभाल रहे हैं| मुक्तिधाम मे लोगों की बैठने की सुविधा उन्नत करने के परिप्रेक्ष्य मे समाज सेवी डॉ . दयाराम जी आलोक ने अपने आध्यात्मिक दान अनुष्ठान के अंतर्गत इस मुक्ति धाम के लिए डॉ . अनिल कुमार राठौर दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ के माध्यम से 8 सिमेन्ट की बेंच समर्पित की हैं!समिति ने आभार व्यक्त किया!

 मुक्तिधाम में दान की बेंचे                     


             
   

                                         
                              

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के



मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक

शामगढ़ का

आध्यात्मिक  दान- पथ

 कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से साहित्य मनीषी  डॉ.दयाराम आलोकजी  राजस्थान और मध्यप्रदेश के  आगर,मंदसौर,नीमच ,झालावाड़ ,कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्ति धाम में निर्माण व विकास  हेतु नकद और  आगंतुकों के बैठने  हेतु  सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
 आलोकजी  एक  सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ  आध्यात्मिक दान-पथ  पर अग्रसर हैं . इसमे वो राशि भी शामिल है जो  आपको  google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| आपकी  ६ वेबसाईट पर google  विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% आपको मिलता है|  समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें  पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.

गरोठ के पंथवारिया मुक्तिधाम को 
8  सीमेंट बेन्च समर्पित 

गरोठ पन्थवारिया मुक्ति धाम का विडियो रमेश जी राठौर की आवाज 




मुक्तिधाम के शुभचिंतक -

मुक्ति धाम के मुख्य प्रबंधक चन्द्र शेखर जी ९८९३३-४६८९६  

नन्दराम जी सोलंकी ७०४९९-४७३१२ गरोठ  

दिनेश  जी सोलंकी ९८२६५-५७५३४  
 

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656  द्वारा  गरोठ के मुक्तिधाम हेतु दान सम्पन्न 
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15.5.23

मुक्तिधाम संजीत:जहां थमती है साँसे वहाँ डॉ .आलोक का पुण्य दान : बेंच व्यवस्था अभिराम :आगंतुक सुविधा विश्राम :Muktidham Sanjit

मुक्ति धाम संजीत , तहसील मल्हारगढ़ ,जिला मंदसौर में

 दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  द्वारा 

7  सीमेंट बैंच लगवाई गई

कविता -

जहाँ थमती है साँसों की डगर,  

वहाँ खिली करुणा की अमर लहर।  

संजीत के मुक्ति धाम में आज,  

दान का दीप जला है समाज।  


सात बेंचें बनीं श्रद्धा का प्रतीक,  

बैठक व्यवस्था हुई अब अद्वितीय।  

भंवर लाल चौहान का समर्पण महान,  

डॉ. आलोक का पुण्य दान।  


चम्बल तट पर हरियाली मुस्काए,  

श्रद्धालु अब शांति से ठहर पाए।  

दान पट्ट पर अंकित हुआ नाम,  

समिति ने किया दानदाता का सम्मान।  

श्लोक- 

दानं पुण्यं महादेयं, लोकहिताय समर्पितम्।  

आलोकस्य महात्मनः, बेंच सप्तकं प्रदत्तम्॥  


मुक्तिधामे सदा शान्तिः, हरिताली शोभिता।  

जनसेवा परं धर्मः, आलोकस्य महादया॥  



                                   

 मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान--पथ 


डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।


संजीत के मुक्ति धाम के लिए
 7  सिमेन्ट की बेंच भेंट. 



संजीत गाँव के  मुक्ति धाम का विडियो भंवर लाल जी चौहान ने भेजा 


भँवर लाल जी चौहान का आभार-पत्र 


संजी मुक्ति धाम के शुभ चिंतक 

भँवर लाल जी चौहान टेलर 95751-15303

भगवती प्रसाद जी चौहान  

कन्हैया लाल जी चोहान टेलर 
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डग का गायत्री मंदिर:सड़क किनारे मंगल धाम :डॉ . आलोक बेंच दान :भक्तों को सुविधा सम्मान :Gayatri Dag


  माँ गायत्री शक्ति पीठ स्थान डग जिला झालावाड  हेतु 

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ द्वारा 

सीमेंट बैंच-व्यवस्था   

   कविता -

दान-पथ आलोक का उज्ज्वल, श्रद्धा का दीप प्रज्वलित, गायत्री पीठ डग में बेंचें, भक्तों हेतु सुख-सुविधा निर्मित।

आचार्य शर्मा के उपदेश, मानवता का अमृत संदेश, नैतिकता, आध्यात्मिकता, जीवन का सच्चा परिवेश।

सेवानिवृत्ति का संकल्प महान, पेंशन समर्पित जनकल्याण, मंदिर, गौशाला, मुक्ति धाम, आलोक जी का अनुपम दान।

तकनीक से सेवा का संगम, ब्लॉग-यूट्यूब से पुण्य प्रसंग, 151 संस्थानों में योगदान, समाजसेवा का अद्भुत रंग।

शिलालेख पर अंकित प्रेरणा, दान-पथ की उज्ज्वल चेतना, जन-कल्याण का दीप प्रज्वलित, आलोक जी का अमर साधना।

गायत्री पीठ डग में आज, श्रद्धा का अनुपम है राज, बेंचों पर बैठे भक्त सभी, अनुभव करें शांति का साज।

श्लोक-

दानं धर्मस्य मूलं हि, सेवा जीवनसाधनम् । आलोकस्य कृपायुक्तं, जनहिताय समर्पितम् ॥ गायत्र्याः शक्तिपीठे च, भक्तानां सुखवर्धनम् । बञ्चकं समर्पितं तेन, पुण्यकर्म निरन्तरम् ॥ नैतिकता च आध्यात्म्यं, आचार्यवाक्यसंयुतम् । युगान्तराय मार्गदर्शं, मानवत्वप्रबोधकम् ॥





आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचारों और उपदेशों को विश्वभर में प्रचारित करने के लिए गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आचार्य शर्मा के युगांतकारी विचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना न केवल भारत में बल्कि विश्व के अनेक देशों में की गई है, जो आचार्य शर्मा के विचारों की वैश्विक प्रासंगिकता और महत्ता को दर्शाता है। इन पीठों के माध्यम से लोगों को आचार्य शर्मा के विचारों से परिचित कराने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है।
आचार्य रामचन्द्र शर्मा के विचार आधुनिक समय में भी प्रासंगिक हैं और लोगों को जीवन के सही मूल्यों और आदर्शों की ओर दिशा देते हैं। उनके उपदेशों में आध्यात्मिकता, नैतिकता, और मानवता के मूल्यों का समावेश है, जो विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
गायत्री शक्ति पीठों की स्थापना आचार्य शर्मा के विचारों को जीवंत रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कार्य है
                              



समाजसेवी 

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान -पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा:
उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।
  

डग के गायत्री शक्तिपीठ मंदिर  हेतु
 
 8 सीमेंट बेंच भेंट 

गायत्री शक्ति पीठ डग का विडिओ आलोक की आवाज 


  गायत्री शक्ति पीठ डग में मुख्य द्वार के पास दान -पट्टी का दृश्य   





  

मनीषजी प्रेमी अध्यापकजी -99285-87850 डग की  प्रेरणा

मोहन लाल जी  जोशी  ने  दान की अनुमति  दिलाई 

 सुरेशजी पँवार डग 97995-70000 का सहयोग 

गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य प्रबन्धक नंदलाल जी शर्मा गुरुजी हैं

डॉ.अनिल कुमार दामोदर  s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ 98267-95656 शामगढ़ द्वारा गायत्री शक्ति पीठ ,डग हेतु दान सम्पन्न 
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14.5.23

मुक्ति धाम आवर -झालावाड़-राजस्थान /डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा ८ सिमेन्ट बेंचें भेंट

आवर का मुक्तिधाम

आहू नदी की गोद में बसा, झालावाड़ का प्राचीन नगर, हरे-भरे वृक्षों की छाया में, मुक्तिधाम है शांति का सागर।

कपिलजी पँवार का सहयोग महान, दान अभियान को किया गतिमान जगदीशजी पँवार की सक्रियता से , दान पट्ट हुआ यहाँ स्थापित।

डॉ. आलोक, डॉ. अनिल, रमेशजी का सत्कार, नगर के प्रबुद्ध जनों ने किया दमदार फोटोग्राफी में बंधे क्षण अमर, दानशीलता का हुआ सुंदर स्वर।

आवर के मुक्तिधाम में बेंचें नई, आगंतुकों को मिली सुविधा सही। दामोदर पथरी अस्पताल का योगदान, शामगढ़ नगर का आध्यात्मिक दान।

श्लोक-

आहूनदीतीरे रम्ये मुक्तिधामे शुभं स्थले । कपिल-जगदीश-पँवारयोः दानं पुण्यवर्धनम् ॥ डॉ. आलोक-डॉ. अनिल-रमेशैः सत्कारिताः सदा । दानपथेन शोभन्ते, शामगढस्य महादया ॥ 

राजस्थान के झालावाड़ जिले का एक प्राचीन कस्बा है -आवर 

यह कस्बा आहू नदी   से घिरा हुआ है । 

नगर का मुक्तिधाम एक किलोमीटर की दूरी पर है। 

राजस्थान  मे मुक्तिधाम का प्रबंधन  सरपंच के माध्यम  से होता है। 

मुक्तिधाम मे हरे भरे वृक्षों से शांति का एहसास होता है। 

कपिल जी पँवार ने मुक्तिधाम मे मेरे बेंच दान अभियान मे सहयोग किया 

समर्थ लोगों को मुक्तिधाम के लिए सहयोग करने हेतु दान दाता का दान पट्ट  मुक्तिधाम मे स्थापित कर दिया है।

नगर के प्रबुद्ध जनों ने डॉ .आलोक  ,डॉ . अनिल दामोदर और रमेशजी आशुतोष  का स्वागत किया और फोटोग्राफी  की । 

      आवर जिला झालावाड़ के मुक्तिधाम में  दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़  की दान पट्टी  




                                       

मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम  जिलों  के


मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

साहित्य मनीषी

डॉ.दयाराम जी आलोक



शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान -पथ 

साथियों,

शामगढ़ नगर अपने दानशील व्यक्तियों के लिए जाना जाता रहा है| शिव हनुमान मंदिर,मुक्तिधाम ,गायत्री शक्तिपीठ आदि संस्थानों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए यहाँ के नागरिकों ने मुक्तहस्त दान समर्पित किया है|
परमात्मा की असीम अनुकंपा और कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से डॉ.दयारामजी आलोक द्वारा आगर,मंदसौर,झालावाड़ ,कोटा ,झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्तिधाम में निर्माण/विकास / बैठने हेतु सीमेंट बेंचें/ दान देने का अनुष्ठान प्रारम्भ किया है|
मैं एक सेवानिवृत्त अध्यापक हूँ और अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने का संकल्प लिया है| इसमे वो राशि भी शामिल रहेगी जो मुझे google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| खुलासा कर दूँ कि मेरी 6 वेबसाईट हैं और google उन पर विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% मुझे मिलता है| यह दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं| 



आवर  के मुक्तिधाम हेतु 


8  सीमेंट बेंच भेंट) 

  आवर के मुक्तिधाम का विडियो                                     

कंवरलाल जी दर्जी आवर के दाह संस्कार मे सीमेंट बेंच पर बैठे लोग
                            

                                                                   आभार-पत्र


कपिलजी पँवार और जगदीशजी पँवार ने मुक्तिधाम के लिए सहयोग और प्रेरणा दी।

डॉ. आलोक, डॉ. अनिल और रमेशजी के स्वागत से नगर में दानशीलता का वातावरण बना।

दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ की दान पट्टी ने इस अभियान को स्थायी स्मृति दी

डॉ.अनिल कुमार दामोदर s/o डॉ.दयाराम जी आलोक 99265-24852 ,दामोदर पथरी अस्पतालशामगढ़ 98267-95656  द्वारा आवर के मुक्ति धाम हेतु दान सम्पन्न 
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 *मुक्ति धाम आगर -मालवा/मोती सागर तालाब बम्बई घाट/ डॉ.दयाराम आलोक शामगढ़ द्वारा 10 सिमेन्ट बेंच दान