20.5.26

मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग :जहां रूह को शांति मिले वहाँ आलोकजी का सुन्दर योगदान :दागियों को सुविधा सम्मान :Muktidham bus stand dag


ग नगर का मुक्तिधाम,

शांति, सुकून का पावन धाम।

हरे-भरे वृक्षों की छाया,

मन को देती निर्मल माया॥


डगेश्वरी माता की कृपा,

नगर में फैली शुभ तपस्या।

दान-पथ पर आलोक जी चले,

सेवा से जीवन को उजले॥


सीमेंट बेंचें, सुविधाएँ न्यारी,

जन-कल्याण की छवि है प्यारी।

पेंशन को समाज हेतु समर्पित,

मानवता का दीपक प्रज्वलित॥


मंदसौर, नीमच, रतलाम में,

दान की गूँज हर धाम में।

गौशालाएँ, मंदिर, मुक्तिधाम,

आलोक जी का अनुपम काम॥


दान पट्टिका से प्रेरणा फैली,

समाज सेवा की राह निकली।

सच्चा दान वही कहलाए,

जो जनहित में फलित हो जाए॥

श्लोक -

दानं धर्मस्य मूलं हि, सेवा जीवन शोभना।

आलोकस्य करुणा ज्योति, जनहिताय समर्पिता॥


मंदसौर,झालावाड़ ,आगर,नीमच,रतलाम जिलों के

मन्दिरों,गौशालाओं ,मुक्ति धाम हेतु

समाजसेवी

डॉ.दयाराम जी आलोक


शामगढ़ का

आध्यात्मिक दान पथ

डॉ. दयाराम जी आलोक द्वारा किए जा रहे 'आध्यात्मिक दान-पथ' के अंतर्गत उनके कार्यों और दान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का संकल्प: डॉ. आलोक जी एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी 5 वर्ष की कुल पेंशन राशि को समाज कल्याण और जन-सुविधा के कार्यों में समर्पित करने का संकल्प लिया है।

व्यापक सेवा का दायरा: उनका यह दान-पथ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंदसौर, आगर, नीमच, झालावाड़, रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों के मंदिरों, मुक्ति धामों (श्मशान घाट) और गौशालाओं के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

सुविधा-केंद्रित दृष्टिकोण: वे उन मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आम जनता और आगंतुकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं। मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों पर सीमेंट की बेंचें दान करना ताकि वृद्धों और यात्रियों को बैठने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान मिल सके, उनके दान की एक प्रमुख विशेषता है।

स्व-वित्तपोषित मॉडल: उनका यह दान अनुष्ठान पूरी तरह से उनकी पेंशन और डिजिटल प्रयासों पर आधारित है। इसमें उनकी स्वयं की राशि के साथ-साथ वह आय भी सम्मिलित है, जो उन्हें गूगल कंपनी से उनके ब्लॉग और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से प्राप्त होती है। इस प्रकार, वे तकनीक का उपयोग परोपकार के लिए कर रहे हैं।

निरंतरता और व्यापक प्रभाव: उनका कार्य केवल एक-दो बार का दान नहीं है। उन्होंने अब तक 151 से अधिक संस्थानों में बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रंग-रोगन आदि के कार्यों में अपना योगदान दिया है।

पारदर्शिता और प्रेरणा: दान के प्रति समाज में जागरूकता लाने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए, वे दान की गई वस्तुओं पर शिलालेख भी लगवाते हैं। यह कार्य न केवल दानदाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, बल्कि अन्य सक्षम लोगों को भी जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है।

 डग के बस स्टेंड स्थित मुक्तिधाम हेतु



15000 हजार  रुपये नकद + 6 सीमेंट बेन्च

मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग का विडिओ आलोक की आवाज 




मुक्ति धाम बस स्टैन्ड डग का विडिओ आलोक की आवाज 


डग के बस स्टैंड वाले मुक्ति धाम का विडियो आलोक की आवाज में 

                                                            




सौरभ कुमार जी पँवार ९७९९५-७०००० डग की पहल

राधेशाम जी पँवार टेलर डग 

मुक्तिधाम का प्रबंधन रोहित जी जैन करते हैं.


 


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