लूका का खेड़ा के शिव-हनुमान मंदिर में सेवा का दिव्य संगम
मंदसौर जिले की गरोठ तहसील का एक पावन ग्राम है - लूका का खेड़ा। यही ग्राम अपनी आध्यात्मिक आभा के कारण सनातन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहाँ स्थित शिव-हनुमान मंदिर में भगवान शिव और पवनपुत्र हनुमान जी की मनमोहक, आकर्षक प्रतिमाएँ विराजमान हैं, जिनके दर्शन मात्र से भक्तों के मन में अटूट विश्वास और शांति का संचार होता है।
लुका का खेड़ा ग्राम पावन,
शिव-हनुमान मंदिर का धाम।
प्रतिमाएँ मनमोहक शोभित,
भक्तों के मन में जगाती विश्वास तमाम।
इस मंदिर को और अधिक भक्त-हितैषी बनाने की दिशा में एक सुंदर पहल हुई। मंदिर प्रबंधक श्री तूफान सिंह जी ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम हेतु बेंच व्यवस्था का अनुरोध किया। उनकी इस प्रेरणा को विस्तार दिया आध्यात्मिक कार्यकर्ता श्री गोरधन जी पंवार के सहयोग ने, जिन्होंने समाजसेवा के इस कार्य को जन-जन तक पहुँचाया।
इस पावन पुकार को सुनकर समाजसेवी, सेवानिवृत्त अध्यापक डॉ. दयाराम जी आलोक ने अपनी आध्यात्मिक दान-पथ की यात्रा के अंतर्गत इस मंदिर में दिव्य योगदान दिया।
दान का विवरण इस प्रकार है -
दिनांक 12/02/2023 को डॉ. आलोक जी द्वारा रु. 1500/- (200+1300) की राशि फोनपे के माध्यम से श्री उमराव सिंह जी चौहान के खाते में प्रेषित की गई, तथा दिनांक 16/02/2023 को भक्तों के बैठने हेतु 3 सीमेंट बेंचों का दान सम्पन्न किया गया। इस सेवा-भावना को चिरस्थायी बनाने हेतु मंदिर परिसर में दानदाता का शिलालेख / दान-पट्ट स्थापित किया गया है।
दानं धर्मस्य मूलं हि,
सेवा लोकहिताय च।
तूफान-गोरधन-संयुक्तं,
आलोकस्य कृपा सदा॥
यह दान केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं है। यह डॉ. आलोक जी के उस विराट आध्यात्मिक दान-पथ का एक हिस्सा है, जो कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से प्रारंभ हुआ है। इस संकल्प के अंतर्गत वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को दान करने के व्रत पर अग्रसर हैं। इसमें उनकी 6 वेबसाइटों पर Google द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों से प्राप्त होने वाली आय का 68% हिस्सा भी समाहित है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के आगर, मंदसौर, नीमच, झालावाड़, कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों, गौशालाओं एवं मुक्तिधामों के निर्माण व विकास हेतु वे नकद राशि एवं सीमेंट बेंचें दान कर रहे हैं। यह समस्त पुण्य समायोजित दान उनके सुपुत्र डॉ. अनिल कुमार राठौर, दामोदर पथरी अस्पताल, शामगढ़ के नाम से समर्पित हो रहा है।
मंदिर तक कैसे पहुँचें?
लूका का खेड़ा पहुँचना अत्यंत सुगम है। यहाँ के लिए गरोठ और शामगढ़ से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। पावटी मार्ग से भी मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
यह लेख केवल एक दान की कथा नहीं, बल्कि यह बताता है कि कैसे एक छोटा सा सहयोग भी भक्ति और सेवा को कैसे अनुपम आयाम दे देता है।
✍️ काव्यात्मक विवरण
लुका का खेड़ा ग्राम पावन, शिव-हनुमान मंदिर का धाम। प्रतिमाएँ मनमोहक शोभित, भक्तों के मन में जगाती विश्वास तमाम।
तूफान सिंह जी की प्रेरणा, दान हेतु उठी पुकार। गोरधनजी टेलर का सहयोग, समाजसेवा का अद्भुत विस्तार।
डॉ. आलोक का पुण्य योगदान, तीन बेंचें संग नकद दान। उमराव सिंह जी के खाते पहुँची, भक्ति-सेवा की अनुपम पहचान।
शिलालेख में अंकित नाम, समर्पण का उज्ज्वल आयाम। बसों से पहुँचना सुगम यहाँ, गरोठ-शामगढ़ से खुला मार्ग महान।
श्लोक-
दानं धर्मस्य मूलं हि,
सेवा लोकहिताय च।
तूफान-गोरधन-संयुक्तं,
आलोकस्य कृपा सदा॥
मंदसौर जिले की गरोठ तहसील का ग्राम लुका का खेड़ा
ग्राम मे स्थित शिव हनुमान मदिर सनातन धर्मावलंबियों का आस्था- केंद्र है
मंदिर मे भगवान शिव और हनुमान जी कि आकर्षक प्रतिमाएं देखते ही बनती है।
मंदिर प्रबंधक तूफान सिग जी ने भक्तों के लिए बैंच व्यवस्था का अनुरोध किया
समाज सेवी डॉ दयाराम जी आलोक ने उमराव सिंगजी केअकाउंट मे 1500/- phonepe किए और 3 सिमेन्ट बैच का दिव्य योगदान किया ।
मंदिर प्रबंधक जी ने अन्य समर्थ जन को दान के लिए प्रेरित करने के भाव से दान दाता का दान पट्ट स्थापित किया
मंदिर पहुँचने के लिए गरोठ और शामगढ़ से बसें उपलब्ध रहती हैं ।
मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के
मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु
समाजसेवी
डॉ.दयाराम जी आलोक
शामगढ़ का
आध्यात्मिक दान- पथ
कुलदेवी माँ नागणेचिया के आशीर्वाद और प्रेरणा से साहित्य मनीषी डॉ.दयाराम आलोकजी राजस्थान और मध्यप्रदेश के आगर,मंदसौर,नीमच ,झालावाड़ ,कोटा और झाबुआ जिलों के चयनित मंदिरों और मुक्ति धाम में निर्माण व विकास हेतु नकद और आगंतुकों के बैठने हेतु सीमेंट की बेंचें दान देने का अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं.
आलोकजी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और वे अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि दान करने के संकल्प के साथ आध्यात्मिक दान-पथ पर अग्रसर हैं . इसमे वो राशि भी शामिल है जो आपको google कंपनी से नियमित प्राप्त होती रहती है| आपकी ६ वेबसाईट पर google विज्ञापन प्रकाशित करता है| विज्ञापन से होने वाली आय का 68% आपको मिलता है| समायोजित दान राशि और सीमेंट बेंचें पुत्र डॉ.अनिल कुमार राठौर "दामोदर पथरी अस्पताल शामगढ़ "के नाम से समर्पित हो रही हैं.



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